CJP Protest Delhi: अभिजीत दीपके समेत 3 नेताओं को कोर्ट से राहत, एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहाई
दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए गए CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली कैंट की कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने 50,000 रुपये के मुचलके और एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और दो अन्य नेताओं को अदालत से राहत मिली है। अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद हिरासत में लिया था। रविवार को उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां एक साल तक शांति और अच्छा व्यवहार बनाए रखने की शर्त पर रिहा कर दिया गया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब CJP ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने और कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहा है। वहीं, पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
Abhijeet Dipke Detained: विमान उतरते ही हिरासत में लिए गए थे नेता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और संगठन के सह-संयोजक सौरव दास तथा आशुतोष रांका को 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई की।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार की शर्त पर 50,000 रुपये के जमानती मुचलके के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
CJP News: दूसरे दिन भी प्रदर्शन की तैयारी, दिल्ली में सुरक्षा कड़ी
अभिजीत दीपके और अन्य नेताओं की रिहाई के बावजूद CJP का आंदोलन खत्म होने के संकेत नहीं हैं। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग जारी रखी है। दिल्ली में रविवार को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और प्रदर्शनकारियों की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा।
शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए बड़े स्तर पर पुलिस कार्रवाई हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हजारों लोगों को अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। इनमें राजनीतिक कार्यकर्ता, छात्र और प्रदर्शन का समर्थन करने वाले लोग शामिल थे। कई लोगों को रात में रिहा कर दिया गया।
इस कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना भी हुई। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने और अधिकारियों से सार्थक बातचीत करने की अपील की। भारत के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणी को देश के आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप बताया।
Metro Station Closed Today: क्या रविवार को मेट्रो सेवाएं सामान्य हैं?
शनिवार को प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों और रेल सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए थे, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। हालांकि, रविवार की रिपोर्ट्स के अनुसार, मेट्रो स्टेशन फिर से खुल गए थे और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बहाल हो गई थीं। सुरक्षा व्यवस्था के चलते कुछ इलाकों में अतिरिक्त पुलिस तैनाती जारी रही।
यात्रियों को सलाह है कि वे घर से निकलने से पहले दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक अपडेट देख लें। मेट्रो स्टेशन बंद होने या सड़क पर जाम की स्थिति समय और इलाके के अनुसार बदल सकती है।
Gyanesh Kumar पर विवाद क्यों?
CJP और अन्य आलोचक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने और प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जवाबदेही स्वीकार करें और इस्तीफा दें।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। सत्तारूढ़ भाजपा ने भी विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर सवाल उठाए हैं। इसलिए मतदाता सूची से जुड़े दावों और कथित गड़बड़ियों को जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही परखा जाना चाहिए।
CJP Protest: आगे क्या होगा?
अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई से CJP को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन एक साल तक शांति और अच्छे व्यवहार की शर्त उनके लिए महत्वपूर्ण रहेगी। संगठन के अगले कदम और रविवार को प्रस्तावित प्रदर्शन की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
दिल्ली में यह घटनाक्रम शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार, सार्वजनिक सुरक्षा और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर जारी बहस को फिर सामने लाता है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रदर्शनकारी और प्रशासन के बीच बातचीत या कानूनी प्रक्रिया से कोई समाधान निकलता है या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अभिजीत दीपके और दो अन्य नेताओं को अदालत से क्या राहत मिली?
अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एक साल तक शांति और अच्छा व्यवहार बनाए रखने की शर्त पर रिहा कर दिया गया।
तीनों नेताओं को पुलिस ने कब और कहां हिरासत में लिया था?
उन्हें 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद हिरासत में लिया गया था।
CJP किस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रही है?
CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रही है।
रविवार को दिल्ली में मेट्रो सेवाओं की क्या स्थिति थी?
रविवार को मेट्रो स्टेशन फिर से खुल गए थे और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बहाल हो गई थीं।
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