राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट की आलोचना की, पक्षपात का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि यह प्रोजेक्ट रणनीतिक या सुरक्षा उद्देश्यों की बजाय एक व्यवसायी को फायदा पहुंचाने के लिए है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं और आरोप लगाया है कि मोदी सरकार इसके उद्देश्य को गलत तरीके से पेश कर रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए 16 मिनट के वीडियो में गांधी ने दावा किया कि यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा या ट्रांसशिपमेंट के लिए नहीं है, जैसा कि सरकार कह रही है, बल्कि इसका मकसद एक व्यवसायी को फायदा पहुंचाना है ताकि पर्यावरणीय रूप से महत्वपूर्ण भूमि पर होटल और कैसीनो बनाए जा सकें। \n\nगांधी, जो पिछले एक महीने से इस प्रोजेक्ट के खिलाफ मुखर रहे हैं, ने इसके पर्यावरण, आदिवासी अधिकारों और पारदर्शिता पर पड़ने वाले प्रभाव पर जोर दिया। उन्होंने भारत के सबसे दक्षिणी छोर, इंदिरा पॉइंट का दौरा किया, जहां उन्होंने प्राचीन पेड़ों और कोरल रीफ्स का निरीक्षण किया और इस क्षेत्र के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे व्यावसायिक हितों के बजाय पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में याचिका पर हस्ताक्षर करें। \n\nवहीं, सरकार ने ₹90,000 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को एक रणनीतिक पहल के रूप में बचाव किया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट, एयरपोर्ट, पावर प्लांट और टाउनशिप की योजना शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट भारत की समुद्री सुरक्षा, व्यापार और इंडो-पैसिफिक रणनीति के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर मलक्का स्ट्रेट के पास इसकी स्थिति को देखते हुए, जो एक प्रमुख वैश्विक व्यापार मार्ग है। उनका मानना है कि यह सिंगापुर और कोलंबो जैसे विदेशी बंदरगाहों पर कंटेनर ट्रांसशिपमेंट की निर्भरता को कम करेगा। \n\nग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर विपरीत विचारों ने बहस को और तेज कर दिया है, जिसमें गांधी के आरोपों ने इसके पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर विवाद को और बढ़ा दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट की आलोचना क्यों की?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इस प्रोजेक्ट के उद्देश्य को गलत तरीके से पेश कर रही है और यह पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट का असली मकसद क्या है, जैसा कि राहुल गांधी ने कहा?
राहुल गांधी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का मकसद एक व्यवसायी को फायदा पहुंचाना है, न कि राष्ट्रीय सुरक्षा या ट्रांसशिपमेंट के लिए।
सरकार ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट का कैसे बचाव किया है?
सरकार ने इसे ₹90,000 करोड़ की एक रणनीतिक पहल बताया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और एयरपोर्ट शामिल हैं।
राहुल गांधी ने इस प्रोजेक्ट के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
राहुल गांधी ने इंदिरा पॉइंट का दौरा किया और पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में नागरिकों से याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील की।
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर विवाद क्यों बढ़ रहा है?
गांधी के आरोपों ने इसके पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर विवाद को बढ़ा दिया है, जिससे बहस और तेज हो गई है।
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