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कनॉट प्लेस मार्च से पहले सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में

प्रस्तावित कनॉट प्लेस मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक को हिरासत में लिया कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली में उस

कनॉट प्लेस मार्च से पहले सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में
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कॉकरोच जनता पार्टी

दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली में उस घर से हिरासत में लिया, जहां वह ठहरे हुए थे। यह कार्रवाई कनॉट प्लेस में पार्टी के प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले की गई। नई दिल्ली जिला पुलिस ने कहा कि दिपके बिना अनुमति मार्च निकालने पर जोर दे रहे थे। पुलिस ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के पीछे कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताएं थीं।

पुलिस की यह कार्रवाई कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित सभा से पहले हुई। सीजेपी ने वहां राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ा एक कार्यक्रम करने का ऐलान किया था। पुलिस ने कहा है कि सेंट्रल पार्क में मार्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस के मुताबिक, पार्टी को नई दिल्ली जिले में यह कार्यक्रम करने की इजाजत भी नहीं दी जाएगी।

प्रस्तावित मार्च से पहले सीजेपी संस्थापक हिरासत में

दिल्ली पुलिस की एक टीम झंडेवालान स्थित उस घर में पहुंची, जहां दिपके ठहरे हुए थे। टीम उन्हें अपने साथ ले गई। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता अनीश गावंडे का है।

दिल्ली की इस यात्रा के दौरान दिपके गावंडे के घर पर ठहरे हुए थे। इससे पहले जब वह शहर आए थे, तब वह किसी दूसरी जगह ठहरे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस करीब दोपहर 2 बजे इस घर पर पहुंची।

नई दिल्ली जिला पुलिस ने कहा कि हिरासत में लिए जाने का संबंध प्रस्तावित तिरंगा मार्च और उसके लिए अनुमति नहीं होने से था। पुलिस ने यह भी कहा कि यह फैसला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी बातों को ध्यान में रखकर लिया गया।

प्रस्तावित मार्च सीजेपी की उस अपील से जुड़ा था, जिसमें लोगों से कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटने को कहा गया था। पुलिस उपायुक्त नेहा यादव के मुताबिक, पार्टी ने यह कार्यक्रम 16 अक्टूबर के लिए घोषित किया था और लोगों के जुटने का समय शाम 5 बजे रखा गया था।

पुलिस ने साफ कर दिया है कि सेंट्रल पार्क में यह कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस ने कहा कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं के साथ-साथ सीजेपी के पिछले व्यवहार को देखते हुए पार्टी को नई दिल्ली जैसे बेहद संवेदनशील जिले में तिरंगा मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कनॉट प्लेस में बीएनएस की धारा 163 का आदेश

नेहा यादव ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी आदेश कनॉट प्लेस और उसके आसपास के इलाकों में लागू है। उन्होंने इस आदेश को वहां की मौजूदा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ा।

यादव ने लोगों से अपील की कि वे बीएनएस के निर्देशों का उल्लंघन करने वाली या शांति और व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी सभा में शामिल न हों। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि पाबंदियों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसी के साथ यादव ने कहा कि सीमित संख्या में चुने हुए प्रदर्शनकारियों को किसी दूसरी उपयुक्त जगह पर तिरंगा मार्च निकालने की अनुमति दी जा सकती है। इस तरह पुलिस की स्थिति सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित सभा और किसी दूसरी जगह पर सीमित कार्यक्रम की संभावना के बीच फर्क करती है।

नई दिल्ली नगर परिषद ने दिल्ली पुलिस को बताया कि प्रशासनिक कारणों से सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। स्थानीय निकाय ने पार्क में बिना अनुमति प्रवेश रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने को भी कहा।

यह बंद किए जाने की घोषणा सीजेपी की उस अपील के संदर्भ में की गई, जिसमें लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ पार्क में जुटने को कहा गया था। कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा इंतजाम पहले ही तैयार कर लिए थे।

