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29 की उम्र में पहली बार भारत दौरे पर पहुंचे अमिर जंगू

अमिर जंगू 29 साल की उम्र में पहली बार भारत दौरे पर पहुंचे हैं। यह मौका उन्हें देर से आई उस वेस्ट इंडीज उछाल के बाद मिला है, जिसमें पहले ही वनडे डेब्यू पर शतक, नॉर्थ साउंड में टेस्ट डबल सेंचुरी,

29 की उम्र में पहली बार भारत दौरे पर पहुंचे अमिर जंगू
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अमिर जंगू 29 साल की उम्र में पहली बार भारत दौरे पर पहुंचे हैं। यह मौका उन्हें देर से आई उस वेस्ट इंडीज उछाल के बाद मिला है, जिसमें पहले ही वनडे डेब्यू पर शतक, नॉर्थ साउंड में टेस्ट डबल सेंचुरी, टीएंडटी के साथ फर्स्ट-क्लास खिताब और बारबाडोस में सीपीएल फाइनल जिताने वाली फिफ्टी शामिल हो चुकी है।

देर से पूरा हुआ सपना आखिर भारत पहुंचा

जंगू ने कभी सोचा था कि वेस्ट इंडीज की जर्सी तक उनका रास्ता काफी पहले खुल जाएगा। किशोर उम्र में त्रिनिदाद एंड टोबैगो अंडर-17 और अंडर-19 के साथ खेलते हुए वह प्लान कर रहे थे कि 25 साल की उम्र तक वह वेस्ट इंडीज की किट में होंगे।

वह लक्ष्य बिना उस ब्रेकथ्रू के निकल गया, जिसकी उन्हें चाहत थी। लेकिन जंगू ने वनडे सीरीज के दौरान साइडलाइंस पर क्रिकबज से कहा कि उन सालों के बीच का दौर “a bit of a struggle” लेकर आया।

उन्होंने कहा कि जब वह 25 से आगे निकले, तो उन्होंने गेम को देखने का अपना तरीका बदल दिया: “You know what, just enjoy the game. Just be grateful that you're getting to play for your country, playing first-class cricket”.

क्रिकबज ने रिपोर्ट किया कि जब तक जंगू आखिरकार 2024 में वेस्ट इंडीज टीम में पहुंचे, तब तक उन्होंने खुद को मानसिक रूप से इस तरह बदल लिया था कि कभी हार नहीं माननी है।

उन्होंने अपने से कम उम्र के खिलाड़ियों को अपने से पहले सेटअप में आते देखा था। उन्होंने याद किया कि वह सोचते थे: “You know what, I think I'm better than these guys. I think I could do better than these guys. I think my ability is better, it's just I didn't have the performances in”.

इंतजार के सालों ने उस पल को उनके लिए और जरूरी बना दिया। क्रिकबज ने लिखा कि एक बार मरून किट पहन लेने के बाद जंगू ने इंतजार नहीं किया।

वनडे डेब्यू पर नंबर छह पर बैटिंग करते हुए उन्होंने 79 गेंदों में शतक बनाया। क्रिकबज ने इसे वेटलिस्ट पर एक दशक के बाद आया मौका बताया।

जून में उन्होंने नॉर्थ साउंड में वर्ल्ड-रिकॉर्ड पार्टनरशिप में टेस्ट डबल सेंचुरी लगाई।

वह डबल सेंचुरी उनका तीसरा फर्स्ट-क्लास शतक था, और तीनों शतक उन्होंने डबल सेंचुरी में बदले थे।

उससे एक महीने पहले उनके रनों ने टीएंडटी के फर्स्ट-क्लास खिताब की शक्ल तय की थी, जिससे दो दशक का सूखा खत्म हुआ।

इस सितंबर की शुरुआत में जंगू बारबाडोस में सीपीएल ट्रॉफी के साथ पोज दे रहे थे, फाइनल जिताने वाली फिफ्टी बनाने के बाद।

उस सीपीएल जीत के तीन दिन बाद वह भारत पहुंचे।

जंगू ने कहा कि वह लंबे समय से भारत में क्रिकेट खेलने और उन खिलाड़ियों के खिलाफ खुद को परखने का मौका चाहते थे, जिन्हें वह पसंद करते रहे हैं।

