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बेलगावी की एक्वस ने सफरान संग एयरोस्पेस सप्लाई समझौते किए

बेलगावी की Aequs ने Safran के साथ लंबे समय के समझौते किए हैं। होसुर में सुपरएलॉय पार्ट्स और लैंडिंग गियर कंपोनेंट्स बनाए जाएंगे।

बेलगावी की एक्वस ने सफरान संग एयरोस्पेस सप्लाई समझौते किए
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बेलगावी की Aequs ने एयरोस्पेस इस्तेमाल के लिए Safran के साथ लंबे समय के सप्लाई समझौतों का ऐलान किया

बेलगावी की Aequs ने एयरोस्पेस इस्तेमाल के लिए Safran के साथ लंबे समय के सप्लाई समझौतों का ऐलान किया है।

Aequs ने अहम एयरोस्पेस कंपोनेंट्स की सप्लाई के लिए Safran के साथ लंबे समय के समझौते किए हैं। इससे बेलगावी की प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी और फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी के बीच रिश्ते का दायरा और बढ़ गया है।

Aequs के मुताबिक, ये समझौते Safran की सप्लाई चेन और लगातार चल रहे प्रोडक्शन प्रोग्राम्स को मदद देंगे। साथ ही, इनसे एयरोस्पेस सेक्टर में Aequs की ग्रोथ और डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस ऐलान के बाद Aequs की मौजूदगी Safran की छह इकाइयों तक हो गई है। यह एयरोस्पेस ग्रुप के साथ उसके रिश्ते के और विस्तार को दिखाता है।

होसुर के इकोसिस्टम से जुड़ा काम

इन समझौतों के तहत तमिलनाडु के होसुर में बन रहे Aequs Engine Components Ecosystem (AECE) में बड़ा काम किया जाएगा।

इस काम में सुपरएलॉय पार्ट्स की मशीनिंग, कॉम्प्लेक्स मशीनिंग कोटिंग की सप्लाई और लैंडिंग गियर कंपोनेंट्स की असेंबली शामिल है। ये कंपोनेंट्स Airbus A320, A330 और A350 प्रोग्राम्स के साथ-साथ Boeing 787 प्रोग्राम के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।

इस काम में कई एयरक्राफ्ट प्रोग्राम्स में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स शामिल हैं। इसलिए, दुनिया की एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को प्रोडक्ट्स सप्लाई करने में Aequs की भूमिका के लिए ये समझौते अहम माने जा रहे हैं।

Aequs ने कहा कि वह इन प्रोडक्ट्स को बनाने के लिए अपने इंटीग्रेटेड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और शुरुआत से आखिर तक काम करने की अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल करेगी।

इन क्षमताओं में फोर्जिंग, प्रिसिजन मशीनिंग, स्पेशल प्रोसेस, सरफेस ट्रीटमेंट और असेंबली शामिल हैं।

कंपनी का तरीका यह है कि एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग के कई स्टेज को उसके इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन बेस के अंदर ही पूरा किया जाए। काम को सिर्फ एक मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस तक सीमित न रखा जाए।

इन समझौतों से बेलगावी में मौजूद Aequs Aerospace Cluster की भूमिका भी और मजबूत होती है। यह क्लस्टर दुनिया की एयरोस्पेस सप्लाई चेन के लिए एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग बेस के तौर पर काम करता है।

AECE के जरिए विस्तार

Aequs ने कहा कि उसकी यह क्षमता अब होसुर में बन रहे AECE के जरिए और बढ़ाई जाएगी। यहां सभी मीडियम और बड़े पार्ट्स का मैन्युफैक्चरिंग काम किया जाएगा।

इस तरह होसुर की यह फैसिलिटी कंपनी की मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में इजाफा करेगी। Aequs एयरोस्पेस कंपोनेंट्स और प्रोडक्शन प्रोसेस से जुड़े अपने काम का विस्तार कर रही है।

Aequs के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ अरविंद मेलिगेरी ने कहा कि Safran के लिए बनाए जाने वाले कंपोनेंट्स “उन सबसे चुनौतीपूर्ण फ्लाइट-क्रिटिकल प्रोडक्ट्स में शामिल हैं, जिन्हें इंडस्ट्रियल स्तर पर तैयार किया जाना है।”

उन्होंने कहा, “इन प्रोडक्ट्स की जिम्मेदारी हमें दिया जाना इस बात का मजबूत सबूत है कि हमने वर्षों के दौरान अपने ग्राहकों का भरोसा बनाया है। यह उन क्षमताओं का भी सबूत है, जिन्हें हमने अपने मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में विकसित किया है।”

एयरक्राफ्ट व्हील्स के कॉन्ट्रैक्ट के बाद हुआ समझौता

यह नया ऐलान जुलाई 2026 में Aequs और Safran Landing Systems के बीच हुए उस समझौते के तुरंत बाद आया है, जो पूरी तरह असेंबल किए गए A320 family एयरक्राफ्ट व्हील्स की सप्लाई के लिए किया गया था।

वह समझौता Aequs का 15 years से आगे तक चलने वाला पहला सीरियल प्रोडक्शन समझौता था। यह समझौता 2042 तक चलेगा।

व्हील्स समझौते के तहत, पूरे एयरक्राफ्ट व्हील्स का मैन्युफैक्चरिंग भारत में ही किया जाएगा। इसमें भारत से हासिल किए गए एल्युमिनियम से लेकर अंतिम असेंबली और टेस्टिंग तक का पूरा काम भारत में होगा।

इस व्यवस्था से देश के अंदर 100% मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू एडिशन होने की उम्मीद है।

नए समझौते Aequs और Safran के बीच उस रिश्ते को आगे बढ़ाते हैं, जो 10 years से ज्यादा समय से जारी है और Safran के कई कारोबारों तक फैला हुआ है।

मिलाकर देखा जाए तो ये समझौते Aequs की एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं की बढ़ती मजबूती और भारत से दुनिया की एयरोस्पेस सप्लाई चेन को सपोर्ट करने में उसकी बढ़ती भूमिका को दिखाते हैं।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Aequs ने किस कंपनी के साथ लंबे समय के सप्लाई समझौते किए हैं?

Aequs ने एयरोस्पेस कंपोनेंट्स की सप्लाई के लिए Safran के साथ लंबे समय के समझौते किए हैं।

इन समझौतों के तहत कौन-कौन से कंपोनेंट्स बनाए जाएंगे?

इनमें सुपरएलॉय पार्ट्स की मशीनिंग, कॉम्प्लेक्स मशीनिंग कोटिंग की सप्लाई और लैंडिंग गियर कंपोनेंट्स की असेंबली शामिल है।

इन कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किन एयरक्राफ्ट प्रोग्राम्स में होगा?

इनका इस्तेमाल Airbus A320, A330 और A350 प्रोग्राम्स के साथ-साथ Boeing 787 प्रोग्राम में होगा।

समझौतों के बाद Safran की कितनी इकाइयों तक Aequs की मौजूदगी हो गई है?

समझौतों के बाद Safran की छह इकाइयों तक Aequs की मौजूदगी हो गई है।

होसुर में बन रहे AECE की क्या भूमिका होगी?

AECE में सभी मीडियम और बड़े पार्ट्स का मैन्युफैक्चरिंग काम किया जाएगा और इससे Aequs की मौजूदा क्षमताओं का विस्तार होगा।

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