सीटीवी कैमरे और अतिरिक्त बल

सेंट्रल पार्क और उसके आसपास बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनका इस्तेमाल भीड़ पर नजर रखने और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में सबूत जुटाने के लिए किया जाना था। प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले बताए गए सुरक्षा इंतजामों का यह कैमरा तैनाती भी एक हिस्सा थी।

यादव ने कहा कि सीजेपी ने सोशल मीडिया और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ सेंट्रल पार्क में इकट्ठा होने की अपील की थी। आम आदमी पार्टी ने भी अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम लोगों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी।

कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों के व्यापार और मार्केट संगठनों ने अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की मांग करते हुए पुलिस को पत्र लिखा। यादव के मुताबिक, कारोबारियों को चिंता थी कि बड़ी संख्या में लोगों के आने से कारोबार प्रभावित हो सकता है।

सुरक्षा योजना में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती भी शामिल थी। एक पुलिस अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि सीएपीएफ की 220 कंपनियों में से हर शिफ्ट में 30 कंपनियां तैनात की जाएंगी।

दिन के दौरान तीन शिफ्ट होंगी। इन बलों को नई दिल्ली, आसपास के जिलों, सीमा वाले इलाकों और दूसरी महत्वपूर्ण जगहों पर तैनात किया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, अगर रात में भीड़ बढ़ती है और अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत पड़ती है, तो एक शिफ्ट में तैनात कंपनियों की संख्या बढ़ाकर 60 की जा सकती है। प्रस्तावित तैनाती का यह स्तर दिखाता है कि पुलिस का आकलन था कि इस सभा के लिए केवल पार्क के आसपास ही नहीं, बल्कि उससे आगे भी सुरक्षा इंतजामों की जरूरत पड़ सकती है।

जंतर-मंतर पर गिरफ्तारियों के बाद सीजेपी का ऐलान

दिपके को हिरासत में लिए जाने से पहले सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उन्हें 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर राष्ट्रीय ध्वज उठाने और प्रदर्शन करने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

रांका और दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन पर शांति बनाए रखने के लिए जारी किए गए बांड की शर्तों का उल्लंघन करने और बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने का आरोप लगाया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों को तिहाड़ जेल में रखा गया था। इसके बाद दिपके ने 16 अक्टूबर को बड़ी संख्या में लोगों से सेंट्रल पार्क में जुटने और राष्ट्रीय ध्वज उठाने की अपील की।

दिपके ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय ध्वज उठाने के लिए सीजेपी के सदस्यों को जेल भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि हालात चाहे जैसे हों, वह 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क में तिरंगा जरूर उठाएंगे।

दिपके ने सवाल किया कि क्या भारतीय झंडा फहराने के लिए अनुमति की जरूरत है। उनके शब्दों में, “क्या भारत का झंडा फहराने के लिए अनुमति की जरूरत है? तिरंगा इस देश के 130 करोड़ लोगों का है, सिर्फ दिल्ली पुलिस का नहीं।”

उन्होंने आगे कहा, “हम जहां चाहेंगे, वहीं तिरंगा फहराएंगे।” इसी बयान के आधार पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से जोर दिया कि सेंट्रल पार्क में सीजेपी का प्रस्तावित कार्यक्रम आगे बढ़ना चाहिए।

दिपके ने कहा, गिरफ्तारी से डर नहीं

15 अक्टूबर को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि दिल्ली पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन उन्हें इसका डर नहीं है। उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस मुझे आज रात या कल सुबह गिरफ्तार कर सकती है।”

इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा, “लेकिन मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि हम इन चीजों से डरने वाले नहीं हैं।” दिपके ने यह भी कहा कि अगर देश में राष्ट्रीय ध्वज उठाने के लिए जेल जाना पड़े, तो वह इसके लिए तैयार हैं।

