एमडीएम रजिस्टर में छात्र संख्या नहीं मिली, शिक्षकों को नोटिस
परिषदीय स्कूलों में बच्चों के एमडीएम खाने और बर्तन धुल जाने के बाद भी एमडीएम रजिस्टर में छात्र संख्या दर्ज नहीं की जा रही है।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों के एमडीएम खाने और बर्तन धुल जाने के बाद भी एमडीएम रजिस्टर में छात्र संख्या दर्ज नहीं की जा रही है। नियम के मुताबिक एमडीएम बनने के दौरान ही यह संख्या रजिस्टर में चढ़ाई जानी चाहिए। शनिवार को दोपहर बाद स्कूलों के निरीक्षण के दौरान बीएसए अनिल कुमार के सामने यह लापरवाही सामने आई। रजिस्टर में छात्र संख्या दर्ज नहीं मिलने पर शिक्षक बीएसए के सवालों का जवाब भी नहीं दे सके।
बीएसए ने इसे वित्तीय अनियमितता माना है। इस मामले में संबंधित शिक्षकों से जवाब तलब किया जा रहा है और उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान एमडीएम संचालन और उससे जुड़े रिकॉर्ड में कई कमियां मिलीं।
दोपहर 12 बजे करीब बीएसए अनिल कुमार ने शिकोहाबाद एवं मदनपुर के स्कूलों का निरीक्षण किया। वह प्राथमिक स्कूल निजामपुर गढ़ूमा शिकोहाबाद पहुंचे। यहां एमडीएम रजिस्टर में यह दर्ज नहीं था कि स्कूल में कितने छात्रों ने एमडीएम खाया। बीएसए ने जब शिक्षकों से इस बारे में पूछा तो वे कोई जवाब नहीं दे सके।
मदनपुर ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल नगला लोकमन में भी यही स्थिति मिली। यहां मध्याह्न भोजन रजिस्टर में छात्र संख्या अंकित नहीं थी। प्राथमिक स्कूल फतेहपुर करखा में एमडीएम संचालन में कमियां मिलीं। प्राथमिक विद्यालय स्कूल अहमदपुर में मध्याह्न भोजन से जुड़े अभिलेख अपूर्ण पाए गए।
उच्च प्राथमिक विद्यालय अमौर में मध्याह्न भोजन और क्रीड़ा सामग्री के रख-रखाव की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। बीएसए ने इन व्यवस्थाओं की जांच की। मध्याह्न भोजन रजिस्टर में छात्र संख्या दर्ज नहीं करने को वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना जा रहा है। इसी आधार पर शिक्षकों को नोटिस जारी किया जा रहा है।
बीएसए ने सोमवार को आठ स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रावि आमौर, नानेमऊ शेरपुर, नानेमऊ और उप्रावि फतेहपुर करखा का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने कक्षाओं में छात्रों से सवाल पूछे। छात्रों से बोर्ड पर सवाल भी हल कराए गए।
निरीक्षण के दौरान स्कूलों में सफाई व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापकों को सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने क्रीड़ा सामग्री सहित अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच की।
प्राथमिक स्कूल निजामपुर गढ़ूमा शिकोहाबाद में कार्यरत एक शिक्षामित्र भी निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर मिलीं। वह बगैर पूर्व सूचना के अनुपस्थित थीं। वहीं उच्च प्राथमिक स्कूल मदनपुर में सहायक शिक्षक भी उपस्थित नहीं थे। शिक्षामित्र एवं शिक्षक को विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जा रहा है।
बीएसए ने सोमवार को सुबह ही सभी ब्लॉकों के शिक्षकों को ग्रुप में मैसेज भेजकर निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि स्कूलों में एमडीएम रजिस्टर में छात्र संख्या का अंकन किया जाए। यह भी बताया गया था कि छात्र संख्या दर्ज नहीं करने को वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में माना जाएगा। इसके बाद भी शिक्षकों की ओर से लापरवाही की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एमडीएम रजिस्टर में क्या दर्ज नहीं किया गया था?
एमडीएम खाने वाले छात्रों की संख्या रजिस्टर में दर्ज नहीं की गई थी।
छात्र संख्या दर्ज नहीं करने को क्या माना गया?
बीएसए ने इसे वित्तीय अनियमितता माना।
इस मामले में शिक्षकों के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है?
संबंधित शिक्षकों से जवाब मांगा जा रहा है और उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
बीएसए ने किन स्कूलों में यह कमी पाई?
शिकोहाबाद के प्राथमिक स्कूल निजामपुर गढ़ूमा और मदनपुर ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल नगला लोकमन में एमडीएम रजिस्टर में छात्र संख्या दर्ज नहीं मिली।
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