अमेठी में छह दिन का धरना खत्म, अधिकारियों का तीन दिन में बिजली ठीक करने का आश्वासन
अमेठी जिले में बिजली व्यवस्था की खराब हालत और लगातार अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ गौरीगंज स्थित 132 केवी पावर हाउस पर छह दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन अधिकारियों की ओर से लिखित आश्वासन
अमेठी जिले में बिजली व्यवस्था की खराब हालत और लगातार अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ गौरीगंज स्थित 132 केवी पावर हाउस पर छह दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन अधिकारियों की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त हो गया है। किसानों और जन समिति से जुड़ी महिलाओं ने मिलकर यह धरना शुरू किया था जो छह दिन तक जारी रहा।
धरने का अंत तब हुआ जब प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की। जानकारी के मुताबिक धरना स्थल पर एसडीएम, नायब तहसीलदार, सीओ, ट्रांसमिशन अधिकारी, एक्सईएन समेत कई अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने जन समिति को लिखित आश्वासन देते हुए बिजली व्यवस्था को तीन दिन के अंदर ठीक करने और अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने का भरोसा दिलाया।
अधिकारियों के लिखित आश्वासन मिलने के बाद जन समिति की अध्यक्ष रीता सिंह ने धरना खत्म करने का ऐलान किया। उन्होंने साफ कर दिया कि अगर तय समय में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समिति दोबारा आंदोलन करने पर विचार करेगी।
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की थी। धरने में शामिल महिलाओं ने पवन यादव जेई मुर्दाबाद, एसके चतुर्वेदी मुर्दाबाद, बिजली विभाग मुर्दाबाद और बिजली मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अघोषित कटौती और रोस्टिंग की वजह से किसानों की सिंचाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके अलावा घरेलू उपभोक्ताओं को भी दिक्कत हो रही है और बच्चों की पढ़ाई के साथ रोजमर्रा के कामकाज पर भी इसका असर पड़ रहा है।
जन समिति की अध्यक्ष रीता सिंह ने बताया कि छह दिनों तक महिलाएं और किसान धरना स्थल पर डटे रहे। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन नहीं देंगे तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों के लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही धरना समाप्त करने का फैसला लिया।
रीता सिंह ने मीडिया का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मीडिया के जरिए ही जनता की आवाज अधिकारियों तक पहुंची और आखिरकार अधिकारियों को धरना स्थल पर आना पड़ा। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को तीन दिन का समय दिया गया है। अगर तय समय में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और अघोषित कटौती बंद नहीं हुई तो समिति दोबारा आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगी।
अब देखना यह होगा कि बिजली विभाग की ओर से दिए गए तीन दिन के आश्वासन के बाद गौरीगंज इलाके की बिजली व्यवस्था में कितना सुधार होता है और प्रशासन अपने वादे को पूरा करता है या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमेठी में धरना कब तक चला और क्यों खत्म हुआ?
अमेठी के गौरीगंज में 132 केवी पावर हाउस पर छह दिन तक धरना चला। यह धरना तब खत्म हुआ जब प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को तीन दिन में बिजली व्यवस्था ठीक करने का लिखित आश्वासन दिया।
धरना किसने शुरू किया था और क्या मांगें थीं?
किसानों और जन समिति की महिलाओं ने मिलकर यह धरना शुरू किया था। उन्होंने अघोषित बिजली कटौती रोकने और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि ये कटौतियां सिंचाई और बच्चों की पढ़ाई दोनों को नुकसान पहुंचा रही हैं।
जन समिति की अध्यक्ष ने क्या चेतावनी दी है?
रीता सिंह ने कहा कि अगर तीन दिन में बिजली विभाग अपने वादे को पूरा नहीं करता और अघोषित कटौती बंद नहीं होती, तो समिति दोबारा आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगी।
धरना स्थल पर कौन-कौन से अधिकारी मौजूद थे?
धरना स्थल पर एसडीएम, नायब तहसीलदार, सीओ, ट्रांसमिशन अधिकारी और एक्सईएन समेत कई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे। इन सभी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और लिखित आश्वासन दिया।
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