भारत में 16वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक संपन्न
भारत ने इंदौर में 16वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक आयोजित की, जिसमें खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ खेती पर चर्चा हुई।
12-13 जून 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर में 16वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और नवाचार पर चर्चा हुई और संयुक्त घोषणा पत्र अपनाया गया, जिसमें वैश्विकृषि प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई पहलें शामिल हैं।
घोषणा पत्र में किसानों, खासकर छोटे किसानों को समर्थन देने पर जोर दिया गया। बैठक में ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस ऑन एग्रोइकोलॉजी और रीजेनेरेटिव एग्रीकल्चर की स्थापना का फैसला हुआ, जिसकी शुरुआती समन्वय आईसीएआर-आईआईएफएसआर, मोदिपुरम, भारत द्वारा होगी। इसका उद्देश्य जलवायु-संवेदनशील खेती को बढ़ावा देना है।
डिजिटल कृषि नेटवर्क बनाने का भी निर्णय लिया गया, जिसकी अगुवाई आईआईटी दिल्ली करेगा। यह नेटवर्क एआई, जियोस्पेशल टेक्नोलॉजी और डेटा-ड्रिवन समाधान को बढ़ावा देगा। इसके अलावा, किसानों के बीज अधिकारों की रक्षा के लिए ग्लोबल फोरम ऑन फार्मर्स' राइट्स इन सीड सिस्टम्स लॉन्च किया गया, जिसका समन्वय पीपीवी एंड एफआरए, नई दिल्ली करेगा।
बैठक में ब्रिक्स एग्रीन फ्रेमवर्की स्थापना पर भी सहमति बनी, जो बीज, कृषि इनपुट और जेनेटिक संसाधनों agriculture-ties-2 में सहयोग को बढ़ाएगा। मंत्रियों ने ब्रिक्स कृषि अनुसंधान प्लेटफॉर्म को मजबूत करने और निष्पक्ष कृषि व्यापार को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में द्विपक्षीय चर्चाएं, पर्यावरणीय स्थिरता के प्रतीके रूप में वृक्षारोपण और छोटे किसानों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने पर संवाद शामिल था। लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो ब्रिक्स कृषि सहयोग में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बातें
- इंदौर, भारत में 16वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक हुई।
- किसान-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए संयुक्त घोषणा पत्र अपनाया गया।
- एग्रोइकोलॉजी और डिजिटल कृषि पर ब्रिक्स नेटवर्क स्थापित हुआ।
- किसानों के बीज अधिकारों पर ग्लोबल फोरम लॉन्च किया गया।
- बैठक में लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
16वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक का मुख्य विषय क्या था?
बैठक में खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और नवाचार पर चर्चा हुई और संयुक्त घोषणा पत्र अपनाया गया।
बैठक के प्रमुख परिणाम क्या हैं?
मुख्य परिणामों में एग्रोइकोलॉजी और डिजिटल कृषि नेटवर्क, किसानों के बीज अधिकारों पर फोरम और ब्रिक्स एग्रीन फ्रेमवर्क शामिल हैं।
स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 13 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272536
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
16वीं ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक कहाँ और कब हुई?
यह बैठक 12-13 जून 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर में भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
इस बैठक में किसानों के लिए क्या निर्णय लिए गए?
संयुक्त घोषणा पत्र में किसानों, खासकर छोटे किसानों को समर्थन देने पर जोर दिया गया। किसानों के बीज अधिकारों की रक्षा के लिए ग्लोबल फोरम लॉन्च किया गया।
डिजिटल कृषि नेटवर्क की क्या भूमिका होगी?
आईआईटी दिल्ली की अगुवाई में बनाया गया यह नेटवर्क एआई, जियोस्पेशल टेक्नोलॉजी और डेटा-ड्रिवन समाधान को बढ़ावा देगा।
ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य जलवायु-संवेदनशील खेती को बढ़ावा देना है और एग्रोइकोलॉजी तथा रीजेनेरेटिव एग्रीकल्चर पर काम करना है। इसका समन्वय आईसीएआर-आईआईएफएसआर, मोदिपुरम, भारत करेगा।
ब्रिक्स एग्रीन फ्रेमवर्क से क्या फायदा होगा?
यह फ्रेमवर्क बीज, कृषि इनपुट और जेनेटिक संसाधनों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को बढ़ाएगा।
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