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हांगकांग सिक्सेस के लिए भारत के कप्तान बने भुवनेश्वर कुमार

हांगकांग सिक्सेस के लिए भारत की टीम के कप्तान बनाए गए भुवनेश्वर कुमार हांगकांग सिक्सेस में भारत की अगुवाई करेंगे भुवनेश्वर कुमार भुवनेश्वर कुमार को हांगकांग सिक्सेस के लिए भारत की टीम का कप्तान बनाया

हांगकांग सिक्सेस के लिए भारत के कप्तान बने भुवनेश्वर कुमार
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हांगकांग सिक्सेस में भारत की अगुवाई करेंगे भुवनेश्वर कुमार

भुवनेश्वर कुमार को हांगकांग सिक्सेस के लिए भारत की टीम का कप्तान बनाया गया है। इसके साथ ही इस अनुभवी तेज गेंदबाज की भारत की टीम में वापसी हुई है। वह देश की सीनियर टीम से लंबे समय से बाहर थे।

टूर्नामेंट के लिए टीम का ऐलान सोमवार (05 October) को किया गया। भुवनेश्वर कुमार के साथ टीम में क्रुणाल पांड्या, शशांक सिंह, नीतीश राणा, टी. नटराजन, राहुल तेवतिया और राहुल त्रिपाठी को शामिल किया गया है।

हांगकांग सिक्सेस 30 October से शुरू होगा और 01 November को खत्म होगा।

अलग तरह की भारत की टीम में भुवनेश्वर की वापसी

भुवनेश्वर का चुना जाना नियमित इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए भारत की सीनियर टीम में वापसी नहीं है।

इसके बजाय उन्हें हांगकांग सिक्सेस के लिए घोषित भारत की टीम में चुना गया है। यह छोटा फॉर्मेट वाला टूर्नामेंट है, जिसमें एक समय पर मैदान पर छह खिलाड़ी होते हैं।

भुवनेश्वर ने भारत के लिए आखिरी बार नवंबर 2022 में खेला था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी वापसी को लेकर काफी लंबे समय से बातचीत चल रही थी। इसके बाद उन्हें हांगकांग सिक्सेस की टीम का कप्तान बनाया गया।

वह 2022 से भारत की वनडे और टी20 टीमों से बाहर हैं। वहीं, उन्हें 2018 में टेस्ट टीम से भी बाहर कर दिया गया था।

इस वजह से हांगकांग सिक्सेस के लिए चुना जाना भुवनेश्वर के लिए दोबारा भारत की जर्सी पहनने का एक बड़ा मौका है। हालांकि, इससे अपने आप यह पक्का नहीं होता कि वह भारत की सीनियर नेशनल टीम में लौट आए हैं।

इस टीम में ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जो इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके अलावा टीम में ऐसे खिलाड़ी भी हैं, जो इंडियन प्रीमियर लीग में अपने प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, भुवनेश्वर, क्रुणाल पांड्या, नीतीश राणा, टी. नटराजन, राहुल तेवतिया और राहुल त्रिपाठी भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। सात नामों में शशांक सिंह ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला है।

टूर्नामेंट के लिए सात खिलाड़ियों का ऐलान

भारत की टीम में कप्तान भुवनेश्वर कुमार के अलावा क्रुणाल पांड्या, शशांक सिंह, नीतीश राणा, टी. नटराजन, राहुल तेवतिया और राहुल त्रिपाठी शामिल हैं।

क्रुणाल पांड्या पहले भुवनेश्वर के साथ भारत के लिए खेल चुके हैं। उन्हें भी इस टीम में जगह दी गई है।

चयन की जानकारी देने वाली रिपोर्टों में इस टीम को इंटरनेशनल अनुभव और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का मेल बताया गया है।

इस फॉर्मेट में ऐसे खिलाड़ियों की खास अहमियत होती है, जो बहुत जल्दी असर डाल सकें। इसकी वजह यह है कि बल्लेबाजों के पास पारी बनाने के लिए ज्यादा समय नहीं होता।

आज तक ने बताया कि इस टीम का चयन छह खिलाड़ियों वाले फॉर्मेट के लिए इंटरनेशनल अनुभव और तेज, आक्रामक बल्लेबाजी को साथ लाने के मकसद से किया गया है।