उन्होंने कहा, “I always wanted to play cricket in India, against the greats like Rohit Sharma, Virat Kohli, even Shubman Gill. Playing against these guys, it's a dream come true,”

ज्योग्राफी से वेस्ट इंडीज ड्रेसिंग रूम तक

अगर क्रिकेट नहीं चला होता, तो जंगू ज्योग्राफी के टीचर बने होते।

उनके पास इस सब्जेक्ट में डिग्री भी है।

क्रिकेट से उनका प्यार त्रिनिदाद में अपने पिता को खेलते देख शुरू हुआ।

जंगू ने हंसते हुए क्रिकबज से कहा, “He used to play what you call gully cricket here,”

उनके माता-पिता दोनों बैंक में काम करते थे, जबकि उनकी बड़ी बहन लॉ प्रैक्टिस करती हैं।

क्वीन्स पार्क क्रिकेट क्लब में एनरोल करने के बाद उन्होंने वह रास्ता पकड़ा, जिसे क्रिकबज ने एक अनकन्वेंशनल काम में कन्वेंशनल रास्ता बताया।

वह रास्ता एज-ग्रुप क्रिकेट, अंडर-19 और प्रोफेशनल क्रिकेट से होकर गुजरा।

उसके बाद की चढ़ाई सीधी नहीं थी। जंगू ने कहा: “From there, it took nine years to get into the international team”.

टीएंडटी में बड़े होते हुए एक लेफ्ट-हैंडर के तौर पर जंगू के पहले आइडल ब्रायन लारा थे।

क्रिकबज ने रिपोर्ट किया कि जब उनसे 2019 के एक ऐसे मैच के बारे में पूछा जाता है, जिसे कम ही लोग याद करते हैं, तो उनकी आंखें चमक उठती हैं। उस मैच में उन्होंने अपने होम ग्राउंड पर एक एग्जिबिशन मैच में लारा के साथ किट पहनी थी।

क्रिकबज के मुताबिक, उनकी बैटिंग में दो और लेफ्ट-हैंडर आइडल के टुकड़े भी नजर आते हैं।

रिपोर्ट ने त्रिवेंद्रम में उनके एरियल स्क्वायर कट की तुलना 2000s के कुमार संगकारा के टच से की।

इसने उसी गेंदबाज पर मारे गए एक व्हिप्ड सिक्स को भी उस तरह का शॉट बताया, जिसमें क्विंटन डी कॉक माहिर हैं।

जंगू पर असर डालने वाले लेफ्ट-हैंडर्स की उस लाइनअप को विराट कोहली तोड़ते हैं।

त्रिवेंद्रम में जंगू को कोहली को जोरदार फ्लो में देखने का वह मौका मिला, जिसे क्रिकबज ने बिटरसवीट ट्रीट कहा।

नया इंटरनेशनल रोल सीखना

त्रिवेंद्रम में कोहली की पारी देखने से पहले जंगू के पास अपने भी शॉट दिखाने के लिए थे, जब उन्होंने कुलदीप यादव की चालों से घायल हुई पारी को संभाला।

वह अभी भी मिडिल ऑर्डर में खेलने की बारीकियों के हिसाब से खुद को ढाल रहे हैं, जबकि सीपीएल में कुछ अच्छे हफ्तों तक उन्हें टॉप-ऑर्डर बैटिंग की सुविधाएं मिली थीं।

जंगू ने कहा, “It’s a new role for me in internationals, batting at five,”

उन्होंने जोड़ा: “They know that I can do a job in the middle.

So, for me, it's all about understanding the game scenario.”

