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गर्मी और बारिश से राहत: छत डिज़ाइन में बदलाव जरूरी

गर्मी, उमस और बारिश से परेशान? राहत आपके छत में छुपी हो सकती है! गर्मी, उमस और बारिश से बचने के लिए छत का डिज़ाइन बदलें भारत में मौसम का मिजाज बदल रहा है - तेज़ गर्मी, भारी उमस और लगातार बारिश।

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गर्मी, उमस और बारिश से बचने के लिए छत का डिज़ाइन बदलें

भारत में मौसम का मिजाज बदल रहा है - तेज़ गर्मी, भारी उमस और लगातार बारिश। ऐसे में आपके घर की छत ही आराम और टिकाऊपन का रास्ता दिखा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक निर्माण में पारंपरिक भारतीय छत डिज़ाइन की जलवायु-विशिष्ट समझ को नज़रअंदाज़ कर दिया गया है, जिससे घरों में गर्मी फंस जाती है और पानी से नुकसान होता है।

आरसीसी छत क्यों फेल हो रही हैं?

आजकल शहरी इलाकों में रिइनफोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (आरसीसी) छत का चलन है, लेकिन इसके कई नुकसान हैं। इसकी सपाट और खुली सतह गर्मी को सोखती है, जिससे घर के अंदर का तापमान बढ़ जाता है। साथ ही, बारिश और उमस के कारण आरसीसी छतों में लीकेज और सतह खराब होने की समस्या होती है। यह 'वन-साइज़-फिट्स-ऑल' अप्रोच क्षेत्रीय जलवायु की ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ करती है, जिससे असुविधा और रखरखाव की समस्या बढ़ती है।

जलवायु-विशिष्ट छत डिज़ाइन: क्या काम करता है?

विशेषज्ञों का सुझाव है कि छत डिज़ाइन को स्थानीय मौसम के हिसाब से तैयार किया जाए। जैसे भारी बारिश वाले इलाकों में ढलान वाली छतें पानी को जल्दी बहाने में मदद करती हैं और लीकेज व स्ट्रक्चरल डैमेज से बचाती हैं। 15-30 डिग्री ढलान वाली टाइल वाली छतें या 5-15 डिग्री ढलान वाली मेटल छतें बारिश के पानी को आसानी से निकाल सकती हैं। गर्म और शुष्क इलाकों में प्राकृतिक पत्थर और चूने से बनी सपाट छतें गर्मी कम करती हैं और बाहरी जगह का उपयोग बढ़ाती हैं।

वॉटरप्रूफिंग: लंबे समय तक टिकाऊपन के लिए ज़रूरी

किसी भी छत के लिए प्रभावी वॉटरप्रूफिंग बेहद ज़रूरी है। इसके विकल्पों में लिक्विड-अप्लाइड पॉलियुरेथेन मेम्ब्रेन, बिटुमिनस सिस्टम और पॉलिमर-मॉडिफाइड सीमेंट कोटिंग्स शामिल हैं। इनका इस्तेमाल करने से पहले सतह को साफ करना और दरारों को ठीक करना ज़रूरी है। नियमित रखरखाव से ये सिस्टम लंबे समय तक काम करते हैं।

लाइटवेट ढलान वाली छतें: फ्लैट आरसीसी छत के लिए समाधान

फ्लैट आरसीसी छतों पर स्टील फ्रेमवर्क से सपोर्टेड लाइटवेट ढलान वाली छत लगाना काफी फायदेमंद हो सकता है। 30 डिग्री ढलान वाली छत, जीआई या एल्युमिनियम शीट से बनी, बारिश के पानी को जल्दी निकालती है और मौजूदा स्ट्रक्चर को सुरक्षित रखती है। टेराकोटा या सिरेमिक टाइल्स लगाने से वेंटिलेटेड एयर गैप बनता है, जो गर्मी कम करता है और मौसम से सुरक्षा बढ़ाता है। यह तरीका ट्रॉपिकल इलाकों की आर्किटेक्चरल खूबसूरती भी बढ़ाता है।

ढलान वाली छतों के अतिरिक्त फायदे

ढलान वाली छतें घर में अतिरिक्त जगह देती हैं, जैसे होम ऑफिस, फिटनेस एरिया या स्टोरेज के लिए। फ्लैट छतों पर ट्रांसपेरेंट यूवी-रेसिस्टेंट शीट्स लगाने से प्राकृतिक रोशनी आती है और लुक बेहतर होता है। ये समाधान नए फ्लोर बनाने के मुकाबले 60% तक सस्ते हो सकते हैं। लेकिन इंस्टालेशन से पहले किसी योग्य इंजीनियर से स्ट्रक्चरल मजबूती की जांच करवाना ज़रूरी है।

छत में बदलाव के लिए मुख्य बातें

छत में बदलाव करते समय हवा का दबाव, प्लानिंग रेगुलेशन और बिल्डिंग की आर्किटेक्चरल कोहेरेंस का ध्यान रखना चाहिए। स्टील कंपोनेंट्स को जंग और तूफान से बचाने के लिए प्रोटेक्टिव ट्रीटमेंट ज़रूरी है। बारिश के पानी को इकट्ठा करने और बचाने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को सही तरीके से डिज़ाइन करना चाहिए। इन पहलुओं को नज़रअंदाज़ करने से रेगुलेटरी और फंक्शनल समस्याएं हो सकती हैं।

सस्टेनेबल सोच

कोच्चि स्थित सेंटर फॉर सस्टेनेबल बिल्ट एंड नेचुरल एनवायरनमेंट के डायरेक्टर्स अजय अबे और तारा ई. पंडाला जलवायु-उत्तरदायी और जैव-विविधता समावेशी डिज़ाइन को बढ़ावा देते हैं। उनका मानना है कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक को मिलाकर टिकाऊ और आरामदायक रहने की जगह बनाई जा सकती है।

छत डिज़ाइन को फिर से सोचकर और क्षेत्र-विशिष्ट समाधान अपनाकर, घर के मालिक गर्मी, उमस और बारिश की चुनौतियों को कम कर सकते हैं और टिकाऊ निर्माण प्रथाओं में योगदान दे सकते हैं।

स्रोत: Indian Express

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गर्मी और बारिश से राहत कैसे मिलेगी?

छत के डिज़ाइन में बदलाव करके, जैसे ढलान वाली छतें बनाकर, गर्मी और बारिश से राहत मिल सकती है।

आरसीसी छतों के नुकसान क्या हैं?

आरसीसी छतें गर्मी को सोखती हैं और बारिश से लीकेज की समस्या पैदा करती हैं।

जलवायु-विशिष्ट छत डिज़ाइन का क्या महत्व है?

यह स्थानीय मौसम के अनुसार तैयार की जाती है, जिससे लीकेज और स्ट्रक्चरल डैमेज से बचा जा सकता है।

वॉटरप्रूफिंग क्यों जरूरी है?

यह छत की टिकाऊपन के लिए आवश्यक है, जिससे बारिश का पानी अंदर नहीं आता।

ढलान वाली छतों के क्या फायदे हैं?

ये अतिरिक्त जगह देती हैं और गर्मी कम करती हैं, साथ ही इंस्टालेशन में सस्ती भी होती हैं।

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