गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने की जनसुनवाई, सैकड़ों शिकायतें सुनीं
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया और जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता और
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया और जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्याओं से जुड़े प्रार्थना पत्र पेश किए और उनके निपटारे की उम्मीद जताई।
जनसुनवाई में खासतौर पर भूमि और संपत्ति पर अवैध कब्जा, राजस्व विवाद, भूमि से जुड़ी धोखाधड़ी, अवैध अतिक्रमण, सार्वजनिक सुविधाओं, पेंशन, राशन कार्ड, पानी की सप्लाई समेत कई विभागों से जुड़ी शिकायतें मिलीं। जिलाधिकारी ने हर शिकायत करने वाले की समस्या को ध्यान से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मामलों की नियम के मुताबिक जांच करने और तय समय में अच्छी गुणवत्ता वाला, असरदार और तेज निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राजस्व के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर ऐसा कहीं पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियम के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मैं मीडिया के जरिए सभी जनपदवासियों से भी अपील करूंगा कि अगर राजस्व समेत किसी भी मामले में आपको कोई परेशानी हो तो संबंधित उच्च अधिकारी से संपर्क करें। अगर शिकायत का अच्छी गुणवत्ता वाला निपटारा नहीं होता है तो एक बार जनसुनवाई में आकर मुझसे जरूर मिलें।
जिलाधिकारी महोदय की कार्यशैली की वजह से जनसुनवाई में सैकड़ों की संख्या में लोग आने लगे हैं और शिकायतों के अच्छी गुणवत्ता वाले निपटारे भी हुए हैं। जनसुनवाई के दौरान श्रीमती रीना पत्नी श्री रवि ने अपने मकान पर कब्जा मिलने की खुशी में जिलाधिकारी महोदय का आभार जताया और कार्यालय में मौजूद सभी लोगों को मिठाई काजू कतली खिलाई।
इसी के साथ श्री जयपाल ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने जिलाधिकारी महोदय से निवेदन किया था कि मैं एक सिक्योरिटी गार्ड हूं। मैंने चार महीने पहले एक कंपनी में काम किया था लेकिन अब वे लोग मेरी सैलरी नहीं दे रहे हैं। कृपया मेरी सैलरी दिलवा दीजिए। श्री जयपाल ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर सिर्फ कुछ ही दिनों में उनकी पूरी सैलरी उन्हें मिल गई। उन्होंने कहा कि मैं जिलाधिकारी महोदय को धन्यवाद देता हूं। शिकायतों के समाधान के बाद सभी लाभार्थियों ने आम जनता से भी अपील की कि अगर किसी को कोई समस्या हो तो एक बार डीएम साहब से जरूर मिलें।
जनसुनवाई के दौरान श्री धर्मवीर निवासी मोदीनगर ने जिलाधिकारी से अपनी समस्या को लेकर एक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए कहा कि महोदय जब से आप आए हैं तब से आपके द्वारा बार-बार मेरी मदद की जा रही है। महोदय कुछ परेशानियां और भी हैं, उनका भी निपटारा करने की कृपा करें।
जिलाधिकारी ने जब उनसे पूछा कि आपके घर में और कौन है, तो वृद्ध ने बताया कि चार पुत्रियों में से तीन की शादी हो गई है और एक पुत्र बालिग है और अभी पढ़ाई कर रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि आप अपनी पुत्री का विवाह सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के तहत करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप अपने पुत्र को लाना, हम उससे बात करके उसकी नौकरी भी लगवा देंगे, जिससे आपकी काफी परेशानियां कम हो जाएंगी। नौकरी की बात सुनते ही वृद्ध की आंखों में पानी आ गया और उन्होंने जिलाधिकारी महोदय का बार-बार धन्यवाद किया।
इसी के साथ जनसुनवाई में कई तरह के मामले आए और जिलाधिकारी महोदय द्वारा सभी मामलों को ध्यान से सुना गया। उन्होंने सभी के अच्छी गुणवत्ता वाले निपटारे के आदेश देते हुए फीडबैक लेने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पीड़ितों को न्याय और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाना अपनी प्राथमिकता बताया। उनकी इस पहल से जनता में उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा।
जनसुनवाई के दौरान एडीएम ई ज्योति मौर्या, सिटी मजिस्ट्रेट श्री सतीश चंद्र त्रिपाठी समेत संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने जिलाधिकारी के निर्देशों को नोट किया और उन पर तेजी से अमल करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी शिकायतों का निपटारा पारदर्शी तरीके से और तय समय सीमा में किया जाना चाहिए ताकि लोगों का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गाजियाबाद के डीएम ने जनसुनवाई में क्या-क्या शिकायतें सुनीं?
जनसुनवाई में जमीन और मकान पर अवैध कब्जा, राजस्व विवाद, जमीन की धोखाधड़ी, अवैध अतिक्रमण, पेंशन, राशन कार्ड, पानी की सप्लाई और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें मिलीं।
जयपाल को अपनी सैलरी पाने में कितना समय लगा?
जयपाल ने डीएम से शिकायत की कि उन्हें कंपनी की ओर से चार महीने की सैलरी नहीं मिल रही थी। डीएम के आदेश पर सिर्फ कुछ ही दिनों में उन्हें पूरी सैलरी मिल गई।
डीएम ने धर्मवीर के बेटे के लिए क्या समाधान दिया?
धर्मवीर का बेटा पढ़ाई कर रहा था। डीएम ने कहा कि वह बेटे को अपने पास लाएं, वह उससे बात करके उसकी नौकरी लगवा देंगे ताकि परिवार की परेशानियां कम हो जाएं।
डीएम ने राजस्व के मामलों में किस बारे में चेतावनी दी?
डीएम ने कहा कि राजस्व के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर ऐसा कहीं पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियम के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
अगर शिकायत का समाधान न हो तो लोगों को क्या करना चाहिए?
डीएम ने अपील की कि अगर किसी को राजस्व या किसी और मामले में परेशानी हो तो संबंधित उच्च अधिकारी से संपर्क करें। अगर अच्छी गुणवत्ता वाला समाधान नहीं होता है तो जनसुनवाई में आकर डीएम से जरूर मिलें।
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