APEC के नियम अमीर-गरीब देशों के बीच AI का खाई पाट सकते हैं
APEC फोरम का गैर-बाध्यकारी ढांचा कृत्रिम बुद्धिमत्ता में विकसित और विकासशील देशों के बीच बढ़ती खाई को कम करने में मदद कर सकता है।
एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन फोरम का नॉन-बाइंडिंग ढांचा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए ज्यादा बराबरी वाला रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने में अहम साबित हो सकता है, दक्षिणी चीन में हाल ही में हुई एक बैठक में एक्सपर्ट्स ने ये बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी जिस तरह से इनोवेशन हो रहा है, उससे फायदा सिर्फ मुट्ठी भर देशों और कंपनियों को ही मिलने का खतरा है।
बढ़ती खाई पर चेतावनी
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक पॉलिसी के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट चुंग चुल ने इवेंट में कहा कि मेंबर देशों के बीच इकोनॉमिक गैप "घट नहीं रही बल्कि बढ़ रही है" और इस असमानता को दूर करने के लिए एक समावेशी फ्रेमवर्क "बचे-खुचे नतीजे की तरह नहीं लिया जा सकता"। उन्होंने पॉलिसी बनाने वालों से कहा कि टेक्नोलॉजी लगाने के बाद नहीं बल्कि डिजाइन के स्टेज पर ही बराबरी को ध्यान में रखा जाए।
चुंग ने कहा, "असली पॉलिसी सवाल ये नहीं है कि एपेक को एआई का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं, बल्कि ये है कि क्या रीजन इनोवेशन को बढ़ा सकता है बिना गैप बढ़ाए।"
ताकत का केंद्रीकरण
यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट का डेटा दिखाता है कि ग्लोबल एआई लैंडस्केप और इससे जुड़ी रूल बनाने की प्रोसेस अभी भी थोड़े से देशों और करीब 100 कॉर्पोरेशन्स के हाथों में केंद्रित है। ये केंद्रीकरण इस खतरे को रेखांकित करता है कि एआई की तरक्की का फायदा बड़े पैमाने पर सिर्फ कुछ देशों और कारोबारों को ही मिलेगा, इवेंट में स्पीकर्स ने चेतावनी दी।
सुझाए गए हल
शिरकत करने वालों ने जॉइंट प्रोग्राम्स और एपेक के लचीले ढांचों के पूरे इस्तेमाल को संभावित उपाय बताया। फोरम का स्वैच्छिक, सहमति-आधारित सहयोग का तरीका अलग-अलग टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट स्टेज वाले मेंबर्स के लिए बाइंडिंग ट्रीटी की पाबंदियों के बिना स्टैंडर्ड्स पर मिलकर काम करने का कम कठोर रास्ता दे सकता है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
APEC के नियम AI के मामले में अमीर और गरीब देशों के बीच की खाई को कम करने में कैसे मदद कर सकते हैं?
APEC का नॉन-बाइंडिंग ढांचा एक ज्यादा बराबरी वाला रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने में मदद कर सकता है। इसके स्वैच्छिक, सहमति-आधारित तरीके से अलग-अलग टेक्नोलॉजिकल स्तर वाले देश बाइंडिंग ट्रीटी की कड़ी पाबंदियों के बिना ही स्टैंडर्ड्स पर मिलकर काम कर सकते हैं।
अभी AI की तरक्की का फायदा किसे मिल रहा है?
डेटा दिखाता है कि AI की तरक्की का फायदा अभी सिर्फ मुट्ठी भर देशों और करीब 100 कंपनियों को मिल रहा है। ये ताकत का केंद्रीकरण बड़े पैमाने पर असमानता बढ़ा रहा है।
APEC के मेंबर देशों के बीच इकोनॉमिक गैप कैसा बढ़ रहा है?
कोरिया इंस्टीट्यूट के एक्सपर्ट के अनुसार APEC मेंबर्स के बीच की इकोनॉमिक गैप घट नहीं रही बल्कि बढ़ रही है, और AI के क्षेत्र में ये खाई और भी बड़ी हो सकती है।
पॉलिसी बनाते समय बराबरी को कब ध्यान में रखा जाना चाहिए?
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि टेक्नोलॉजी लगाने के बाद नहीं बल्कि डिजाइन के शुरुआती स्टेज पर ही बराबरी को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
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