संभल के राजघाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के पास
संभल के राजघाट में गंगा नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। बढ़ते जलस्तर के बीच राजघाट गंगा पुल के पिलर पर लगाए गए खतरे के लाल निशान से पानी ऊपर बह रहा है।
संभल के राजघाट में गंगा नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। बढ़ते जलस्तर के बीच राजघाट गंगा पुल के पिलर पर लगाए गए खतरे के लाल निशान से पानी ऊपर बह रहा है।
तेज बहाव के कारण गंगा की धारा आरती स्थल की सीढ़ियों तक पहुंच गई है। घाट का निचला हिस्सा पानी में डूब जाने से श्रद्धालुओं और तटवर्ती इलाकों के लोगों में चिंता बढ़ गई है।
राजघाट गंगा घाट में सुबह नजारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। सामान्य दिनों में जहां श्रद्धालु गंगा किनारे बैठकर पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होते हैं, वहीं अब घाट की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। नदी की तेज धारा और उफनता पानी गंगा के बढ़े हुए वेग का एहसास करा रहा है।
रेलवे पुल के पिलर का खतरे का निशान डूब चुका है और धारा आरती स्थल की सीढ़ियों तक पहुंच गई है। बबराला राजघाट पर खतरे के निशान से ऊपर बहती गंगा देखी जा रही है।
पानी पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों की नजर लगातार गंगा के जलस्तर पर बनी हुई है। चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज नरौरा से सुबह छह बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक बैराज के डाउनस्ट्रीम में जलस्तर 177.82 मीटर और जल प्रवाह 96,219 क्यूसेक दर्ज किया गया।
नरौरा बैराज पर खतरे का स्तर 178.765 मीटर तय है। इस हिसाब से बैराज का डाउनस्ट्रीम जलस्तर खतरे के निशान से करीब 0.945 मीटर नीचे है।
पिछले 24 घंटे में बैराज इलाके में एक मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। गंगा की तेज धारा को देखते हुए श्रद्धालुओं से घाट के निचले हिस्से और तेज बहाव वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की जा रही है।
एहतियात के तौर पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा कर घाट पर आने वाले लोगों को सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी जा रही है।
गंगा के जलस्तर में आगे भी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। ऊपरी इलाकों में बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी का असर राजघाट तक पहुंच सकता है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों के लोगों के साथ प्रशासन और सिंचाई विभाग भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
रिपोर्टर RAJAT Malhotra ने बताया कि घाट पर हालात गंभीर बने हुए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संभल के राजघाट में गंगा का जलस्तर कितना बढ़ा हुआ है?
गंगा का जलस्तर खतरे के लाल निशान से ऊपर बह रहा है। चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज नरौरा के डाउनस्ट्रीम में जलस्तर 177.82 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के स्तर 178.765 मीटर से करीब 0.945 मीटर नीचे है।
राजघाट में पानी बढ़ने से क्या-क्या नुकसान हुआ है?
घाट का निचला हिस्सा पानी में डूब गया है। आरती स्थल की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। श्रद्धालु और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है और उन्हें घाट के निचले हिस्से में आने से मना किया जा रहा है।
लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
श्रद्धालुओं से घाट के निचले हिस्से और तेज बहाव वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील की जा रही है। पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी जा रही है।
गंगा का जल प्रवाह कितना है?
चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज नरौरा से सुबह छह बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक जल प्रवाह 96,219 क्यूसेक दर्ज किया गया है।
आगे जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना है?
हां, गंगा के जलस्तर में आगे भी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। ऊपरी इलाकों में बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी का असर राजघाट तक पहुंच सकता है।
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