ग्वालियर में निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल की छत गिरी, चार मजदूर घायल
ग्वालियर में निर्माणाधीन CM राइज स्कूल की पहली मंजिल की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में वहां काम कर रहे 4 मजदूर घायल हो गए। सभी घायलों को जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
ग्वालियर में निर्माणाधीन CM राइज स्कूल की पहली मंजिल की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में वहां काम कर रहे 4 मजदूर घायल हो गए। सभी घायलों को जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि चारों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हादसा कम्पू थाना क्षेत्र में नेहरू पार्क के सामने स्थित CM राइज शासकीय पदमाराजे कन्या विद्यालय परिसर में हुआ। सोमवार को स्कूल की निर्माणाधीन बिल्डिंग की पहली मंजिल की छत डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान छत का एक हिस्सा अचानक ढह गया। छत गिरते ही निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
यह हादसा स्कूल की छुट्टी के दिन हुआ। इसलिए परिसर में छात्र-छात्राएं मौजूद नहीं थे। बच्चों की गैरमौजूदगी के कारण एक बड़ा खतरा टल गया। अगर हादसे के समय स्कूल में बच्चे मौजूद होते, तो दुर्घटना और गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद सरकारी स्कूल में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रदेश सरकार की CM राइज योजना के तहत पदमाराजे कन्या विद्यालय परिसर में दो मंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा है। सोमवार को इसी भवन की पहली मंजिल की छत डालने का काम चल रहा था। बताया गया है कि छत के एक हिस्से की ढलाई पूरी हो चुकी थी। वहीं, दूसरे हिस्से में ढलाई के लिए पंप की मदद से निर्माण सामग्री पहुंचाई जा रही थी।
इसी दौरान निर्माणाधीन छत सामग्री का भार नहीं सह सकी और उसका एक हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। जिस समय छत का हिस्सा गिरा, उस समय नीचे कुछ मजदूर काम कर रहे थे। अचानक मलबा गिरने से कुछ मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। नगर निगम का दमकल अमला और SDRF की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। मलबे में मजदूरों के दबे होने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव की कार्रवाई शुरू की गई। मौके पर मौजूद टीमों ने मलबे में तलाश की और दबे हुए मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की।
हालांकि, बताया गया कि मलबे में दबे मजदूर अपनी सूझबूझ से खुद ही बाहर निकल आए थे। इसके बाद SDRF की टीम ने भी मलबे में तलाश की। टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि कहीं कोई दूसरा व्यक्ति तो मलबे के नीचे नहीं दबा है। जब किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की पुष्टि नहीं हुई, तो रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया।
हादसे में घायल चारों मजदूरों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। उन्हें जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। फिलहाल सभी मजदूरों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे में चार मजदूरों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद निर्माण कार्य कराने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, छत पर पंप के जरिए निर्माण सामग्री पहुंचाई जा रही थी। इसके बाद दूसरे हिस्से की ढलाई की तैयारी की जा रही थी। इसी प्रक्रिया के दौरान छत का एक हिस्सा ढह गया।
निर्माण स्थल पर मजदूरों के लिए जरूरी सुरक्षा संसाधन मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आई है। अगर जांच में यह जानकारी सही पाई जाती है, तो इसे निर्माण स्थल पर सुरक्षा प्रबंधन में गंभीर चूक का मामला माना जा सकता है। हालांकि, अभी तक छत गिरने की वास्तविक वजह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है।
जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि हादसा निर्माण सामग्री के अधिक भार की वजह से हुआ या शटरिंग की कमजोरी के कारण। इसके अलावा तकनीकी खामी और निर्माण प्रक्रिया में किसी दूसरी चूक की संभावना की भी जांच की जानी है। फिलहाल इनमें से किसी भी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस हादसे ने सरकारी स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता, मजदूरों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस परिसर में बच्चों के भविष्य के लिए बेहतर स्कूल भवन तैयार किया जा रहा था, उसी परिसर में निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठना चिंता की बात है।
अब जांच में यह स्पष्ट किया जाना है कि इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी किस एजेंसी के पास थी। यह भी देखा जाएगा कि छत की ढलाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। इसके साथ ही निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले अधिकारियों ने मौके पर क्या व्यवस्था की थी, इसकी भी जांच की जानी है।
फिलहाल पुलिस, नगर निगम के दमकल अमले और SDRF की कार्रवाई के बाद किसी अन्य व्यक्ति के मलबे में दबे होने की पुष्टि नहीं हुई है। चार घायल मजदूरों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। हादसे के आधिकारिक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
जांच के नतीजों से ही यह साफ होगा कि यह महज तकनीकी दुर्घटना थी या निर्माण कार्य में लापरवाही की वजह से हादसा हुआ। साथ ही यह भी सामने आएगा कि निर्माण एजेंसी और निगरानी से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी क्या थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्वालियर में हादसा कहां हुआ?
हादसा कम्पू थाना क्षेत्र में नेहरू पार्क के सामने स्थित CM राइज शासकीय पदमाराजे कन्या विद्यालय परिसर में हुआ।
हादसे में कितने मजदूर घायल हुए?
निर्माणाधीन स्कूल की छत गिरने से चार मजदूर घायल हुए।
घायल मजदूरों का इलाज कहां चल रहा है?
सभी घायल मजदूरों को जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हादसे के समय स्कूल में बच्चे मौजूद थे क्या?
नहीं, हादसा स्कूल की छुट्टी के दिन हुआ था, इसलिए परिसर में छात्र-छात्राएं मौजूद नहीं थे।
छत गिरने की वजह क्या थी?
छत गिरने की वास्तविक वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है। जांच में निर्माण सामग्री के ज्यादा भार और शटरिंग की कमजोरी समेत दूसरे पहलुओं को देखा जाएगा।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
शामली में परिवार पर जानलेवा हमले का आरोप, दो महिलाएं गंभीर
- 2
54वें विशाल कुश्ती दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम, काजल बनीं महिला केसरी और …
- 3
श्रावस्ती में बड़ा फेरबदल, कई अफसरों के बदले प्रभार
- 4
हाथरस के ऐहन गांव में ठाकुर जी मेले पर सजा कुश्ती दंगल
- 5
महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है शहडोल का शमी वृक्ष
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।