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नायडू ने BPCL से रामायपट्टनम रिफाइनरी प्रोजेक्ट तेज करने को कहा

नायडू ने BPCL को 1.45 लाख करोड़ की रिफाइनरी प्रोजेक्ट तेज करने को कहा। सितंबर में क्लीयरेंस, अक्टूबर में बजट फाइनल।

नायडू ने BPCL से रामायपट्टनम रिफाइनरी प्रोजेक्ट तेज करने को कहा
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भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) को उम्मीद है कि रामायपट्टनम पोर्ट के पास अपने प्रस्तावित ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट के लिए सितंबर के आखिर तक आखिरी एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस मिल जाएगी, और अक्टूबर में आखिरी इन्वेस्टमेंट लागत तय होगी।

BPCL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय खन्ना ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की और उन्हें बताया कि प्रकाशम और नेल्लोर जिलों के बीच बन रहे इस इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट की लागत करीब ₹1.45 लाख करोड़ आने का अनुमान है। प्रस्तावित रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन टन प्रति वर्ष होगी।

एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस और कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन

खन्ना के मुताबिक, आखिरी इन्वेस्टमेंट लागत अक्टूबर में तय होने की संभावना है जब इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) द्वारा तैयार की जा रही स्टडी रिपोर्ट मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद कंस्ट्रक्शन का काम शुरू होगा।

नायडू ने BPCL को निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट पर काम की शुरुआत तेज की जाए और सुझाव दिया कि इसके आसपास एक डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल पार्क बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों और BPCL के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं को तेज किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जल्द से जल्द कंस्ट्रक्शन शुरू हो।

प्रोडक्शन क्षमता और उत्पाद

रिफाइनरी में यूरो-6 स्टैंडर्ड फ्यूल बनाने की योजना है, जिसमें मोटर स्पिरिट, हाई-स्पीड डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल शामिल हैं, जिनका कुल आउटपुट करीब 5.4 मिलियन टन होगा। एक और 3.2 मिलियन टन पेट्रोकेमिकल उत्पादों का होने की उम्मीद है।

प्रोजेक्ट में डाउनस्ट्रीम उत्पाद और बाय-प्रोडक्ट्स भी बनाए जाएंगे, जिनमें हाई-डेंसिटी पॉलीइथीलीन (HDPE), लो-डेंसिटी पॉलीइथीलीन (LDPE), लीनियर लो-डेंसिटी पॉलीइथीलीन (LLDPE), पॉलीप्रोपीलीन और पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) शामिल हैं।

जमीन की खरीद और डाउनस्ट्रीम पार्क का प्रस्ताव

नायडू ने कहा कि रिफाइनरी के लिए जरूरी 6,000 एकड़ में से 75% जमीन पहले ही सौंप दी गई है और आश्वासन दिया कि बाकी जमीन अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक मुहैया करा दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि BPCL और आंध्र प्रदेश इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन (APIIC) मिलकर रिफाइनरी के पास करीब 1,500 एकड़ में डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल पार्क बनाने की योजना तैयार करें।

भविष्य के लिहाज से डिजाइन और डिमांड का अनुमान

नायडू ने कहा कि पेट्रोकेमिकल्स की मांग तेजी से बदल रही है, शहरीकरण बढ़ने और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार के साथ। उन्होंने कहा कि भारत का पेट्रोकेमिकल इंटेंसिटी इंडेक्स, जो फिलहाल करीब 5% है, अगले दशक में 15-20% तक बढ़ने की उम्मीद है।

उन्होंने सुझाव दिया कि रिफाइनरी को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाए, जहां आधुनिक रिफाइनरियां सिर्फ कच्चे तेल को फ्यूल में बदलने पर नहीं, बल्कि एथिलीन और प्रोपीलीन जैसे केमिकल फीडस्टॉक्स के उत्पादन को बढ़ाने पर भी फोकस करती हैं।

खन्ना ने कहा कि भारत का केमिकल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर 2040 तक $1 ट्रिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है और BPCL देश की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम करेगी।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामायपट्टनम रिफाइनरी प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?

BPCL के चेयरमैन संजय खन्ना के मुताबिक, इस इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट की लागत करीब ₹1.45 लाख करोड़ आने का अनुमान है। यह प्रकाशम और नेल्लोर जिलों के बीच बनेगा।

रिफाइनरी की क्षमता क्या होगी और कौन से प्रोडक्ट्स बनेंगे?

प्रस्तावित रिफाइनरी की क्षमता 9 मिलियन टन प्रति वर्ष होगी। इसमें यूरो-6 स्टैंडर्ड फ्यूल बनाए जाएंगे - मोटर स्पिरिट, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल। साथ ही HDPE, LDPE, LLDPE, पॉलीप्रोपीलीन और PVC जैसे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स भी बनेंगे।

प्रोजेक्ट के लिए कब तक इन्वेस्टमेंट लागत तय हो जाएगी?

BPCL को उम्मीद है कि सितंबर के आखिर तक एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस मिल जाएगा और अक्टूबर में इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) की स्टडी रिपोर्ट आने के बाद आखिरी इन्वेस्टमेंट लागत तय हो जाएगी। इसके बाद कंस्ट्रक्शन शुरू होगा।

मुख्यमंत्री नायडू ने क्या सुझाव दिया है?

नायडू ने BPCL से प्रोजेक्ट पर काम तेज करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि रिफाइनरी के पास करीब 1,500 एकड़ में डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल पार्क बनाया जाए और रिफाइनरी को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाए।

प्रोजेक्ट के लिए जमीन का क्या स्टेटस है?

नायडू ने कहा कि रिफाइनरी के लिए जरूरी 6,000 एकड़ में से 75% जमीन पहले ही सौंप दी गई है। बाकी जमीन अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक मुहैया करा दी जाएगी।

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