मिर्जापुर में ट्रेनों में चोरी करने वाले सांसी गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार
मिर्जापुर में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में ट्रेनों में चोरी करने वाले अंतरराज्यीय सांसी गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
मिर्जापुर में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में ट्रेनों में चोरी करने वाले अंतरराज्यीय सांसी गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन आरोपियों को मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर ट्रेन संख्या 13202 राजगीर जनता एक्सप्रेस से पकड़ा।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के रोहतक जिले के सुरेंद्र राजपूत, जॉनी, मुकेश कुमार और सुरेंद्र के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान इनके पास से कई मोबाइल फोन, दो पीली धातु की अंगूठियां, तीन सफेद धातु की पायल और ₹4,900 नकद बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि ये चारों संगठित गिरोह के सदस्य हैं और 7-8 लोगों की टोली बनाकर ट्रेनों में चोरी की वारदातें अंजाम देते थे।
जीआरपी के मुताबिक, आरोपियों का तरीका बेहद शातिर था। पहले वे यात्रियों से बातचीत कर उनका भरोसा जीतते थे। फिर सामान रखने या उतारने में मदद का बहाना बनाकर बैग की चेन खोलते और मोबाइल, नकदी या गहने निकाल लेते। चोरी के बाद बैग की चेन को वापस बंद कर दिया जाता, जिससे यात्रियों को तुरंत चोरी का पता नहीं चलता।
पुलिस उपाधीक्षक अरुण कुमार पाठक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सांसी गैंग से जुड़े हैं, जो देशभर की ट्रेनों में सक्रिय है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह के कई सदस्य अलग-अलग समूहों में काम करते हैं। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। इस गिरफ्तारी को ट्रेनों में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मिर्जापुर में किस गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार हुए हैं?
मिर्जापुर में ट्रेनों में चोरी करने वाले सांसी गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्या है?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के रोहतक जिले के सुरेंद्र राजपूत, जॉनी, मुकेश कुमार और सुरेंद्र के रूप में हुई है।
आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, दो पीली धातु की अंगूठियां, तीन सफेद धातु की पायल और ₹4,900 नकद बरामद हुए।
चोरी करने का आरोपियों का तरीका क्या था?
आरोपियों का तरीका था कि वे यात्रियों से बातचीत कर उनका भरोसा जीतते थे और फिर सामान रखने या उतारने में मदद का बहाना बनाकर चोरी करते थे।
पुलिस अब क्या कर रही है?
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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