क्रिकबज ने रिपोर्ट किया कि सालों की कड़ी मेहनत ने उन्हें रोल में बदलावों के लिए खुला रखा है।

कोविड से पहले उन्होंने विंडवर्ड आइलैंड्स के लिए नंबर 4 और 5 पर खेला।

जब क्षेत्र में क्रिकेट फिर शुरू हुआ, तो जोशुआ डी सिल्वा की गैरमौजूदगी में उन्हें त्रिनिदाद के साथ कीपर की जगह मिली।

उस रोल का मतलब था ऑर्डर में नीचे बैटिंग करना, लेकिन इसने स्पिन के खिलाफ उनके गेम को भी आकार दिया।

जंगू ने कहा, “Batting at that position, in different scenarios, I really honed my skills there,”

वे अनुभव उनके मौजूदा रोल के लिए अहम हैं, क्योंकि अब उनसे वेस्ट इंडीज के लिए मिडिल ऑर्डर में गेम की स्थितियों को समझने को कहा जा रहा है।

टी20 क्रिकेट के लिए खुद को फिर से तैयार करना

साल 2020 में पहली बार जंगू को टी20 का स्वाद मिला।

सिर्फ आधे दशक बाद वह टी20आई टीम तक पहुंच चुके थे।

इस कदम के लिए उन्हें अपने नैचुरल स्टाइल में बड़े बदलाव करने पड़े।

क्रिकबज ने रिपोर्ट किया कि जंगू ने खुद को फिर से तैयार किया, क्योंकि उनका लक्ष्य ऐसा ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी बनना था जो आज की मांगों के मुताबिक हो।

क्वीन्स पार्क के करीब रहने से उन्हें “countless days and nights doing plenty of range-hitting” बिताने का मौका मिला।

उन्होंने कहा, “I've been playing the CPL maybe seven years, but I wasn't really much of a T20 player,”

जंगू ने कहा, “For me, it was understanding, ‘OK, well, I want to play all three formats. I know I'm a good enough batsman to do it’,”

उन्हें पता था कि वह स्पिन अच्छी तरह खेल सकते हैं, लेकिन उन्हें अपनी बैटिंग की रफ्तार पर काम करना था।

उन्होंने टी20 के लिए तेज हाथ विकसित करने के लिए कई ड्रिल्स कीं।

क्रिकबज ने टी20 को उनके लिए ग्रोथ का एरिया बताया, और जंगू मानते हैं कि उनमें अपने कुछ समकालीन खिलाड़ियों जैसी नैचुरल फिजिकलिटी नहीं है।

उन्होंने कहा, “I was learning how to hit the ball behind square, use the pace of the ball. Obviously, I'm not one of the stronger guys to clear the ropes at will,”

उन्होंने जोड़ा, “For me, it's more about using the pace of the bowlers. And when I do work on my power shots, I just try to execute them as best as I can,”

जंगू भारत टी20आई नहीं खेलेंगे, लेकिन क्रिकबज ने रिपोर्ट किया कि उनकी बड़ी महत्वाकांक्षाएं फॉर्मेट्स तक सीमित नहीं हैं।

उन्होंने कहा, “I want to play for the West Indies and for as long as possible until I retire,”

शाई होप और वनडे क्रिकेट से बनी महत्वाकांक्षाएं

जंगू अपने वनडे कप्तान को उस खिलाड़ी का उदाहरण मानते हैं, जैसा वह बनना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “I just want to be someone like Shai Hope, who is such a great force in 50-over cricket,”

जंगू ने जोड़ा, “I want to dominate Test cricket and 50-over cricket for sure for the West Indies,”

क्रिकबज ने इसे एक ऐसे व्हाइट-बॉल फॉर्मेट की तरफ दुर्लभ झुकाव बताया, जो तेज टी20 गिग्स के दौर में पहचान के संकट का सामना कर रहा है।

जंगू अब भी वनडे क्रिकेट के भविष्य पर भरोसा करते हैं।

उन्होंने कहा, “I think ODI cricket is what really started… you can see all the greats winning World Cups and stuff like that in the past,”

उन्होंने जोड़ा, “And I think it has a big part to play in the cricket calendar to be fair,”

उन्होंने कहा कि वह “really dominate and find my place and be cemented in that role that I have right now and to just keep doing well for the team” चाहते हैं।

वनडे क्रिकेट पर उनकी टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं, जिसे क्रिकबज ने टेस्टिंग टाइम बताया, क्योंकि वेस्ट इंडीज वर्ल्ड कप के लिए ऑटोमैटिक क्वालिफाई करने का मौका गंवा चुका है।

न्यूजीलैंड सीरीज ने उनकी किस्मत तय कर दी थी। उसके बाद जंगू ने कहा कि टीम क्वालिफायर्स खेलने की हकदार नहीं थी।

