दिल्ली की मतदाता सूची से 47.7 लाख नाम बाहर, हर तीसरे का नाम गायब
दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया के बाद सोमवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है।
दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया के बाद सोमवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इसमें राजधानी के कुल लगभग 1.45 करोड़ रजिस्टर्ड मतदाताओं में से करीब 47.7 लाख नाम शामिल नहीं किए गए हैं। यानी लगभग हर तीन में से एक मतदाता का नाम इस ड्राफ्ट रोल से बाहर हो गया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, SIR के दौरान घर-घर जाकर गिनती का काम 30 जून से 17 अगस्त 2026 तक चला था।
इस दौरान कुल 1,45,10,299 मतदाताओं में से लगभग 67.18 फीसदी यानी करीब 97.5 लाख के एन्यूमरेशन फॉर्म मिले और उन्हें डिजिटाइज किया गया। सिर्फ इन्हीं नामों को ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल किया गया है। बाकी बचे 47.7 लाख मतदाताओं को ASDDO कैटेगरी में रखा गया है, जिसमें वे लोग आते हैं जो अनुपस्थित मिले, शिफ्ट हो चुके हैं, मर चुके हैं, डुप्लीकेट एंट्री थी या फिर दूसरी वजहें हैं। इनके फॉर्म या तो नहीं मिले या जानकारी अधूरी पाई गई, इसलिए ये ड्राफ्ट रोल में नहीं हैं। दिल्ली में यह डिलीशन रेट अन्य कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में सबसे ज्यादा बताया जा रहा है।
जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, वे परेशान न हों। चुनाव आयोग ने दावा और आपत्ति दर्ज करने का मौका दिया है। 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 भरकर जरूरी दस्तावेजों जैसे आधार, वोटर आईडी और पता प्रमाण के साथ आवेदन किया जा सकता है। यह काम ऑनलाइन या निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में जाकर किया जा सकता है। दावों और आपत्तियों की जांच और निस्तारण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी और अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को जारी होगी।
इस बड़े बदलाव पर राजनीतिक दलों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने इसे मतदाताओं के अधिकारों पर असर डालने वाला कदम बताया है, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा और अपडेट रखने के लिए जरूरी है। मतदाताओं से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द अपना नाम चेक करें और अगर नाम नहीं है तो 30 सितंबर से पहले फॉर्म-6 जरूर भरें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिल्ली की वोटर लिस्ट से कितने लोगों के नाम हटाए गए हैं?
दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 47.7 लाख मतदाताओं के नाम नहीं रखे गए हैं। कुल 1.45 करोड़ रजिस्टर्ड मतदाताओं में से यानी लगभग हर तीसरे मतदाता का नाम इस लिस्ट से बाहर है।
अगर मेरा नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है तो क्या करूँ?
आप 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 भरकर दावा दर्ज कर सकते हैं। इसके साथ आधार, वोटर आईडी और पता प्रमाण जैसे दस्तावेज लगाने हैं। यह काम ऑनलाइन या निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में जाकर किया जा सकता है।
नाम हटाए जाने के मुख्य कारण क्या हैं?
47.7 लाख लोगों को ASDDO कैटेगरी में रखा गया है जिसमें वे लोग आते हैं जो अनुपस्थित मिले, शहर छोड़ गए, मर गए, डुप्लीकेट एंट्री थी या उनके फॉर्म नहीं मिले या जानकारी अधूरी पाई गई।
अंतिम वोटर लिस्ट कब तक जारी होगी?
दावों और आपत्तियों की जांच 29 अक्टूबर तक चलेगी और अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी।
यह Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया कब चली थी?
SIR के दौरान घर-घर जाकर गिनती का काम 30 जून से 17 अगस्त 2026 तक चला था। इसमें कुल 97.5 लाख यानी 67.18 फीसदी मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म मिले थे।
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