कनाडा ने हार्वर्ड-MIT के शीर्ष वैज्ञानिकों को 504 मिलियन डॉलर देकर बुलाया
कनाडा ने 64 शीर्ष शोधकर्ताओं को 504 मिलियन कैनेडियन डॉलर की ग्रांट दी। हार्वर्ड और MIT से करीब 48 वैज्ञानिक कनाडा जा रहे हैं।
हार्वर्ड और MIT के विद्वान कनाडा जा रहे हैं, कार्नी ने दिए करोड़ों
कनाडा ने दुनिया भर से 64 बड़े रिसर्चर्स को 504 मिलियन कैनेडियन डॉलर की ग्रांट देकर अपने यहां बुलाया है, जिसमें करीब चार दर्जन वैज्ञानिक अमेरिकी कैंपसों से आ रहे हैं, जिनमें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
वैंकूवर में गुरुवार को इंडस्ट्री मिनिस्टर मेलानी जोली ने इस फंडिंग पैकेज का एलान किया। हर विद्वान को अपनी लैबोरेटरी और प्रोजेक्ट, जिनमें हेल्थ रिसर्च से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक शामिल हैं, कैनेडियन यूनिवर्सिटीज में शिफ्ट करने के लिए करोड़ों रुपये दिए जा रहे हैं। आने वाले 48 अकादमिक लोग फिलहाल अमेरिका में काम करते हैं, जबकि बाकी 16 यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, चाइना और जापान समेत एक दर्जन दूसरे देशों में हैं।
कार्नी सरकार ने अमेरिका में रिसर्च कटौती का फायदा उठाया
"जब कुछ देश रिसर्च में कटौती कर रहे हैं और अकादमिक फ्रीडम से मुंह मोड़ रहे हैं, तो हम साइंस पर दोगुना दांव लगा रहे हैं और हम रिसर्च पर दोगुना दांव लगा रहे हैं," जोली ने कहा।
यह भर्ती मुहिम अमेरिका में हाल ही में फेडरल फंडिंग में कटौती, इमिग्रेशन पर पाबंदियों और ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन और बड़ी यूनिवर्सिटीज के बीच बढ़ते टकराव का फायदा उठा रही है, जिससे विद्वान बाहर निकलने के रास्ते ढूंढ रहे हैं। 64 रिसर्च चेयर्स में से 23 कैनेडियन हैं जो अब अपने देश लौट रहे हैं।
12 साल में 1.7 बिलियन कैनेडियन डॉलर की प्रतिबद्धता
गुरुवार के एलान में वो बड़ी पहल शामिल है जो प्राइम मिनिस्टर मार्क कार्नी की सरकार ने पिछले साल कैनेडियन यूनिवर्सिटीज को मजबूत करने के लिए शुरू की थी, जिसमें 12 साल में 1.7 बिलियन कैनेडियन डॉलर देकर 1,000 से ज्यादा रिसर्चर्स को बुलाया जाना है। अवॉर्ड्स की इस पहली लहर से ओटावा का इरादा साफ है कि वो कनाडा को उन वैज्ञानिकों की मंजिल बनाना चाहती है जो महसूस कर रहे हैं कि नीतियों में बदलाव की वजह से अमेरिका में उन्हें सपोर्ट नहीं मिल रहा है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कनाडा ने हार्वर्ड और MIT के वैज्ञानिकों को बुलाने के लिए कितना पैसा दिया?
कनाडा ने 64 बड़े रिसर्चर्स को 504 मिलियन कैनेडियन डॉलर की ग्रांट दी है। इसमें से करीब 48 वैज्ञानिक हार्वर्ड और MIT जैसी अमेरिकी यूनिवर्सिटीज से आ रहे हैं।
ये पैसा किस-किस क्षेत्र की रिसर्च के लिए दिया जा रहा है?
यह फंडिंग हेल्थ रिसर्च से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक विभिन्न क्षेत्रों में दी जा रही है। हर विद्वान को अपनी लैबोरेटरी और प्रोजेक्ट कैनेडियन यूनिवर्सिटीज में शिफ्ट करने के लिए करोड़ों रुपये दिए जा रहे हैं।
कनाडा यह भर्ती मुहिम क्यों शुरू की?
अमेरिका में हाल ही में फेडरल फंडिंग में कटौती, इमिग्रेशन पर पाबंदियों और ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के दबाव के कारण वैज्ञानिक बाहर निकलने के रास्ते ढूंढ रहे हैं। कनाडा इस मौके का फायदा उठाकर साइंस और रिसर्च पर अपना दांव बढ़ा रहा है।
कनाडा की कुल योजना क्या है?
प्राइम मिनिस्टर मार्क कार्नी की सरकार ने 12 साल में 1.7 बिलियन कैनेडियन डॉलर देकर 1,000 से ज्यादा रिसर्चर्स को बुलाने की योजना बनाई है। यह 504 मिलियन डॉलर की घोषणा इसी बड़ी पहल की पहली लहर है।
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