मुरैना में सड़क की पुलिया पर बैठा विशाल मगरमच्छ, आधे घंटे थमे वाहन
मुरैना के कैलारस क्षेत्र में मंगलवार रात एक विशाल मगरमच्छ ने सड़क पर ही ‘ब्रेक’ लगा दिया।
मुरैना के कैलारस क्षेत्र में मंगलवार रात एक विशाल मगरमच्छ ने सड़क पर ही ‘ब्रेक’ लगा दिया। भर्रा गांव स्थित डेम के पास से निकलकर मगरमच्छ मुख्य मार्ग पर पहुंच गया और सड़क के बीच बनी पुलिया पर आकर बैठ गया। मगरमच्छ को पुलिया पर बैठा देखकर राहगीरों ने अपने वाहन रोक दिए। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की कतार लग गई और करीब आधे घंटे तक वाहनों की रफ्तार थमी रही।
घटना रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। इसी दौरान जौरा के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता सूबेदार सिंह सिकरवार के सुरक्षा गार्ड अपने गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में पुलिया पर मगरमच्छ दिखाई दिया तो उन्होंने उसका वीडियो बना लिया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में इस घटना की चर्चा फैल गई। मगरमच्छ के मुख्य मार्ग पर पहुंचने की सूचना वन विभाग को भी दी गई।
सड़क के बीचोंबीच मगरमच्छ को देखकर वाहन चालक और ग्रामीण उसके पास जाने के बजाय दूरी बनाकर खड़े रहे। कोई भी व्यक्ति उसके करीब नहीं गया। करीब 30 मिनट तक मगरमच्छ पुलिया पर ही बैठा रहा। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और राहगीर दूर से उसे देखते रहे।
करीब आधे घंटे के बाद मगरमच्छ खुद डेम की ओर लौट गया। गनीमत रही कि सड़क पर इतने लंबे समय तक मगरमच्छ की मौजूदगी के बावजूद किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। हालांकि, उसके मुख्य मार्ग तक पहुंचने से राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
डेम से निकलकर मगरमच्छ के सड़क तक पहुंचने की घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ गई है। इन दिनों खेतों में कृषि कार्य चल रहा है। इसके चलते ग्रामीणों का डेम और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास लगातार आना-जाना रहता है। ग्रामीणों को आशंका है कि इलाके में और भी मगरमच्छ मौजूद हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से डेम और उसके आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने जलीय जीवों की मौजूदगी का पता लगाने की भी अपील की है, ताकि डेम और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास आने-जाने वाले लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
वन विभाग के देवरी अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि रात में सड़क पर मगरमच्छ आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद विभागीय टीम को मौके के लिए रवाना किया गया। मगरमच्छ को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने की कार्रवाई की जा रही है।
श्याम सिंह चौहान ने बताया कि बारिश के दौरान नदियों और जलाशयों में पानी का बहाव तेज हो जाता है। ऐसे में कई बार जलीय जीव अपना सामान्य क्षेत्र छोड़कर दूसरे स्थानों तक पहुंच जाते हैं। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद भी ऐसे मामलों में वन विभाग की निगरानी और रेस्क्यू कार्रवाई जारी है।
करीब 30 मिनट तक सड़क की पुलिया पर मगरमच्छ के बैठे रहने से पूरे इलाके में कौतूहल और दहशत दोनों का माहौल बन गया। मगरमच्छ के डेम की ओर लौटने के बाद सड़क पर वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हुई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद भर्रा गांव स्थित डेम और उसके आसपास मगरमच्छ की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मगरमच्छ सड़क पर कहां आकर बैठ गया था?
मगरमच्छ भर्रा गांव स्थित डेम के पास मुख्य मार्ग की पुलिया पर आकर बैठ गया था।
मगरमच्छ के सड़क पर बैठने से क्या हुआ?
राहगीरों ने वाहन रोक दिए और करीब आधे घंटे तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही थमी रही।
मगरमच्छ कितनी देर बाद वहां से हटा?
करीब 30 मिनट बाद मगरमच्छ खुद डेम की ओर लौट गया।
क्या इस घटना में किसी को नुकसान हुआ?
नहीं, मगरमच्छ की मौजूदगी के बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
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