कालीकट यूनिवर्सिटी के ऑटोनॉमस कॉलेजों की हर तीन साल में होगी जांच
कालीकट यूनिवर्सिटी के ऑटोनॉमस कॉलेजों की जांच करेगी एक्सपर्ट कमेटी कालीकट यूनिवर्सिटी हर तीन साल में करेगी ऑटोनॉमस कॉलेजों की जांच कालीकट यूनिवर्सिटी के सिंडिकेट ने फैसला किया है कि यूनिवर्सिटी से
कालीकट यूनिवर्सिटी हर तीन साल में करेगी ऑटोनॉमस कॉलेजों की जांच
कालीकट यूनिवर्सिटी के सिंडिकेट ने फैसला किया है कि यूनिवर्सिटी से जुड़े ऑटोनॉमस कॉलेजों की हर तीन साल में जांच की जाएगी। यह फैसला बुधवार को मलप्पुरम जिले के तेनहिपालम में यूनिवर्सिटी के मुख्य कैंपस में हुई बैठक में लिया गया। जांच की जिम्मेदारी सिंडिकेट के सदस्यों और विषय विशेषज्ञों की एक कमेटी को दी गई है।
मॉडरेशन मार्क्स घोटाले की जांच
सिंडिकेट ने मॉडरेशन मार्क्स देने में हुई गड़बड़ियों की जांच का भी फैसला किया। खासतौर पर, परीक्षा पर स्थायी समिति यह जांच करेगी कि 93 छात्रों को बिना अनुमति के मॉडरेशन मार्क्स देकर ग्रेजुएट कैसे किया गया। इसके अलावा, एक पुराने मामले की भी जांच होगी, जिसमें 51 छात्रों को मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त मार्क्स दिए गए थे। इन जांचों का मकसद यूनिवर्सिटी में गड़बड़ियों को रोकना और पारदर्शिता बनाए रखना है।
वित्तीय आवंटन और नियुक्तियां
सिंडिकेट ने 2026-27 के वित्तीय वर्ष में सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के लिए ₹3 करोड़ का बजट मंजूर किया है। सुप्रीम कोर्ट में यूनिवर्सिटी के स्टैंडिंग काउंसल के तौर पर सैयद मरजूक बफकी की नियुक्ति की गई है। वहीं, यूनिवर्सिटी के पब्लिकेशन डिवीजन के डायरेक्टर के रूप में सी. सुरेश कुमार को नियुक्त किया गया है। हालांकि, इस नियुक्ति पर लेफ्ट समर्थक सदस्यों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि यह मामला पिछले 9 जुलाई की बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं था और इससे जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं थे।
निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
सिंडिकेट के लेफ्ट समर्थक सदस्यों ने प्रमुख नियुक्तियों में प्रक्रिया संबंधी खामियों पर सवाल उठाए। उन्होंने जोर दिया कि सिंडिकेट की मंजूरी के लिए सभी नीतिगत मामलों को पहले से एजेंडा आइटम के रूप में स्पष्ट रूप से पेश किया जाना चाहिए और संबंधित रिकॉर्ड्स भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उनका कहना था कि इससे नियमों का पालन होगा और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।
फैकल्टी की छुट्टी और छात्रों के भत्ते
सिंडिकेट ने प्रोजेक्ट आधारित प्रोग्राम्स में शामिल फैकल्टी सदस्यों के लिए ड्यूटी लीव को मंजूरी दी, ताकि वे शैक्षणिक गतिविधियों और प्रोफेशनल एंगेजमेंट्स में भाग ले सकें। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी के टीचिंग डिपार्टमेंट्स में स्टडी टूर पर जाने वाले छात्रों के ट्रैवलिंग और डेली अलाउंस को भी बढ़ा दिया गया है। इन कदमों का मकसद यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक विकास और प्रोफेशनल ग्रोथ को बढ़ावा देना है।
सिंडिकेट की बैठक गुरुवार को भी जारी रहेगी और कई और फैसले लिए जाने की उम्मीद है।
स्रोत: The Hindu
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