जंगल अफसर ने किसान से 30 हजार की रिश्वत मांगी, ACB ने पकड़ा
भद्राद्री कोठागुडेम में बीट फॉरेस्ट ऑफिसर रवि कुमार ने पोडू किसान से 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी। ACB ने ट्रैप ऑपरेशन में दोनों को गिरफ्तार किया।
भद्राद्री कोठागुडेम जिले में एक बीट फॉरेस्ट ऑफिसर ने कथित तौर पर अपने एक साथी को एक पोडू किसान से 30,000 रुपये लेने के लिए कहा था ताकि वह अवैध खेती पर नजरअंदाजी बरत सके। एंटी करप्शन ब्यूरो ने ट्रैप ऑपरेशन में दोनों लोगों को गिरफ्तार करने के बाद यह बात कही।
अलापल्ली मंडल के कचनापल्ली बीट के BFO और रामानुजगुडेम बीट के इंचार्ज बनोथ रवि कुमार पर आरोप है कि उन्होंने रिश्वत की मांग की ताकि वो शिकायतकर्ता की पोडू खेती में रुकावट न डालें या खाई खोदने जैसी कार्रवाई न करें। ACB के मुताबिक, इस कथित व्यवस्था से किसान को बिना किसी दखल के खेती जारी रखने और भविष्य में सरकारी नीति और प्रक्रिया के तहत पट्टा या जमीन के नियमितीकरण की संभावना बनाए रखने का मौका मिल सकता था।
ट्रैप
रवि कुमार ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से कहा कि वह रामानुजगुडेम गांव में पठान सादिक खान के घर पर खान को पैसे दे दे, और उन्होंने कहा कि वो बाद में खान से रकम ले लेंगे। शिकायतकर्ता ने निर्देश के मुताबिक नकदी दे दी। ACB अधिकारियों ने ट्रैप के दौरान वो 30,000 रुपये बरामद किए और खान के हाथों पर की गई केमिकल जांच पॉजिटिव आई।
ब्यूरो ने कहा कि रवि कुमार ने अपनी आधिकारिक स्थिति का कथित दुरुपयोग करते हुए खान के जरिए अवैध रकम की मांग की और स्वीकार की। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें SPE और ACB केसों के स्पेशल जज के सामने पेश किया जा रहा है। मामले की जांच जारी है।
ACB ने सुरक्षा कारणों से शिकायतकर्ता की पहचान को गुप्त रखा है। ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि वे सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत की मांग की शिकायत टॉल फ्री नंबर 1064 पर करें।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जंगल अफसर ने किसान से कितनी रिश्वत मांगी थी?
भद्राद्री कोठागुडेम जिले के बीट फॉरेस्ट ऑफिसर बनोथ रवि कुमार ने एक पोडू किसान से 30,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह रकम किसान को अवैध खेती में दखल न देने के बदले मांगी गई थी।
रिश्वत का पैसा कैसे दिया गया?
रवि कुमार ने किसान से कहा कि वह रामानुजगुडेम गांव में पठान सादिक खान के घर पर यह रकम दे दे। किसान ने निर्देश के मुताबिक नकदी दे दी और ACB अधिकारियों ने ट्रैप ऑपरेशन के दौरान यह 30,000 रुपये बरामद किए।
ACB को इस मामले की जानकारी कैसे मिली?
किसान ने स्वयं शिकायत दर्ज की थी कि जंगल अफसर रिश्वत मांग रहे हैं। ACB ने इसके बाद ट्रैप ऑपरेशन चलाया जिसमें पैसों का लेन-देन होते समय दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
किसान को इस रिश्वत से क्या फायदा होता?
इस रिश्वत से किसान बिना किसी दखल के अपनी पोडू खेती जारी रख सकता था और भविष्य में सरकारी नीति के तहत जमीन के नियमितीकरण की संभावना बनी रह सकती थी।
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