श्रावस्ती में हाईकोर्ट आदेश के नाम पर 9 घरों को बुलडोजर से ढहाया गया
श्रावस्ती में प्रशासन ने तालाब की सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर चलाया और 9 परिवारों के मकान ध्वस्त कर दिए गए।
श्रावस्ती में प्रशासन ने तालाब की सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने के लिए बुलडोजर चलाया और 9 परिवारों के मकान ध्वस्त कर दिए गए। यह कार्रवाई इकौना देहात थाना क्षेत्र में की गई, जहां हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह ध्वस्तीकरण किया गया।
सुबह-सुबह जब प्रशासन का बुलडोजर गरजा तो देखते ही देखते 9 परिवारों के आशियाने जमींदोज हो गए। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, चिन्हित तालाब की जमीन पर इन 9 परिवारों के मकान बने हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के तहत की गई है।
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि पिछले करीब पांच दिनों से चरणबद्ध तरीके से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान एक-एक करके सभी अतिक्रमित संरचनाओं को गिराया जा रहा था।
कार्रवाई की जद में आए परिवारों की तस्वीरें और उनका दर्द भी सामने आया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे यहां लंबे समय से रह रहे हैं और उनके बाप-दादा भी इसी जगह रहते थे। परिवारों का दावा है कि उनका यहां पुश्तैनी निवास रहा है।
एक महिला ने बताया कि उसे वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिला था, लेकिन अब वही मकान भी बुलडोजर की कार्रवाई में जमींदोज हो गया। महिला ने कहा कि सरकार की ही योजना से बना घर अब सरकार ने ही गिरा दिया।
परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें कभी 26 मीटर तो कभी 36 मीटर जमीन की बात बताकर भ्रमित किया गया और पूरी बस्ती को उजाड़ दिया गया। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई।
दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि यह जमीन सरकारी तालाब की भूमि है और हाईकोर्ट के आदेश के तहत इसे कब्जामुक्त कराया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
अब इस कार्रवाई के बाद बड़ा सवाल यही है कि सरकारी जमीन से कब्जा हटाना प्रशासन की कार्रवाई है, लेकिन जिन परिवारों के आशियाने उजड़े, उनके पुनर्वास और भविष्य का क्या होगा। फिलहाल कार्रवाई जारी है और प्रभावित परिवार अपनी आपत्ति जता रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावस्ती में बुलडोजर से कितने घरों को ढहाया गया?
श्रावस्ती के इकौना देहात थाना क्षेत्र में प्रशासन ने 9 परिवारों के मकानों को बुलडोजर से ढहाया। यह कार्रवाई सरकारी तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए की गई।
ये ढहाए गए घर किन लोगों के थे?
प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे वहां लंबे समय से रह रहे हैं और उनके बाप-दादा भी उसी जगह रहते थे। इनमें से एक महिला को 2022 में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत भी घर मिला था, जो अब ढहा दिया गया।
प्रशासन ने ये कार्रवाई क्यों की?
प्रशासन का कहना है कि जमीन सरकारी तालाब की भूमि पर कब्जा था। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार इसे कब्जामुक्त कराया जा रहा है। यह पिछले पांच दिनों से चरणबद्ध तरीके से की जा रही है।
प्रभावित परिवारों का क्या कहना है?
परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई। उन्हें कभी 26 मीटर तो कभी 36 मीटर जमीन की बात कहकर भ्रमित किया गया। साथ ही उन्हें पुनर्वास की व्यवस्था के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
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