ग्लोबल फार्मा कंपनियां चीन के बायोटेक में कर रहीं बड़ा निवेश
ग्लोबल फार्मा कंपनियां चीनी बायोटेक में निवेश कर रहीं, इनोवेशन और वैल्यूएशन ग्रोथ पर फोकस ग्लोबल फार्मा कंपनियां चीनी बायोटेक सेक्टर में कर रहीं बड़ा निवेश दुनिया की बड़ी फार्मा कंपनियां तेजी से चीन
ग्लोबल फार्मा कंपनियां चीनी बायोटेक सेक्टर में कर रहीं बड़ा निवेश
दुनिया की बड़ी फार्मा कंपनियां तेजी से चीन के बढ़ते बायोटेक सेक्टर में निवेश कर रही हैं। इनका मकसद है इनोवेशन का फायदा उठाना और वैल्यूएशन ग्रोथ को बढ़ावा देना। इस ट्रेंड पर हांगकांग में शनिवार को खत्म हुए ग्लोबल हेल्थ समिट में चर्चा हुई। समिट में इंडस्ट्री के बड़े लीडर्स ने इन साझेदारियों की अहमियत पर जोर दिया।
इनोवेशन और कोलैबोरेशन पर जोर
समिट में स्पीकर शू ने कहा कि विदेशी फार्मा कंपनियां अब उन चीनी कंपनियों को टारगेट कर रही हैं, जिनकी इनोवेशन कैपेबिलिटी मजबूत है। साथ ही, वे लोकल पार्टनर्स के साथ गहरे कोलैबोरेशन पर काम कर रही हैं। इन्वेस्टमेंट से चीनी बायोटेक कंपनियों को ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने में मदद मिलेगी। शू ने पैनल डिस्कशन के दौरान कहा, "यह इन्वेस्टमेंट चीनी कंपनियों को बढ़ने में मदद करेगा और उन्हें ग्लोबल स्टेज पर मुकाबला करने के लिए तैयार करेगा।"
एक बड़ा उदाहरण है एस्ट्राजेनेका और सीएसपीसी फार्मास्युटिकल ग्रुप का जॉइंट वेंचर। इस एग्रीमेंट के तहत एस्ट्राजेनेका 49% हिस्सेदारी रखेगी, जबकि बाकी शेयर सीएसपीसी के पास रहेंगे। शुरुआत में यह पार्टनरशिप ग्लोबल मार्केट के लिए प्रोडक्ट्स के मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई पर फोकस करेगी। भविष्य में प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने की भी योजना है।
जॉइंट वेंचर्स में दिखा स्ट्रैटेजिक बदलाव
जॉइंट वेंचर्स का बढ़ता ट्रेंड ग्लोबल एक्सपर्टीज और लोकल रिसोर्सेज को मिलाने के फायदों को दिखाता है। जैसे कि स्वीडन की वाउंड केयर और सर्जिकल प्रोडक्ट्स प्रोवाइडर मोल्नलाइके ने हाल ही में झेजियांग बेस्ड झेंडे मेडिकल के साथ पार्टनरशिप की है। यह कोलैबोरेशन उनके बिजनेस पोर्टफोलियो को मर्ज करने और नए प्रोडक्ट्स को को-डेवलप करने का लक्ष्य रखता है। यह दिखाता है कि क्रॉस-बॉर्डर पार्टनरशिप के जरिए इनोवेशन की कितनी संभावनाएं हैं।
क्यों है यह अहम
चीन का बायोटेक सेक्टर तेजी से बदल रहा है और ग्लोबल फार्मा कंपनियों के लिए यह पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाई करने और एडवांस रिसर्च का फायदा उठाने का बड़ा मौका है। इन साझेदारियों से न सिर्फ चीनी कंपनियों की कैपेबिलिटी बढ़ेगी, बल्कि उनकी इंटरनेशनल मार्केट में प्रतिस्पर्धा भी मजबूत होगी।
एस्ट्राजेनेका और मोल्नलाइके जैसे जॉइंट वेंचर्स के जरिए ग्लोबल और लोकल एक्सपर्टीज का इंटीग्रेशन प्रोडक्ट डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग में तेजी लाएगा। इससे चीन बायोटेक इनोवेशन का एक बड़ा हब बन सकता है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्लोबल फार्मा कंपनियां चीन के बायोटेक में क्यों निवेश कर रही हैं?
वे इनोवेशन का फायदा उठाने और वैल्यूएशन ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए निवेश कर रही हैं।
हांगकांग में हाल ही में कौन सा समिट हुआ था?
हांगकांग में ग्लोबल हेल्थ समिट हुआ था।
एस्ट्राजेनेका और सीएसपीसी फार्मास्युटिकल ग्रुप के बीच क्या समझौता हुआ है?
इस समझौते के तहत एस्ट्राजेनेका 49% हिस्सेदारी रखेगी और यह पार्टनरशिप प्रोडक्ट्स के मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई पर फोकस करेगी।
चीन का बायोटेक सेक्टर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह ग्लोबल फार्मा कंपनियों के लिए पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाई करने और एडवांस रिसर्च का फायदा उठाने का बड़ा मौका है।
जॉइंट वेंचर्स का बढ़ता ट्रेंड किस चीज़ को दर्शाता है?
यह ग्लोबल एक्सपर्टीज और लोकल रिसोर्सेज को मिलाने के फायदों को दर्शाता है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया
- 2
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन
- 3
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन
- 4
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत
- 5
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।