भुवनेश्वर का लंबा इंटरनेशनल और आईपीएल अनुभव नई गेंद के साथ काम आ सकता है। वह पारी की शुरुआत में ही विरोधी बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं।

क्रुणाल पांड्या टीम को ऑलराउंड विकल्प देते हैं। वह बल्ले और गेंद, दोनों से योगदान दे सकते हैं।

नीतीश राणा की आक्रामक बल्लेबाजी से टॉप ऑर्डर में तेजी आने की उम्मीद है।

शांक सिंह और राहुल तेवतिया को ऐसे खिलाड़ियों के तौर पर पहचाना गया है, जो फिनिशर की भूमिका में कम गेंदों पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल त्रिपाठी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज टी. नटराजन से भारत के बॉलिंग अटैक में अलग तरह का विकल्प जुड़ने की उम्मीद है।

टूर्नामेंट 30 October से शुरू होगा

हांगकांग सिक्सेस 30 October से 01 November तक खेला जाएगा।

इस टूर्नामेंट में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी। इन टीमों को चार पूल में बांटा गया है।

पूल ए में हांगकांग चीन, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड हैं।

पूल बी में श्रीलंका, बांग्लादेश और स्कॉटलैंड शामिल हैं।

भारत, पाकिस्तान और यूएई पूल सी में हैं।

पूल डी में दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान और ओमान को रखा गया है।

रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि इस टूर्नामेंट में आठ बड़े क्रिकेट देश और चार एसोसिएट सदस्य देश हिस्सा ले रहे हैं।

टूर्नामेंट हांगकांग के टिन क्वॉन्ग रोड रिक्रिएशन ग्राउंड में तीन दिनों तक खेला जाएगा।

उम्मीद है कि इस मैदान पर छोटे फॉर्मेट के हिसाब से तेज रफ्तार वाला क्रिकेट देखने को मिलेगा। इस फॉर्मेट में चौकों और छक्कों पर खास जोर रहता है।

अलग-अलग मैचों का शेड्यूल अभी जारी नहीं किया गया है।

इस वजह से अभी यह साफ नहीं है कि टूर्नामेंट में भुवनेश्वर अपना पहला मैच कब खेलेंगे।

पिछले अभियान से बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगा भारत

भारत ने पिछले हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट में भी हिस्सा लिया था।

टीम ने उस अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ दो रन की डीएलएस जीत के साथ की थी।

इसके बाद भारत अपने बाकी मैच हार गया और टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

2026 की टीम इस प्रतियोगिता में पिछले प्रदर्शन से बेहतर नतीजा देने के इरादे से उतरेगी।

2026 के इस आयोजन में पाकिस्तान डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर पहुंचेगा।

पाकिस्तान ने पिछले फाइनल में कुवैत को हराया था। कुवैत उस टूर्नामेंट में पहली बार खेल रहा था।

इस जीत के साथ पाकिस्तान ने हांगकांग सिक्सेस का अपना रिकॉर्ड छठा खिताब जीता।

पूल सी में पाकिस्तान की मौजूदगी का मतलब है कि भारत के ग्रुप में डिफेंडिंग चैंपियन भी शामिल है।

रिपोर्टों में मैचों का शेड्यूल नहीं दिया गया है। इसलिए ग्रुप स्टेज में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच की तारीख अभी उपलब्ध नहीं है।

चयन के बाद भुवनेश्वर के रिकॉर्ड पर भी ध्यान

भुवनेश्वर ने भारत के लिए 21 टेस्ट, 121 वनडे इंटरनेशनल और 87 ट्वेंटी20 इंटरनेशनल खेले हैं।

37 टेस्ट पारियों में उन्होंने 63 विकेट लिए हैं।

120 वनडे इंटरनेशनल पारियों में उनके नाम 141 विकेट हैं।

ट्वेंटी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 90 विकेट लिए हैं।

ये आंकड़े उस अनुभव को दिखाते हैं, जो भुवनेश्वर ऐसी टीम में लेकर आ रहे हैं, जिसे मैचों में खुद को जमने के लिए बहुत कम समय मिलेगा।

