जयराम रमेश का आरोप, अमित शाह परिसीमन विधेयक पास करवाने में जुटे
जयराम रमेश ने कहा, गृह मंत्री अमित शाह हर हाल में परिसीमन विधेयक पास करवाना चाहते हैं। जानें इसके पीछे की राजनीति।
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में परिसीमन विधेयक को पास करवाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। रमेश के मुताबिक, मोदी सरकार इस संवैधानिक संशोधन विधेयक को पास करवाने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत जुटाने में संघर्ष कर रही है।
रमेश ने बताया कि इससे पहले 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में एक संवैधानिक संशोधन विधेयक पास करवाने में सरकार नाकाम रही थी, जिससे अमित शाह को बड़ी शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भरोसा दिलाने के बावजूद शाह जरूरी समर्थन जुटाने में असफल रहे थे। उस समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से पेश किए गए विधेयक को 362 वोट की जरूरत थी, लेकिन सिर्फ 298 वोट ही मिले।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि शाह अब राजनीतिक चालों का सहारा ले रहे हैं ताकि जरूरी बहुमत जुटाया जा सके। उन्होंने विपक्षी दलों में हालिया बगावतों की ओर इशारा किया, जिसमें उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नौ में से छह सांसदों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भरोसा जताते हुए उनके गुट का समर्थन किया है।
इसके अलावा, रमेश ने अन्य पार्टियों में बड़े बदलावों की ओर ध्यान दिलाया। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में हार के बाद बड़ा झटका लगा है, जहां 60 से ज्यादा विधायक और 20 सांसद एनसीपीआई में शामिल होकर मोदी सरकार का समर्थन कर रहे हैं। इसी तरह, आम आदमी पार्टी (AAP) के दस में से सात राज्यसभा सांसद, जिनमें राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं, बीजेपी में शामिल हो गए हैं। दो-तिहाई बहुमत के कारण इन बगावतों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होता।
ये घटनाक्रम ऐसे समय हो रहे हैं जब बीजेपी संसद में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के आंकड़ों में 2024 लोकसभा चुनावों की तुलना में सुधार हुआ है। उस समय बीजेपी ने सिर्फ 240 सीटें जीती थीं और बहुमत के लिए जेडीयू, टीडीपी, शिवसेना और एलजेपी जैसे सहयोगियों पर निर्भर थी।
अब राजनीतिक परिदृश्य बदल चुका है, और बीजेपी दोनों सदनों में अपनी ताकत बढ़ाने और गठबंधनों को मजबूत करने में जुटी है। हालांकि, परिसीमन विधेयक को पास करवाना मोदी सरकार के लिए अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जयराम रमेश ने किस पर आरोप लगाया है?
जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में परिसीमन विधेयक को पास करवाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
क्यों अमित शाह को पहले संवैधानिक संशोधन विधेयक पास करवाने में असफलता मिली थी?
अमित शाह को 17 अप्रैल 2026 को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत संवैधानिक संशोधन विधेयक पास करवाने में असफलता मिली थी, जिसमें सरकार को 362 वोटों की जरूरत थी लेकिन केवल 298 वोट मिले।
कौन-कौन से दलों में हालिया बगावतें हुई हैं?
हालिया बगावतों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के सांसदों ने एकनाथ शिंदे का समर्थन किया है, और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के विधायक एनसीपीआई में शामिल हुए हैं।
बीजेपी अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए क्या कर रही है?
बीजेपी संसद में अपनी स्थिति मजबूत करने और गठबंधनों को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
परिसीमन विधेयक पास करवाना मोदी सरकार के लिए क्यों चुनौती है?
परिसीमन विधेयक को पास करवाना मोदी सरकार के लिए चुनौती है क्योंकि उन्हें जरूरी दो-तिहाई बहुमत जुटाने में संघर्ष करना पड़ रहा है।
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