इंदौर डिक्लेरेशन से कृषि में BRICS देशों का नया कदम
BRICS देशों ने इंदौर डिक्लेरेशन अपनाया, जो खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और किसानों की भलाई पर केंद्रित है।
इंदौर में 13 जून 2026 को BRICS agriculture कृषि मंत्रियों की बैठक में 'इंदौर डिक्लेरेशन' को मंजूरी दी गई। यह ऐतिहासिक समझौता खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और किसानों की भलाई पर केंद्रित है, जो वैश्विकृषि सहयोग में एक बड़ा कदम है।
डिक्लेरेशन में चार मुख्य प्राथमिकताओं पर जोर दिया गया है: खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना, कृषि व्यापार को बढ़ावा देना, जलवायु-समर्थित खेती को बढ़ावा देना और कृषि में नवाचार और तकनीको मजबूत करना। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहाने कहा कि यह डिक्लेरेशन किसानों को केंद्र में रखता है और उनके जीवनयापन को सुरक्षित करने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है।
डिक्लेरेशन के तहत चार बड़े कदम उठाए गए हैं। इनमें प्राकृतिक और जैविक खेती पर ध्यान देने के लिए BRICS नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन एग्रो-इकोलॉजी एंड रीजेनरेटिव एग्रीकल्चर शामिल है। BRICS नेटवर्क ऑन डिजिटल एग्रीकल्चर का उद्देश्य एआई और जियोस्पेशल टेक्नोलॉजी जैसी नई तकनीकों को खेती में शामिल करना है। इसके अलावा, ग्लोबल फोरम ऑन फार्मर्स' राइट्स इन सीड सिस्टम्स किसानों के बीज अधिकारों और पारंपरिक बीजों की विविधता को संरक्षित करेगा। BRICS एग्रीएन कृषि इनपुट और जेनेटिक रिसोर्सेज में सहयोग को बढ़ावा देगा।
भारत, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, ने इस बैठक की मेजबानी की। इसमें लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें 60 विदेशी प्रतिनिधि शामिल थे। BRICS देश, जो वैश्विक जनसंख्या का लगभग आधा और 42% खाद्यान्न उत्पादन करते हैं, इस पहल के माध्यम से वैश्विक मंच पर अपनी सामूहिक आवाज को मजबूत करना चाहते हैं।
मुख्य बातें
- 13 जून 2026 को BRICS कृषि मंत्रियों ने इंदौर डिक्लेरेशन अपनाया।
- डिक्लेरेशन का फोकस खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और किसानों की भलाई पर है।
- चार पहलें घोषित की गईं, जिनमें एग्रो-इकोलॉजी और डिजिटल एग्रीकल्चर नेटवर्क शामिल हैं।
- भारत ने BRICS अध्यक्षता के तहत इस बैठक की मेजबानी की।
- BRICS देश वैश्विक खाद्यान्न उत्पादन का 42% और विश्व की लगभग आधी जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इंदौर डिक्लेरेशन क्या है?
यह BRICS का समझौता है जो खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और किसानों की भलाई पर केंद्रित है। इसे 13 जून 2026 को अपनाया गया।
इंदौर डिक्लेरेशन के तहत कौन-कौन सी पहलें घोषित हुईं?
चार पहलें घोषित हुईं, जिनमें एग्रो-इकोलॉजी, डिजिटल एग्रीकल्चर, बीज अधिकार और कृषि इनपुट नेटवर्क शामिल हैं।
स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 13 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272502
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंदौर डिक्लेरेशन क्या है?
यह BRICS का समझौता है जो खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और किसानों की भलाई पर केंद्रित है। इसे 13 जून 2026 को अपनाया गया।
इंदौर डिक्लेरेशन के तहत कौन-कौन सी पहलें घोषित हुईं?
चार पहलें घोषित हुईं, जिनमें एग्रो-इकोलॉजी, डिजिटल एग्रीकल्चर, बीज अधिकार और कृषि इनपुट नेटवर्क शामिल हैं।
इंदौर डिक्लेरेशन में मुख्य फोकस क्या है?
इसका मुख्य फोकस खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और किसानों की भलाई पर है।
इस बैठक में कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया?
इस बैठक में लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें 60 विदेशी प्रतिनिधि शामिल थे।
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