टीम के भीतर से वह ऐसी टीम देखते हैं जो आगे बढ़ रही है और हाथ उठा रही है।

उन्होंने कहा, “Even in the series, you will see better performances from the guys and that'll give us good confidence going into the Qualifiers,”

जंगू ने कहा, “Going forward, we build on this, build on the Qualifiers, most likely we should qualify and then go to the World Cup, putting some good performances in and anything can happen from there,”

उन्होंने जोड़ा, “We want to compete with the Indias, with the South Africas, with Australias in the world,”

फ्रेंचाइजी क्रिकेट इंतजार कर सकता है

क्रिकबज ने रिपोर्ट किया कि कई खिलाड़ियों के लिए दुनिया के बेस्ट खिलाड़ियों से मुकाबला करने का मौका टी20 फ्रेंचाइजी रूट से आया है।

जंगू ने अब तक सीपीएल के अलावा किसी लीग में नहीं खेला है।

कभी न कभी वह किसी फ्रेंचाइजी टीम के लिए विराट कोहली या क्विंटन डी कॉक के साथ बैटिंग करना चाहेंगे।

फिलहाल वह अपना फोकस मजबूती से वेस्ट इंडीज क्रिकेट पर रख रहे हैं।

जंगू ने कहा, “I think IPL is the pinnacle of T20 cricket,”

क्रिकबज ने रिपोर्ट किया कि वह आरसीबी को उस टीम के तौर पर चुनते हैं, जिसे वह फॉलो करते हैं।

जंगू ने कहा, “But for me, it's all about, ‘I want to dominate international cricket’,”

उन्होंने जोड़ा, “I want to know that every time we have an international series, I'm one of the main guys, I'm the one that's doing well,”

उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि अगर वह वेस्ट इंडीज के लिए परफॉर्म करते हैं, तो लीग्स अपने आप आएंगी।

उन्होंने कहा, “And I think from there, leagues take care of themselves after that. So, no (preferred) league specifically, but for me, just doing well for the West Indies and then whatever comes after that, the franchise cricket comes,”

तरक्की के पीछे का धैर्य

जंगू की जिंदगी ज्यादा व्यस्त हो गई है, लेकिन जब उन्हें खेल से ब्रेक मिलता है, तो वह अपने घर लौटना और परिवार के साथ आराम करना पसंद करते हैं।

क्रिकबज ने रिपोर्ट किया कि क्रिकेट उनकी जिंदगी का अकेला “C” नहीं है, क्योंकि जंगू कोलोन के कलेक्टर भी हैं और चेल्सी के बड़े सपोर्टर भी।

लेकिन आज वह जो क्रिकेटर हैं, उसे उनके बीसवें दशक की मेहनत ने तय किया है।

वह मेहनत उन्हें उनके सपने तक ले गई और उसने वह जिद भी बनाई, जिसके बारे में क्रिकबज कहता है कि उसकी जगह उनकी बैटिंग में दिखती है।

जंगू ने कहा, “It wasn't the easiest road to get to international cricket, but it's something I'm grateful for,”

उन्होंने जोड़ा, “Because I got to learn a lot about myself,”

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमिर जंगू पहली बार भारत दौरे पर कब पहुंचे?

अमिर जंगू 29 साल की उम्र में पहली बार भारत दौरे पर पहुंचे हैं।

अमिर जंगू को वेस्ट इंडीज टीम में जगह मिलने में देर क्यों लगी?

जंगू को लंबे समय तक बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं मिला। उन्होंने 25 साल के बाद अपना नजरिया बदला और खेल का मजा लेने पर ध्यान दिया।

वनडे डेब्यू पर अमिर जंगू ने क्या किया था?

उन्होंने नंबर छह पर बैटिंग करते हुए 79 गेंदों में शतक लगाया था।

अमिर जंगू भारत में किन खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना चाहते थे?

जंगू ने कहा कि वह भारत में Rohit Sharma, Virat Kohli और Shubman Gill जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना चाहते थे।

अगर क्रिकेट नहीं चलता तो अमिर जंगू क्या बनते?

अगर क्रिकेट नहीं चलता, तो जंगू ज्योग्राफी के टीचर बनते। उनके पास ज्योग्राफी में डिग्री भी है।

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