News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
मुरैना में खेत की मेड़ विवाद के बाद युवक की मौत, चार घायलमधुबनी में गड्ढे में जाने के बाद बोलेरो पलटी, पुलिस चालक की मौतसीवान में चाय विवाद में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या की खबरबच्चों के विवाद में युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; कुल्हाड़ी बरामदशामली में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पलटी, चालक समेत दो युवकों की मौतशामली में विवाद सुलझाने पहुंची डायल 112 गाड़ी पर पथराव, चालक घायलग्वालियर GRMC में कथित मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़तालबेटी के इलाज को तीन दिन भटके पिता, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
Religious General प्रतापगढ़

जर्जर पुल पर पानी भरने से शव यात्रा में देरी, 10 हजार लोगों को खतरा

प्रतापगढ़ के मान्धाता विकासखंड में बकुलाही नदी पर बना पुराना पुल इलाके के हजारों लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

जर्जर पुल पर पानी भरने से शव यात्रा में देरी, 10 हजार लोगों को खतरा
Image credit: News Darpan Team

प्रतापगढ़ के मान्धाता विकासखंड में बकुलाही नदी पर बना पुराना पुल इलाके के हजारों लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। ग्राम पंचायत हैंसी परजी और शिवरा गांव की सीमा पर बना यह पुल मुख्य सड़क से करीब 15 फीट नीचे है और बहुत जर्जर हाल में है। बारिश के मौसम में पुल पर पानी भर जाने से लोगों का आना-जाना पूरी तरह रुक जाता है।

पुल की बदहाली की सबसे दर्दनाक मिसाल 18 अगस्त को सामने आई जब शिवरा गांव के युवा अमित कुमार मौर्य के निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा को इसी पुल से गुजरना पड़ा। पुल पर पानी ज्यादा होने की वजह से परिजन और ग्रामीण काफी देर तक पानी कम होने का इंतजार करते रहे। जब हालात नहीं सुधरे तो मजबूरी में लोगों को पानी के बीच से ही शव यात्रा निकालनी पड़ी।

ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता करीब 8 से 10 हजार लोगों के लिए बेहद जरूरी है। इसी रास्ते से आसपास के गांवों के लोग स्कूल, अस्पताल और मुख्य बाजार जाते हैं। बारिश में पुल डूब जाने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ता है।

सामाजिक कार्यकर्ता रवि प्रकाश सिंह चंदन ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी प्रतापगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर पुराने पुल को तोड़कर नया पुल बनाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर जनहित में जल्द काम शुरू करने की अपील की है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते पुल नहीं बना तो बारिश में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और उन्होंने जिलाधिकारी से फौरन कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रतापगढ़ के बकुलाही नदी पर बना पुल क्यों खतरनाक है?

यह पुल बहुत जर्जर हाल में है और बारिश के मौसम में पुल पर पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आना-जाना पूरी तरह रुक जाता है। पुल मुख्य सड़क से करीब 15 फीट नीचे है।

शिवरा गांव में 18 अगस्त को क्या घटना हुई?

अमित कुमार मौर्य के निधन के बाद उनकी शव यात्रा को बकुलाही नदी के पुल पर पानी ज्यादा होने की वजह से बहुत देरी हुई। परिजनों को मजबूरी में पानी के बीच से ही शव यात्रा निकालनी पड़ी।

यह पुल कितने लोगों के लिए जरूरी है?

यह रास्ता करीब 8 से 10 हजार लोगों के लिए बेहद जरूरी है। इसी रास्ते से आसपास के गांवों के लोग स्कूल, अस्पताल और मुख्य बाजार जाते हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता रवि प्रकाश सिंह चंदन ने क्या मांग की है?

उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पुराने पुल को तोड़कर नया पुल बनाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर जनहित में जल्द काम शुरू करने की अपील की है।

#bridge#district administration#infrastructure#ग्रामीण सुविधा#प्रतापगढ़#बकुलाही नदी#बारिश

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप

  2. 2

    शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान

  3. 3

    शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप

  4. 4

    गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग

  5. 5

    हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।