मुरैना में गांव के पास मिला वयस्क मगरमच्छ, चार घंटे बाद चंबल छोड़ा
मुरैना जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में ग्राम खुलावली साला चौकी के पास रविवार-सोमवार की दरमियानी रात एक वयस्क मगरमच्छ मिलने से हड़कंप मच गया।
मुरैना जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में ग्राम खुलावली साला चौकी के पास रविवार-सोमवार की दरमियानी रात एक वयस्क मगरमच्छ मिलने से हड़कंप मच गया। मगरमच्छ की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद उसे बमुश्किल काबू किया और सुरक्षित पकड़ लिया।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम खुलावली इलाके में मगरमच्छ होने की सूचना वन विभाग को मिली थी। इसके बाद टीम ने बिना देरी किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। वन विभाग की टीम रात करीब 12:30 बजे मौके पर पहुंची। मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश रात से सुबह तक चलती रही।
रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह 4 बजे तक चला। मगरमच्छ वयस्क होने के कारण उसे काबू करने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटे की कोशिश के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया।
मगरमच्छ को पकड़ने के बाद वन विभाग की टीम उसे चंबल नदी के राजघाट क्षेत्र में ले गई। वहां उसे सुरक्षित छोड़ दिया गया। डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल के अनुसार, मगरमच्छ को उसके प्राकृतिक रहवास चंबल नदी में छोड़ा गया है।
ग्राम खुलावली के पास वयस्क मगरमच्छ मिलने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि वह चंबल नदी से निकलकर गांव के पास इस इलाके तक कैसे पहुंचा। हालांकि, मगरमच्छ के गांव के पास पहुंचने के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल ने बताया कि देवगढ़ थाना क्षेत्र के खुलावली इलाके में मगरमच्छ होने की सूचना मिलते ही आधी रात को वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया था। टीम ने काफी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को काबू किया। इसके बाद उसका रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित चंबल नदी में छोड़ दिया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मगरमच्छ कहां मिला था?
वयस्क मगरमच्छ मुरैना जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में ग्राम खुलावली साला चौकी के पास मिला था।
मगरमच्छ को पकड़ने में कितना समय लगा?
वन विभाग की टीम ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ा।
वन विभाग की टीम मौके पर कब पहुंची थी?
टीम रात करीब 12:30 बजे मौके पर पहुंची थी और रेस्क्यू सुबह 4 बजे तक चला।
मगरमच्छ को पकड़ने के बाद कहां छोड़ा गया?
मगरमच्छ को चंबल नदी के राजघाट क्षेत्र में उसके प्राकृतिक रहवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।