चीन ने यूरोप में एआई मॉडल्स को प्रमोट करने की शुरुआत की
चीन यूरोप में अपने एआई मॉडल्स को प्रमोट कर रहा है, लेकिन क्या ये अमेरिका के साथ दो-ध्रुवीय दौड़ से बचने के लिए काफी है?
चीन यूरोप में अपने एआई मॉडल्स को प्रमोट कर रहा है, लेकिन क्या ये अमेरिका के साथ दो-ध्रुवीय दौड़ से बचने के लिए काफी है?
चीन ने यूरोप में एआई मॉडल्स को प्रमोट करना तेज किया
चीन अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल्स को यूरोप में जोर-शोर से प्रमोट कर रहा है। इसका मकसद ग्लोबल एआई रेस में अमेरिका की बढ़त को चुनौती देना है। लेकिन ताजा आंकड़े दिखाते हैं कि इन दो टेक दिग्गजों और बाकी देशों के बीच बड़ा फासला है। सवाल उठता है कि क्या यूरोप एआई इनोवेशन में एक मजबूत तीसरी ताकत बन सकता है।
एआई डेवलपमेंट में अमेरिका और चीन सबसे आगे
2026 ग्लोबल एआई इनोवेशन इंडेक्स, जो चीन के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंटिफिक एंड टेक्निकल इंफॉर्मेशन और पेकिंग यूनिवर्सिटी ने तैयार किया है, एआई क्षमताओं में बड़ा अंतर दिखाता है। अमेरिका 78.44 स्कोर के साथ सबसे आगे है, जबकि चीन 60.49 स्कोर के साथ दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर ब्रिटेन है, जिसका स्कोर 39.99 है। जर्मनी और फ्रांस छठे और सातवें स्थान पर हैं।
स्टैनफोर्ड की 2026 एआई इंडेक्स रिपोर्ट भी यही तस्वीर पेश करती है। अमेरिका ने पिछले साल 59 प्रमुख एआई मॉडल्स बनाए, जो चीन के 35 मॉडल्स से लगभग दोगुने हैं। वहीं, यूरोप ने सिर्फ दो मॉडल्स बनाए, जो उसकी उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में हो रही मुश्किलों को दिखाता है।
यूरोप की भूमिका: तीसरी ताकत या अमेरिका का सहयोगी?
अमेरिका और चीन के बढ़ते दबदबे ने ग्लोबल एआई परिदृश्य में यूरोप की स्थिति को लेकर बहस छेड़ दी है। कुछ विशेषज्ञ "जी3" का सपना देखते हैं, जहां यूरोप एक स्वतंत्र टेक्नोलॉजिकल ताकत बने। लेकिन एआई मॉडल्स के सीमित प्रोडक्शन और अमेरिकी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता यह इशारा करती है कि यूरोप फिलहाल वॉशिंगटन की कक्षा में ही रहेगा।
क्यों है ये अहम
ग्लोबल एआई रेस सिर्फ तकनीकी बढ़त की बात नहीं है। इसका असर आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीतिक ताकत पर भी पड़ता है। जैसे-जैसे अमेरिका और चीन अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं, यूरोप के सामने बड़ा फैसला है: या तो भारी निवेश कर इस फासले को कम करे या फिर 21वीं सदी की सबसे अहम इंडस्ट्री में और पीछे रह जाए।
फिलहाल, यूरोप में चीन की कोशिशें अमेरिका के दबदबे को संतुलित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा लगती हैं। लेकिन क्या ये प्रयास ग्लोबल एआई पावर बैलेंस को बदल पाएंगे, ये देखना बाकी है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चीन यूरोप में किस चीज़ को प्रमोट कर रहा है?
चीन यूरोप में अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल्स को प्रमोट कर रहा है।
चीन का यूरोप में एआई मॉडल्स प्रमोट करने का मकसद क्या है?
चीन का मकसद ग्लोबल एआई रेस में अमेरिका की बढ़त को चुनौती देना है।
2026 ग्लोबल एआई इनोवेशन इंडेक्स में अमेरिका और चीन का स्कोर क्या है?
अमेरिका का स्कोर 78.44 है, जबकि चीन का स्कोर 60.49 है।
यूरोप ने एआई मॉडल्स के मामले में क्या प्रदर्शन किया है?
यूरोप ने सिर्फ दो एआई मॉडल्स बनाए हैं, जो उसकी प्रतिस्पर्धा में मुश्किलों को दिखाता है।
यूरोप की भूमिका को लेकर क्या बहस चल रही है?
कुछ विशेषज्ञ यूरोप को एक स्वतंत्र टेक्नोलॉजिकल ताकत बनाने का सपना देख रहे हैं, लेकिन उसकी अमेरिकी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता इसे चुनौती देती है।
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