Is Dhruv Rathee Indian Citizen? ध्रुव राठी की नागरिकता पर क्यों उठे सवाल, बेंगलुरु में AISA प्रदर्शनकारियों की हिरासत से भी बढ़ा विवाद
भास्कर राव ने गृह मंत्रालय से ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा की जांच की मांग की है, जबकि राठी ने भारतीय पासपोर्ट दिखाकर विदेशी नागरिकता के दावों को गलत बताया है। बेंगलुरु में AISA प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर भी विवाद है।
YouTuber ध्रुव राठी की भारत वापसी और बेंगलुरु में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में उनकी भागीदारी के बाद नागरिकता और वीजा को लेकर बहस तेज हो गई है। पूर्व बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर और BJP नेता भास्कर राव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से ध्रुव राठी की नागरिकता, भारत में प्रवेश के दस्तावेजों और वीजा की शर्तों की जांच करने की मांग की है। दूसरी ओर, बेंगलुरु में Special Intensive Revision (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठन AISA के सदस्यों को हिरासत में लिए जाने पर भी सवाल उठे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इंटरनेट पर एक सवाल चर्चा में है: Is Dhruv Rathee Indian Citizen? लेकिन किसी की नागरिकता को लेकर उठी मांग और सरकार की ओर से उसकी पुष्टि, दो अलग-अलग बातें हैं।
क्या ध्रुव राठी भारतीय नागरिक हैं?
ध्रुव राठी की नागरिकता को लेकर भास्कर राव ने गृह मंत्रालय से आधिकारिक सत्यापन कराने की मांग की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भास्कर राव ने यह पता लगाने की मांग की कि ध्रुव राठी किस देश के नागरिक हैं, किस पासपोर्ट पर भारत आए और किस वीजा या अनुमति के तहत यहां रह रहे हैं।
रिपोर्टों में ध्रुव राठी को जर्मन नागरिक बताया गया है, लेकिन इस विवाद में उनकी नागरिकता की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि को लेकर सावधानी जरूरी है। भास्कर राव ने जांच की मांग की है, यह अपने आप में किसी कानूनी उल्लंघन का प्रमाण नहीं है।
उन्होंने गृह मंत्रालय से यह भी जांचने को कहा कि यदि ध्रुव राठी विदेशी नागरिक हैं, तो क्या उनके वीजा की शर्तें उन्हें किसी राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होने या वहां संबोधित करने की अनुमति देती हैं।
ध्रुव राठी ने पासपोर्ट दिखाकर दिया जवाब
11 अक्टूबर को ध्रुव राठी ने Instagram वीडियो में अपना भारतीय पासपोर्ट दिखाया और विदेशी नागरिकता के दावों को गलत बताया। The Statesman की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, “मैं भारतीय नागरिक हूं। मैं था, और रहूंगा।” राठी ने यह भी कहा कि उनके पास किसी भी दूसरे भारतीय नागरिक जैसे ही अधिकार हैं।
यह वीडियो उस घटनाक्रम के बाद आया, जब 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया और देर रात छोड़ दिया गया। राठी ने आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में आए लोग उन्हें घर से ले गए और वकील से बात नहीं करने दी गई। वहीं, एक पुलिस अधिकारी ने PTI से कहा कि प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करने पर उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है।
बेंगलुरु में SIR के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए थे ध्रुव राठी
ध्रुव राठी 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के Freedom Park में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए थे। यह प्रदर्शन Cockroach Janta Party (CJP) और नागरिक समाज से जुड़े समूहों के समर्थन से आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। अभिनेता प्रकाश राज भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
ध्रुव राठी की भारत वापसी से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा वाले वीडियो को Instagram पर लाखों लाइक्स मिले। इससे उनकी राजनीतिक गतिविधियों और भारत वापसी को लेकर ऑनलाइन चर्चा और तेज हो गई।
AISA के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पर विवाद
ध्रुव राठी की नागरिकता पर उठे सवालों के बीच 10 अक्टूबर को बेंगलुरु में SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठन AISA और अन्य वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
Media रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च करना चाहते थे। AISA ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भारी संख्या में बल तैनात किया और रास्तों पर बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। संगठन ने हिरासत की कार्रवाई को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताने के अधिकार को दबाने वाला कदम बताया।
हालांकि, बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने Media को बताया कि प्रदर्शनकारियों को इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि उन्हें केवल प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई थी, मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय तक मार्च निकालने की नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को लगभग दो घंटे बाद छोड़ दिया गया।
कांग्रेस सरकार पर AISA ने क्यों उठाए सवाल?
