News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
खोज
ताज़ा
हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, देशभक्ति का जश्नहमीरपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न धूमधाम से मनाया गयागुरावली में बंद आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामाकर्नाटक मंत्री ने 15 अगस्त को झंडा फहराने से मांगी छूट, बीजेपी का हमलापिता ने 11 महीने की बेटी को यमुना में फेंका, पत्नी को भी मारने की कोशिशगाजियाबाद में पुलिस-आरोपियों के बीच मुठभेड़, दोनों घायलजर्मनी में हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट की मौतदिल्ली पुलिस ने नेपाल से जुड़े ₹109 करोड़ के चरस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
Sports Explainer

रोनाल्डो का फीफा वर्ल्ड कप में गोल सूखा जारी, पुर्तगाल के लिए चिंता

क्रिस्टियानो रोनाल्डो की फॉर्म में गिरावट और पुर्तगाल के लिए चिंता का विषय। आंकड़े बताते हैं कि वह मेजर टूर्नामेंट में प्रभावी नहीं रह गए हैं।

News Darpan AI image
News Darpan AI image

रोनाल्डो को आखिर हुआ क्या: मेजर टूर्नामेंट में पुर्तगाल के सबसे बड़े सिरदर्द कैसे बने CR7? आंकड़े चौंकाने वाले

क्रिस्टियानो रोनाल्डो, जिन्हें कभी मैच का रुख बदलने वाला खिलाड़ी माना जाता था, अब पुर्तगाल के लिए उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। 41 साल के स्ट्राइकर, जो अपने रिकॉर्ड छठे फीफा वर्ल्ड कप में खेल रहे हैं, पुर्तगाल के पहले मैच में डीआर कांगो के खिलाफ कोई खास असर नहीं डाल सके। यह मैच 1-1 के निराशाजनक ड्रॉ पर खत्म हुआ। पूरे 90 मिनट मैदान पर रहने के बावजूद रोनाल्डो न तो गोल कर पाए और न ही खेल पर कोई बड़ा प्रभाव डाल सके।

आंकड़ों में गिरावट

रोनाल्डो का हालिया प्रदर्शन बड़े टूर्नामेंट्स में सवाल खड़े कर रहा है। पिछले 10 मैचों से वह ऐसे टूर्नामेंट्स में गोल नहीं कर पाए हैं। फुटबॉल के सबसे बड़े गोल-स्कोरर के लिए यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। इस गोल सूखे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वह अब भी पुर्तगाल के लिए उतने अहम हैं जितने पहले थे।

उम्र और बदलती भूमिका

रोनाल्डो का खेलने का अंदाज समय के साथ बदल गया है। पहले उनकी पहचान स्पीड, ड्रिब्लिंग और एथलेटिसिज्म से होती थी, लेकिन अब वह ज्यादातर बॉक्स के अंदर स्ट्राइकर की भूमिका निभाते हैं। पहले की तरह वह अब पीछे जाकर खेल बनाने या डिफेंस में योगदान नहीं देते। उनकी भूमिका अब लगभग पूरी तरह से गोल करने तक सीमित हो गई है, जो तब मुश्किल हो जाती है जब गोल न आए।

रोनाल्डो बनाम मेसी

रोनाल्डो और लियोनेल मेसी की तुलना फुटबॉल में हमेशा से चर्चा का विषय रही है। दोनों अपने करियर के आखिरी दौर में हैं, लेकिन मेसी ने अपने खेल को बदलकर टीम के लिए प्रभावशाली बने रहना सीखा है। वह अब पीछे खेलते हैं, अपने साथियों के लिए मौके बनाते हैं और अटैक को दिशा देते हैं। दूसरी ओर, रोनाल्डो अभी भी गोल पर फोकस करते हैं, जिससे वह तब कम योगदान देते हैं जब गोल नहीं कर पाते।

