ग्वालियर में एमपी ट्रांसको ने 220 केवी लाइन शिफ्ट की
इंदौर 26 अक्टूबर,2026। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने ग्वालियर के रामौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र के समीप से गुजरने वाली
इंदौर 26 अक्टूबर,2026। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने ग्वालियर के रामौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र के समीप से गुजरने वाली महत्वपूर्ण 220 केवी महलगांव(ग्वालियर)-दतिया ट्रांसमिशन लाइन की शिफ्टिंग का कार्य पूरा कर लिया है। यह काम ग्वालियर की विद्युत आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए किया गया है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि पुरानी ट्रांसमिशन लाइन रामौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र के नजदीक से गुजरती थी। मानसून के दौरान जब पानी का स्तर बढ़ता था, तब विद्युत लाइन के कंडक्टर के पानी के संपर्क में आने की आशंका रहती थी। इस संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का फैसला लिया गया और अब यह कार्य पूरा कर लिया गया है।
श्री तोमर के मुताबिक, एमपी ट्रांसको की इस सक्रिय पहल से मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ने के कारण कंडक्टर के पानी के संपर्क में आने से उत्पन्न हो सकने वाले विद्युत व्यवधान की आशंका को दूर करने में मदद मिली है। समय रहते पूरा किया गया यह काम ग्वालियर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि लाइन को नए मार्ग पर ले जाने से संबंधित ट्रांसमिशन लाइन की विश्वसनीयता भी बढ़ी है। इस बदलाव के जरिए रामौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र से जुड़ी संभावित समस्या से लाइन को सुरक्षित किया गया है।
मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस के मुख्य अभियंता श्री दीपक कुमार अग्रवाल ने कार्य से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिफ्टिंग के तहत पुरानी ट्रांसमिशन लाइन के 8 टावर हटाए गए। इन टावरों से संबंधित लाइन की लंबाई 2.860 किलोमीटर थी।
पुराने टावर हटाने के बाद उनके स्थान पर 10 नए टावर स्थापित किए गए। इन नए टावरों के जरिए 3.406 किलोमीटर लंबाई की लाइन तैयार की गई। इस तरह लाइन के मार्ग में जरूरी बदलाव किया गया और उसे डैम के बैकवॉटर क्षेत्र के कारण पैदा हो सकने वाली संभावित परेशानी से बचाया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एमपी ट्रांसको ने कौन सी ट्रांसमिशन लाइन शिफ्ट की?
एमपी ट्रांसको ने ग्वालियर की 220 केवी महलगांव-ग्वालियर-दतिया ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट किया।
ट्रांसमिशन लाइन को क्यों शिफ्ट किया गया?
पुरानी लाइन रामौआ डैम के बैकवॉटर क्षेत्र के पास से गुजरती थी। मानसून में जलस्तर बढ़ने पर कंडक्टर के पानी के संपर्क में आने और बिजली बाधित होने का खतरा था।
लाइन शिफ्टिंग से ग्वालियर को क्या फायदा होगा?
इससे ग्वालियर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति सुरक्षित और निर्बाध रखने में मदद मिलेगी। लाइन की विश्वसनीयता भी बढ़ी है।
शिफ्टिंग के दौरान कितने टावर हटाए और लगाए गए?
पुरानी लाइन के 8 टावर हटाकर उनकी जगह 10 नए टावर लगाए गए। पुरानी लाइन 2.860 किलोमीटर और नई लाइन 3.406 किलोमीटर लंबी है।
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