ये बातें उस समय सामने आईं, जब कनॉट प्लेस में होने वाली सभा को लेकर पुलिस का रुख और साफ हो गया था। पुलिस ने पाबंदियां लगा दी थीं, पार्क को बंद रखा जाना था और अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि सीजेपी की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली बंद का आह्वान किए जाने के बाद पुलिस ने दिल्ली में बसों और मेट्रो को रोक दिया था, बैरिकेड लगा दिए थे और इंटरनेट बंद कर दिया था। ये दावे दिपके ने किए थे। स्रोत सामग्री में इन्हें पुलिस की स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष के तौर पर पेश नहीं किया गया है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज उठाने की योजना का ऐलान करने के बाद पार्क को बंद कर दिया गया। एनडीएमसी ने अलग से कहा था कि प्रशासनिक कारणों से पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद रहेगा। उसने बिना अनुमति प्रवेश रोकने के लिए सुरक्षा की मांग भी की थी।

झंडा फहराने वाली सभाओं को लेकर सवाल

दिपके ने सवाल किया कि अगर सीजेपी कई जगहों पर झंडा फहराने के कार्यक्रमों का ऐलान कर दे, तो क्या अधिकारी हर जगह को बंद कर देंगे। उन्होंने पूछा, “अगर हम कल कह दें कि हम 100 जगहों पर तिरंगा फहराएंगे, तो क्या आप इन सभी जगहों को बंद कर देंगे?”

उन्होंने नरेंद्र मोदी की एक रैली का उदाहरण देते हुए भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “अगर हम तिरंगा लेकर नरेंद्र मोदी की रैली में जाएं, तो क्या आप रैली रद्द कर देंगे?”

दिपके ने आगे कहा, “आप इतना डर क्यों रहे हैं?” इसके बाद उन्होंने पूछा, “क्या भारत में तिरंगा फहराना अपराध बन गया है?”

पुलिस ने इस मुद्दे को घोषित सेंट्रल पार्क सभा को आगे बढ़ने देने के बजाय अनुमति, पाबंदियों और सार्वजनिक व्यवस्था के सवाल से जोड़ा है। यादव के बयान में कहा गया था कि लोगों को ऐसी सभाओं में शामिल नहीं होना चाहिए, जो बीएनएस के निर्देशों का उल्लंघन करती हों या शांति और व्यवस्था को प्रभावित करती हों।

पुलिस ने किसी दूसरी उपयुक्त जगह पर सीमित संख्या में चुने हुए प्रदर्शनकारियों के लिए तिरंगा मार्च की संभावना खुली रखी है। लेकिन इसका मतलब सेंट्रल पार्क में सीजेपी की प्रस्तावित सभा को अनुमति मिलना नहीं है। पुलिस ने कहा है कि सेंट्रल पार्क में यह कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा।

फिलहाल तत्काल घटनाक्रम यह है कि प्रस्तावित मार्च से पहले दिपके को हिरासत में लिया गया है और कनॉट प्लेस में सीजेपी के तय कार्यक्रम पर पाबंदी जारी है। इस विवाद में पार्टी की यह मांग शामिल है कि उसे झंडे से जुड़ा कार्यक्रम करने दिया जाए। इसके साथ ही बीएनएस की धारा 163 के तहत पुलिस का आदेश, सेंट्रल पार्क को बंद किया जाना और नई दिल्ली तथा आसपास के इलाकों में की गई सुरक्षा तैनाती भी इसका हिस्सा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिजीत दिपके को हिरासत में क्यों लिया गया?

दिल्ली पुलिस ने उन्हें बिना अनुमति तिरंगा मार्च निकालने की तैयारी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं के चलते हिरासत में लिया।

अभिजीत दिपके को कहां से हिरासत में लिया गया?

उन्हें झंडेवालान स्थित उस घर से हिरासत में लिया गया, जहां वह ठहरे हुए थे।

सीजेपी का प्रस्तावित तिरंगा मार्च कहां होना था?

सीजेपी ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ मार्च और सभा का ऐलान किया था।

सीजेपी का कार्यक्रम कब होना था?

पार्टी ने यह कार्यक्रम 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे रखने की बात कही थी।

कनॉट प्लेस में पुलिस ने कौन-सा आदेश लागू किया है?

कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश लागू है।

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