पुर्तगाल के लिए चिंता

पुर्तगाल की रोनाल्डो पर निर्भरता अब उनके लिए दोधारी तलवार बनती जा रही है। पिछले चार बड़े टूर्नामेंट मैचों में रोनाल्डो ने 420 में से 396 मिनट खेले, लेकिन टीम सिर्फ एक गोल कर सकी। दिलचस्प बात यह है कि जब रोनाल्डो मैदान पर नहीं होते, तो पुर्तगाल का गोल-स्कोरिंग औसत बेहतर होता है। यह आंकड़ा, भले ही निर्णायक न हो, लेकिन टीम की अपने उम्रदराज स्टार पर निर्भरता को लेकर सवाल खड़े करता है।

रोबर्टो मार्टिनेज का भरोसा

सारी आलोचनाओं के बावजूद, पुर्तगाल के कोच रोबर्टो मार्टिनेज को रोनाल्डो की क्षमताओं पर पूरा भरोसा है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि कड़े मुकाबलों में रोनाल्डो की क्वालिटी अहम होती है। उन्होंने कहा कि जब टीम को गोल की जरूरत हो, तो फुटबॉल के सबसे बड़े गोल-स्कोरर को बेंच पर बैठाना सही नहीं है। हालांकि रोनाल्डो का अनुभव और उनकी प्रतिष्ठा अब भी सम्मान पाती है, लेकिन उनके हालिया प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके सर्वश्रेष्ठ से काफी दूर हैं।

पुर्तगाल की वर्ल्ड कप उम्मीदों का मोड़

डीआर कांगो के खिलाफ मैच ने रोनाल्डो के फॉर्म से परे पुर्तगाल की बड़ी समस्याओं को उजागर किया। ब्रूनो फर्नांडिस और बर्नार्डो सिल्वा जैसे क्रिएटिव खिलाड़ियों के होने के बावजूद, टीम फाइनल थर्ड में संघर्ष करती दिखी। अगर पुर्तगाल रोनाल्डो पर ज्यादा निर्भर रहेगा और वह प्रदर्शन नहीं कर पाए, तो उनकी वर्ल्ड कप की उम्मीदें खतरे में पड़ सकती हैं।

आगे का रास्ता

रोनाल्डो के पास अब भी आलोचकों को चुप कराने और इस टूर्नामेंट में अपनी अहमियत साबित करने का मौका है। लेकिन डीआर कांगो के खिलाफ मैच ने उनके भविष्य और पुर्तगाल की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या रोनाल्डो अपना पुराना जादू वापस ला पाएंगे, या पुर्तगाल को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना पड़ेगा?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोनाल्डो ने फीफा वर्ल्ड कप में अपना आखिरी मैच कब खेला?

रोनाल्डो ने अपना पहला मैच फीफा वर्ल्ड कप में डीआर कांगो के खिलाफ खेला, जो 1-1 के ड्रॉ पर खत्म हुआ।

रोनाल्डो के हालिया प्रदर्शन के आंकड़े क्या हैं?

रोनाल्डो पिछले 10 बड़े टूर्नामेंट मैचों में गोल नहीं कर पाए हैं, जो उनके लिए चौंकाने वाला आंकड़ा है।

पुर्तगाल की टीम रोनाल्डो पर कितनी निर्भर है?

पुर्तगाल ने पिछले चार बड़े टूर्नामेंट मैचों में रोनाल्डो के साथ 396 मिनट खेला, लेकिन टीम ने केवल एक गोल किया।

कोच रोबर्टो मार्टिनेज का रोनाल्डो के प्रति क्या दृष्टिकोण है?

कोच रोबर्टो मार्टिनेज ने रोनाल्डो की क्षमताओं पर भरोसा जताया है और कहा है कि कड़े मुकाबलों में उनकी क्वालिटी अहम होती है।

रोनाल्डो की खेल की भूमिका में क्या बदलाव आया है?

रोनाल्डो की भूमिका अब ज्यादातर गोल करने तक सीमित हो गई है, जबकि पहले वह खेल बनाने और डिफेंस में योगदान भी देते थे।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया

  2. 2

    गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

  3. 3

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन

  4. 4

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत

  5. 5

    शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।