ई-रिक्शा चालक ने 14 हजार रुपये के चालान के खिलाफ सड़क पर लेटकर विरोध जताया
औरैया में एक ई-रिक्शा चालक ने 14 हजार रुपये के भारी-भरकम चालान के खिलाफ सड़क पर लेटकर विरोध जताया।
औरैया में एक ई-रिक्शा चालक ने 14 हजार रुपये के भारी-भरकम चालान के खिलाफ सड़क पर लेटकर विरोध जताया। अंकित नाम के इस चालक ने आरोप लगाया कि उस पर अचानक इतनी बड़ी रकम का जुर्माना लगा दिया गया, जिससे वह पूरी तरह परेशान हो गया।
अंकित का कहना है कि वह अपनी पत्नी के लिए दवा लेने जा रहा था, तभी रास्ते में PTO यानी परिवहन विभाग के अधिकारियों ने उसे रोका और 14 हजार रुपये का चालान काट दिया। चालक ने इस जुर्माने को अपने ऊपर बहुत बड़ा बोझ बताया और कहा कि वह इतनी बड़ी रकम भरने की हालत में नहीं है। गुस्से और निराशा में उसने सड़क पर लेटकर अपना विरोध दर्ज कराया।
ई-रिक्शा चालक जैसे छोटे वाहन चालकों पर अक्सर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन या कागजातों में कमी को लेकर जुर्माना लगाया जाता है। लेकिन एक ही बार में 14 हजार रुपये जैसी रकम का चालान उनके लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है, क्योंकि इनकी रोजाना की कमाई बहुत कम होती है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और अंकित के साथी चालकों में भी रोष देखा गया। लोगों का कहना है कि इतने बड़े जुर्माने से गरीब चालकों की आजीविका पर असर पड़ता है। अब यह देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है और अंकित को कोई राहत मिलती है या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
औरैया में ई-रिक्शा चालक ने सड़क पर लेटकर विरोध क्यों किया?
अंकित नाम के ई-रिक्शा चालक ने 14 हजार रुपये के भारी चालान के खिलाफ विरोध जताया। उन्हें कहा गया कि वह अपनी पत्नी के लिए दवा लेने जा रहे थे, तभी PTO अधिकारियों ने इतनी बड़ी रकम का जुर्माना काट दिया।
अंकित को यह चालान क्यों काटा गया?
परिवहन विभाग (PTO) के अधिकारियों ने उन्हें सड़क पर रोकते हुए 14 हजार रुपये का चालान काट दिया। लेख में सटीक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन ई-रिक्शा चालकों पर आमतौर पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन या कागजातों में कमी को लेकर जुर्माना लगता है।
ई-रिक्शा चालकों के लिए इतना बड़ा चालान क्यों समस्या है?
ई-रिक्शा चालकों की रोजाना की कमाई बहुत कम होती है। इसलिए 14 हजार रुपये जैसी बड़ी रकम का एक ही बार में चालान उनकी आजीविका पर गंभीर असर डालता है और उनके लिए भरना मुश्किल हो जाता है।
इस घटना के बाद लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
स्थानीय लोगों और अंकित के साथी चालकों में रोष देखा गया। लोगों का कहना है कि इतने बड़े जुर्माने से गरीब चालकों की आजीविका पर असर पड़ता है और ऐसा करना उनके साथ न्याय नहीं है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच के स्कूल में पेड़ काटने की तैयारी, पर्यावरण नीति पर सवाल
- 2
आयुष्मान कार्ड में गलतियां सुधारना हुआ आसान, नया पोर्टल शुरू
- 3
बहराइच में एसपी ने जनता दर्शन के दौरान सुनीं सभी शिकायतें
- 4
बहराइच में 90 हजार क्विंटल चीनी के स्टॉक की जांच, कालाबाजारी पर सरकार सख्त
- 5
बहराइच की बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।