पुलिस अभिरक्षा में मौत पर उठे सवाल, संतोष व अनीश दूबे को गलत फंसाने का आरोप
प्रतापगढ़ में पट्टी कोतवाली में पुलिस अभिरक्षा में अर्जुन गौतम की मृत्यु के प्रकरण में दर्ज मुकदमे को लेकर सवाल उठे हैं।
प्रतापगढ़ में पट्टी कोतवाली में पुलिस अभिरक्षा में अर्जुन गौतम की मृत्यु के प्रकरण में दर्ज मुकदमे को लेकर सवाल उठे हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष एवं पट्टी विधानसभा क्षेत्र के जनप्रिय नेता दिनेश तिवारी एडवोकेट ने बुधवार को जिलाधिकारी प्रतापगढ़ से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
दिनेश तिवारी ने जिलाधिकारी से कहा कि पुलिस अभिरक्षा में हुई मृत्यु अत्यंत गंभीर विषय है। उनके मुताबिक, इस मामले में जनता को न्याय होता हुआ दिखाई देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच स्वयं जिलाधिकारी की निगरानी में हो, ताकि मामले की सच्चाई साफ तौर पर सामने आ सके।
ज्ञापन में एफआईआर संख्या 403/2026, थाना पट्टी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। दिनेश तिवारी ने कहा कि जांच की प्रभावी निगरानी स्वयं जिलाधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना था कि इस मामले में किसी भी स्तर पर पक्षपात नहीं होना चाहिए और जांच उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर ही आगे बढ़नी चाहिए।
ज्ञापन में संतोष दूबे एवं अनीश दूबे को पीड़ित बताते हुए आरोप लगाया गया कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। दिनेश तिवारी ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच में दोनों के विरुद्ध आरोप निराधार पाए जाते हैं, तो उन्हें तत्काल मुकदमे से बाहर किए जाने की कार्रवाई की जाए।
दिनेश तिवारी ने कहा कि मामले में किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाया नहीं जाना चाहिए और किसी दोषी को बचाया भी नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अर्जुन गौतम की मृत्यु हत्या है अथवा आत्महत्या, इसका निर्धारण केवल निष्पक्ष जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने पुलिस अभिरक्षा में हुई मृत्यु की मजिस्ट्रियल जांच को भी पूरी पारदर्शिता के साथ कराए जाने की मांग की। दिनेश तिवारी ने कहा कि जांच में यदि किसी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति की भूमिका दोषपूर्ण पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
दिनेश तिवारी ने जिलाधिकारी से कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मामले में शीघ्र निष्पक्ष जांच कराकर न्याय सुनिश्चित कराने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ता दीपक मिश्र, दीपू, अनुप यादव, विनोद कुमार, पी.सी. सिंह, संतोष तिवारी, अब्दुल्लाह खान, अंकित पाठक, अंकित दूबे, राजकुमार यादव, रोहित कुमार गौतम, शमशेर आलम सहित कई अधिवक्ता, पदाधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रतापगढ़ में किस मामले को लेकर सवाल उठे हैं?
पट्टी कोतवाली में पुलिस अभिरक्षा में अर्जुन गौतम की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे को लेकर सवाल उठे हैं।
दिनेश तिवारी ने जिलाधिकारी से क्या मांग की?
दिनेश तिवारी ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की, वह भी जिलाधिकारी की निगरानी में।
संतोष दूबे और अनीश दूबे को लेकर क्या आरोप लगाया गया है?
ज्ञापन में कहा गया कि संतोष दूबे और अनीश दूबे को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। अगर आरोप निराधार मिलें तो उन्हें मुकदमे से बाहर किया जाए।
अर्जुन गौतम की मौत पर दिनेश तिवारी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह हत्या है या आत्महत्या, इसका फैसला सिर्फ निष्पक्ष जांच, सबूतों और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।
अगर जांच में किसी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति की भूमिका गलत मिलती है तो क्या मांग की गई?
दिनेश तिवारी ने कहा कि अगर किसी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति की भूमिका दोषपूर्ण पाई जाती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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