कानपुर देहात की 150 साल पुरानी रामलीला समिति में चुनाव को लेकर मारपीट
कानपुर देहात की 150 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला समिति में इस बार रामलीला शुरू होने से पहले ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
कानपुर देहात की 150 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला समिति में इस बार रामलीला शुरू होने से पहले ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर दो गुटों में इतनी तीखी झड़प हुई कि बैठक में गाली-गलौज और मारपीट तक की नौबत आ गई। मामला इतना बिगड़ा कि निर्वाचन अधिकारी हरिओम शुक्ला समेत पांच सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पुलिस को भी बीच में आना पड़ा और घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
दरअसल अकबरपुर के जनकपुरी मैदान में आम सभा में 15 सदस्यीय समिति बनाई गई थी, जिसे इस साल रामलीला के लिए पदाधिकारियों का चुनाव करना था। निर्वाचन अधिकारी हरिओम शुक्ला, महेश अग्रवाल और विपिन चंद्र दीक्षित की देखरेख में यह काम होना था। लेकिन रविवार की बैठक में चुनाव प्रक्रिया को लेकर दोनों पक्षों में तीखा मतभेद सामने आ गया। देखते ही देखते धार्मिक आयोजन की बैठक खींचतान का अखाड़ा बन गई।
जब विवाद बढ़ा तो अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ और हाथापाई की स्थिति बन गई। खबर मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। इस घटना से पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं और अब नए सिरे से कवायद करनी होगी।
अब 24 अगस्त को सुबह 11 बजे जनकपुरी मैदान में फिर से आम सभा बुलाई गई है। इसमें विवाद पर चर्चा के साथ नई कार्यकारिणी और पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया तय की जाएगी। अकबरपुर में श्रीरामलीला समिति हर साल रामलीला और दशहरा मेला करती है। जो आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता के लिए होना चाहिए, उसमें पद और वर्चस्व की लड़ाई चर्चा का विषय बन गई है। अब सभी की नजरें 24 अगस्त की बैठक पर हैं कि समिति अपने मतभेद सुलझा पाती है या विवाद और गहरा जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर देहात की रामलीला समिति में क्या विवाद हुआ?
150 साल पुरानी रामलीला समिति में पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर दो गुटों में झड़प हुई। बैठक में गाली-गलौज और मारपीट तक की नौबत आ गई, जिससे निर्वाचन अधिकारी समेत पांच सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया।
इस घटना में पुलिस को क्यों बुलाना पड़ा?
जब चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ा तो अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ और हाथापाई की स्थिति बन गई। इसी वजह से पुलिस को बीच में आना पड़ा और वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत कराया।
अगली बैठक कब बुलाई गई है?
24 अगस्त को सुबह 11 बजे जनकपुरी मैदान में फिर से आम सभा बुलाई गई है। इसमें विवाद पर चर्चा के साथ नई कार्यकारिणी और पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया तय की जाएगी।
रामलीला समिति का क्या काम होता है?
अकबरपुर की श्रीरामलीला समिति हर साल रामलीला और दशहरा मेला का आयोजन करती है। यह आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता के लिए होना चाहिए।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच के स्कूल में पेड़ काटने की तैयारी, पर्यावरण नीति पर सवाल
- 2
आयुष्मान कार्ड में गलतियां सुधारना हुआ आसान, नया पोर्टल शुरू
- 3
बहराइच में एसपी ने जनता दर्शन के दौरान सुनीं सभी शिकायतें
- 4
बहराइच में 90 हजार क्विंटल चीनी के स्टॉक की जांच, कालाबाजारी पर सरकार सख्त
- 5
बहराइच की बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।