अमेठी में बिजली कटौती के खिलाफ महिलाएं चार दिन से धरना जारी रखे हुए हैं
अमेठी में लगातार बिजली कटौती के खिलाफ रीता सिंह जनकल्याण समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष रीता सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाएं आंदोलन कर रही हैं।
अमेठी में लगातार बिजली कटौती के खिलाफ रीता सिंह जनकल्याण समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष रीता सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाएं आंदोलन कर रही हैं। 8 सितंबर से 132 केवी विद्युत उपकेंद्र पर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर महिलाएं धरना-प्रदर्शन पर डटी हुई हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी किसी बड़े अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने और महिलाओं से बातचीत नहीं करने को लेकर प्रदर्शनकारियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली सप्लाई का हाल बेहद खराब है। रात के वक्त भी अघोषित कटौती की जा रही है, जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अपनी मांगों को लेकर महिलाओं ने टेंट लगाकर विद्युत उपकेंद्र परिसर में ही डेरा जमा रखा है। तेज बारिश, तूफानी हवाओं और तेज धूप के बावजूद महिलाएं वहां से हटने के लिए तैयार नहीं हैं। धरना स्थल पर ही खाना-पीना बनाकर महिलाएं लगातार अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
आंदोलन में शामिल महिलाओं ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाता और कोई बड़ा अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनसे बात नहीं करता, तब तक उनका आंदोलन बंद नहीं होगा।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक करीब दो महीने पहले भी बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था। महिलाओं का आरोप है कि उस दौरान रीता सिंह समेत कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। महिलाओं की मांग है कि बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ-साथ उस मुकदमे को भी वापस लिया जाए।
चार दिनों से लगातार चल रहे इस आंदोलन के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं किन हालात में धरना देने को मजबूर हुई हैं और उनकी समस्याओं का हल कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौके पर क्यों नहीं पहुंचे हैं। महिलाओं का कहना है कि जब तक बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होता और उनकी बाकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे अपना धरना जारी रखेंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमेठी में महिलाएं किस वजह से धरना दे रही हैं?
अमेठी की महिलाएं लगातार बिजली कटौती के खिलाफ धरना दे रही हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण इलाकों में बिजली सप्लाई बेहद खराब है और रात के समय भी अघोषित कटौती की जा रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यह आंदोलन कब से शुरू हुआ है?
यह आंदोलन 8 सितंबर से शुरू हुआ है। महिलाएं 132 केवी विद्युत उपकेंद्र पर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रही हैं।
महिलाएं और क्या मांग कर रही हैं?
बिजली व्यवस्था में सुधार के अलावा, महिलाओं की एक और मांग है कि दो महीने पहले के प्रदर्शन के दौरान रीता सिंह समेत कुछ लोगों के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया गया था, उसे वापस लिया जाए।
इस धरने के दौरान महिलाओं ने किन कठिनाइयों का सामना किया है?
महिलाएं तेज बारिश, तूफानी हवाओं और तेज धूप के बावजूद विद्युत उपकेंद्र परिसर में डेरा जमाए हुई हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी किसी बड़े अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से महिलाओं में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
महिलाएं कब तक अपना आंदोलन जारी रखेंगी?
महिलाओं का कहना है कि जब तक बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होता, किसी बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनसे बात नहीं करते, और उनकी बाकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे अपना धरना जारी रखेंगी।
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