News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
मुरैना में खेत की मेड़ विवाद के बाद युवक की मौत, चार घायलमधुबनी में गड्ढे में जाने के बाद बोलेरो पलटी, पुलिस चालक की मौतसीवान में चाय विवाद में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या की खबरबच्चों के विवाद में युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; कुल्हाड़ी बरामदशामली में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पलटी, चालक समेत दो युवकों की मौतशामली में विवाद सुलझाने पहुंची डायल 112 गाड़ी पर पथराव, चालक घायलग्वालियर GRMC में कथित मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़तालबेटी के इलाज को तीन दिन भटके पिता, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
Politics General श्रावस्ती

श्रावस्ती में विकास की राजनीति: नेताओं की श्रेय लेने की होड़

श्रावस्ती में विकास की राजनीति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। बलरामपुर से बहराइच को जोड़ने वाले 4 लेन हाईवे को मंजूरी मिलने के बाद श्रावस्ती जिले के नेताओं ने इस परियोजना का श्रेय लेने की होड़

श्रावस्ती में विकास की राजनीति: नेताओं की श्रेय लेने की होड़
Image credit: News Darpan Team

श्रावस्ती में विकास की राजनीति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। बलरामपुर से बहराइच को जोड़ने वाले 4 लेन हाईवे को मंजूरी मिलने के बाद श्रावस्ती जिले के नेताओं ने इस परियोजना का श्रेय लेने की होड़ शुरू कर दी है। हाईवे का एक बड़ा हिस्सा श्रावस्ती जिले से होकर गुजरने वाला है, और इसे लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि सक्रिय हो गए हैं।

बीते मंगलवार को भाजपा के श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इसके बाद, बुधवार को बसपा के पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा ने भी मंत्री से मुलाकात कर सोशल मीडिया पर अपनी वाहवाही लूटने की कोशिश की। चुनाव नजदीक होने के कारण नेताओं की यह सक्रियता और श्रेय लेने की कवायद तेज हो गई है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर श्रावस्ती में सिर्फ राजनीति हो रही है, जबकि जिले की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

श्रावस्ती जिला देश के सबसे पिछड़े और आकांक्षी जिलों में गिना जाता है। केंद्र और राज्य सरकारों से करोड़ों रुपये का बजट मिलने के बावजूद यहां के हालात में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मसूद आलम ने हाल ही में श्रावस्ती के विकास में बाधा के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि नेताओं की आपसी खींचतान और दिखावे की राजनीति ने जिले को विकास से दूर रखा है।

दद्दन मिश्रा, जो पहले भाजपा के सांसद रह चुके हैं, उनके गोद लिए गांव की हालत आज भी बदहाल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विकास के नाम पर सिर्फ वादे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदला। श्रावस्ती की जनता अब भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।

अब देखना होगा कि श्रावस्ती आकांक्षी जिले की श्रेणी से कब बाहर निकल सकेगा। फिलहाल, विकास का सपना यहां की जनता के लिए एक सवाल बना हुआ है। आने वाले समय में ही पता चलेगा कि क्या यह जिला अपनी पिछड़ी छवि से उभर पाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रावस्ती में विकास की राजनीति का मुख्य मुद्दा क्या है?

श्रावस्ती में विकास की राजनीति का मुख्य मुद्दा बलरामपुर से बहराइच को जोड़ने वाले 4 लेन हाईवे का श्रेय लेने की होड़ है।

स्थानीय नेताओं की सक्रियता का कारण क्या है?

स्थानीय नेताओं की सक्रियता का कारण चुनाव नजदीक होना और विकास परियोजनाओं का श्रेय लेना है।

क्या श्रावस्ती में विकास के लिए बजट मिल रहा है?

हाँ, श्रावस्ती को केंद्र और राज्य सरकारों से करोड़ों रुपये का बजट मिल रहा है, लेकिन हालात में सुधार नहीं हुआ है।

स्थानीय लोगों की क्या राय है इस विकास के बारे में?

स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर सिर्फ राजनीति हो रही है और उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

श्रावस्ती का विकास क्यों नहीं हो रहा है?

श्रावस्ती का विकास नहीं हो रहा है क्योंकि नेताओं की आपसी खींचतान और दिखावे की राजनीति ने जिले को विकास से दूर रखा है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप

  2. 2

    शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान

  3. 3

    शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप

  4. 4

    हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …

  5. 5

    गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।