उनका चयन ऐसे समय हुआ है, जब वह भारत की सीनियर टीम से बाहर रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी गेंदबाजी के जरिए टीम में वापसी का दावा बनाए रखा है।

जागरण ने बताया कि भुवनेश्वर ने अपनी गेंदबाजी के प्रदर्शन के जरिए वापसी के लिए अपना दावा लगातार मजबूत करने की कोशिश की है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वह आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हैं और टीम को दो खिताब जिताने में उनकी अहम भूमिका रही थी।

उनके रिकॉर्ड और आईपीएल के हालिया अनुभव को रिपोर्टों में कप्तान बनाए जाने के पीछे की वजहों के संदर्भ के तौर पर बताया गया है।

जल्दी असर डालने के लिए बनाई गई टीम

हांगकांग सिक्सेस का ढांचा लंबे समय तक चलने वाली पारियों के बजाय तुरंत योगदान को ज्यादा अहमियत देता है।

एक समय पर मैदान पर सिर्फ छह खिलाड़ी होने के कारण इस फॉर्मेट में बल्लेबाजों के पास खुद को जमाने का कम समय होता है। इसके बाद उन्हें तेजी से रन बनाने की कोशिश करनी पड़ती है।

इसी वजह से नीतीश राणा, शशांक सिंह, राहुल तेवतिया और राहुल त्रिपाठी जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है। इन खिलाड़ियों को आक्रामक बल्लेबाज या कम गेंदों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखने वाला बताया गया है।

क्रुणाल पांड्या टीम को ऑलराउंड विकल्प देते हैं। वहीं, टी. नटराजन बाएं हाथ की तेज गेंदबाजी का विकल्प उपलब्ध कराते हैं।

भुवनेश्वर की भूमिका उनके अनुभव और नई गेंद के साथ गेंदबाजी करने की क्षमता से जुड़ी है।

इन खिलाड़ियों के मेल से भारत के पास ऐसी टीम है, जिसमें एक तय कप्तान, कई इंटरनेशनल खिलाड़ी और छोटे फॉर्मेट की जरूरतों के हिसाब से चुने गए बल्लेबाज शामिल हैं।

क्रिकेट हांगकांग, चीन के मार्केटिंग और कमर्शियल डायरेक्टर अनुराग भटनागर ने भारतीय टीम के चयन का स्वागत किया।

भटनागर ने कहा कि इस टीम को भारतीय क्रिकेट अधिकारियों के समर्थन से तैयार किया गया है।

उन्होंने इसे हांगकांग सिक्सेस के इतिहास की सबसे मजबूत टीमों में से एक बताया। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की भागीदारी से टूर्नामेंट की व्यूअरशिप को काफी फायदा होगा।

हालांकि, भुवनेश्वर के लिए तुरंत सामने आई जिम्मेदारी साफ है। उन्हें 30 October से शुरू होने वाले तीन दिन के टूर्नामेंट में भारत की अगुवाई करनी है। टूर्नामेंट का पहला मैच अभी तय नहीं किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हांगकांग सिक्सेस में भारत की कप्तानी किसे सौंपी गई है?

भारत की कप्तानी भुवनेश्वर कुमार को सौंपी गई है।

हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट कब शुरू और खत्म होगा?

हांगकांग सिक्सेस 30 October से शुरू होगा और 01 November को खत्म होगा।

भारत की हांगकांग सिक्सेस टीम में कौन-कौन से खिलाड़ी शामिल हैं?

टीम में भुवनेश्वर कुमार, क्रुणाल पांड्या, शशांक सिंह, नीतीश राणा, टी. नटराजन, राहुल तेवतिया और राहुल त्रिपाठी शामिल हैं।

क्या भुवनेश्वर कुमार की वापसी भारत की सीनियर नेशनल टीम में हुई है?

नहीं, उनका चयन सिर्फ हांगकांग सिक्सेस की टीम के लिए हुआ है। इससे भारत की सीनियर नेशनल टीम में उनकी वापसी पक्की नहीं होती।

भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए आखिरी बार कब खेला था?

भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए आखिरी बार नवंबर 2022 में खेला था।

#bhuvneshwar kumar#hong kong sixes#india cricket

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