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Karnataka Official source आंध्र प्रदेश

आंध्र पुलिस में 36 प्रशिक्षित डॉग्स शामिल, अपराध जांच में करेंगे मदद

10 महीने की ट्रेनिंग के बाद 36 पुलिस डॉग्स आंध्र पुलिस में शामिल हुए। ये विस्फोटक, ड्रग्स, शवों की तलाश और रेस्क्यू में मदद करेंगे।

आंध्र पुलिस में 36 प्रशिक्षित डॉग्स शामिल, अपराध जांच में करेंगे मदद
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आंध्र प्रदेश में अपराधों का पता लगाने में मदद करेंगे प्रशिक्षित पुलिस डॉग्स

10 महीने के प्रोग्राम के बाद आंध्र पुलिस ने 36 प्रशिक्षित डॉग्स को शामिल किया

आंध्र प्रदेश पुलिस के छत्तीस डॉग्स ने विस्फोटकों का पता लगाने, नशीले पदार्थों का पता लगाने, शवों का पता लगाने, हमला करने और सर्च एंड रेस्क्यू में 10 महीने का ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा कर लिया है। इससे राज्य में स्पेशल पुलिसिंग की क्षमता और मजबूत हुई है।

डॉग्स और उनके हैंडलर्स के 23वें बैच की पासिंग-आउट परेड बुधवार को मंगलागिरी के पास ए.पी. स्पेशल पुलिस की 6वीं बटालियन परिसर में बने कैनाइन ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश पुलिस की इंटेलिजेंस सिक्योरिटी विंग के प्रशिक्षित डॉग्स ने अपनी ऑपरेशनल स्किल्स का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया।

इस डेमोंस्ट्रेशन में टैक्टिकल असॉल्ट रूटीन और जटिल पैकेजिंग में छिपाए गए नशीले पदार्थों का पता लगाना शामिल था।

बेल्जियन मेलिनोइस और डच शेफर्ड्स भी उस कुशल डॉग टीम का हिस्सा थे, जिसने इस अभ्यास के दौरान अपनी क्षमताएं दिखाईं।

अपने हैंडलर्स के साथ आए इन डॉग्स ने परेड में अनुशासन, फुर्ती और खास टैक्टिकल स्किल्स का प्रदर्शन किया।

गृह मंत्री ने कहा, अपराधों का पता लगाने में कैनाइन विंग मदद करता है

कार्यक्रम में शामिल हुईं गृह मंत्री वी. अनिता ने अपराधों का पता लगाने में पुलिस डॉग्स की भूमिका की तारीफ की।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों और एडवांस्ड फॉरेंसिक सबूत प्रोसेसिंग की मदद से अपराधों का पता लगाने की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है।

उनके मुताबिक, इस समय राज्य के पुलिस विभाग में 218 डॉग्स सेवा दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इनमें से 78 को पिछले दो साल में ट्रेनिंग दी गई है।

उन्होंने कहा, “पुलिस की कैनाइन विंग ने केस सुलझाने में अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने ड्रग केसों को रोकने में अहम भूमिका निभाई है।”

उनकी बातों में कैनाइन विंग को पुलिसिंग की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा बताया गया, जिसमें प्रशिक्षित जानवरों, तकनीक और अपराधों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक सबूतों की प्रोसेसिंग को साथ जोड़ा जाता है।

शवों का पता लगाने वाले डॉग्स डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स में शामिल होंगे

पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता ने कहा कि पुलिसिंग में डॉग्स सबसे भरोसेमंद साथी बन गए हैं।

उन्होंने कहा कि शवों का पता लगाने की ट्रेनिंग पाए डॉग्स को पहली बार ए.पी. स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स में शामिल किया जा रहा है।

इस कदम से प्रशिक्षित पुलिस डॉग्स के जरिए शवों का पता लगाने की क्षमता राज्य के डिजास्टर रिस्पॉन्स ढांचे में लाई जा रही है।

श्री गुप्ता ने कहा कि डॉग हैंडलर्स और दूसरे स्टाफ को बेंगलुरु के तरालु में सीआरपीएफ डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर के साथ तालमेल में एडवांस्ड तरीकों की ट्रेनिंग दी जाती है।

उन्होंने कहा, “बेल्जियन मेलिनोइस और डच शेफर्ड्स को इंटरनल सिक्योरिटी की जरूरतों के मुताबिक डुअल ड्यूटी के लिए शामिल किया गया है।”

डुअल ड्यूटी के लिए बेल्जियन मेलिनोइस और डच शेफर्ड्स का इस्तेमाल विभाग के बताए गए इंटरनल सिक्योरिटी जरूरतों पर फोकस को दिखाता है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी परेड में शामिल हुए

डीजीपी (सीआईडी) रविशंकर अय्यनार, डायरेक्टर जनरल (एसीबी) अतुल सिंह, एडिशनल डीजी महेश चंद्र लड्ढा (इंटेलिजेंस) और एन. मधुसूदन रेड्डी (लॉ एंड ऑर्डर) कार्यक्रम में मौजूद थे।

इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस बी. राजकुमारी, कांति राणा टाटा और के.वी. मोहन राव भी शामिल हुए।

एसपी के. आरिफ हफीज पासिंग-आउट परेड में मौजूद अधिकारियों में शामिल थे।

इस कार्यक्रम में नए प्रशिक्षित बैच को दिखाया गया, जिसने डिटेक्शन और टैक्टिकल भूमिकाओं में 10 महीने की ट्रेनिंग पूरी की है। साथ ही, इसने अपराधों का पता लगाने, ड्रग केसों और डिजास्टर-रिस्पॉन्स से जुड़े शवों का पता लगाने के कामों में पुलिस डॉग्स की लगातार तैनाती को भी रेखांकित किया।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र पुलिस में कितने प्रशिक्षित डॉग्स शामिल किए गए हैं?

आंध्र प्रदेश पुलिस में 36 प्रशिक्षित डॉग्स शामिल किए गए हैं। इन डॉग्स ने 10 महीने का ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा किया है।

इन पुलिस डॉग्स को किस काम की ट्रेनिंग दी गई है?

इन डॉग्स को विस्फोटक, नशीले पदार्थ और शवों का पता लगाने, हमला करने और सर्च एंड रेस्क्यू जैसे कामों की ट्रेनिंग दी गई है।

पासिंग-आउट परेड कहां हुई?

डॉग्स और उनके हैंडलर्स की पासिंग-आउट परेड मंगलागिरी के पास ए.पी. स्पेशल पुलिस की 6वीं बटालियन परिसर में बने कैनाइन ट्रेनिंग सेंटर में हुई।

राज्य पुलिस विभाग में अभी कितने डॉग्स सेवा दे रहे हैं?

गृह मंत्री वी. अनिता के मुताबिक, इस समय आंध्र प्रदेश पुलिस विभाग में 218 डॉग्स सेवा दे रहे हैं। इनमें से 78 को पिछले दो साल में ट्रेनिंग दी गई है।

शवों का पता लगाने वाले डॉग्स को कहां शामिल किया जाएगा?

शवों का पता लगाने की ट्रेनिंग पाए डॉग्स को पहली बार ए.पी. स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स में शामिल किया जा रहा है।

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