AISA ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए विरोध प्रदर्शन के अधिकार की वकालत करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद प्रदर्शनकारियों को रोक रही है।
संगठन ने बैरिकेड हटाने, विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने और हिरासत में लेने की कार्रवाई रोकने की मांग की। AISA का सवाल था कि यदि कांग्रेस सरकार भी विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए ऐसे ही कदम उठाती है, तो वह BJP से किस तरह अलग है। यह संगठन का राजनीतिक आरोप है, न कि किसी न्यायिक जांच का निष्कर्ष।
क्या विदेशी नागरिक भारत में राजनीतिक प्रदर्शन कर सकते हैं?
इस विवाद ने विदेशी नागरिकों के भारत में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने और वीजा नियमों से जुड़े सवालों को भी चर्चा में ला दिया है।
भारत के संविधान का अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा जैसे अधिकार भारतीय नागरिकों को देता है। विदेशी नागरिकों के अधिकारों और उनकी भारत में गतिविधियों पर अलग कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं। किसी विदेशी नागरिक की स्थिति में संबंधित वीजा, प्रवेश अनुमति और लागू कानूनों की शर्तें महत्वपूर्ण होती हैं।
लेकिन ध्रुव राठी के मामले में किसी नियम के उल्लंघन का निष्कर्ष निकालने से पहले उनकी नागरिकता, भारत में प्रवेश की स्थिति और लागू शर्तों की आधिकारिक जांच जरूरी होगी। भास्कर राव ने इसी सत्यापन की मांग की है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी मांग को किसी आधिकारिक जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में पेश नहीं किया गया है।
Dhruv Rathee विवाद में अब आगे क्या?
फिलहाल इस मामले में दो अलग-अलग मुद्दे सामने हैं। पहला, ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा स्थिति को सत्यापित करने की मांग। दूसरा, SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लेने और विरोध के अधिकार को लेकर विवाद।
Is Dhruv Rathee Indian Citizen? ध्रुव राठी ने खुद भारतीय पासपोर्ट दिखाकर भारतीय नागरिक होने की बात कही है, लेकिन इस सवाल का निर्णायक जवाब केवल विश्वसनीय आधिकारिक रिकॉर्ड या संबंधित अधिकारियों की पुष्टि से ही दिया जा सकता है। वहीं, बेंगलुरु में AISA की हिरासत को लेकर पुलिस ने अनुमति की शर्तों का हवाला दिया है, जबकि संगठन ने इसे विरोध के अधिकार पर रोक बताया है।
आने वाले दिनों में गृह मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं, और प्रदर्शन से जुड़े विवाद पर क्या आगे की कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ध्रुव राठी ने अपनी नागरिकता को लेकर क्या कहा?
ध्रुव राठी ने Instagram वीडियो में भारतीय पासपोर्ट दिखाकर विदेशी नागरिकता के दावों को गलत बताया और कहा कि वह भारतीय नागरिक हैं।
ध्रुव राठी की नागरिकता को लेकर जांच की मांग किसने की?
पूर्व बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर और BJP नेता भास्कर राव ने गृह मंत्रालय से उनकी नागरिकता, पासपोर्ट और वीजा की जांच कराने की मांग की।
ध्रुव राठी बेंगलुरु में किस प्रदर्शन में शामिल हुए थे?
वह 8 अक्टूबर 2026 को Freedom Park में SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
ध्रुव राठी को 10 अक्टूबर को क्यों हिरासत में लिया गया था?
CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उन्हें गुरुग्राम स्थित घर से हिरासत में लिया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करने पर उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता था।
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