पूर्व चीनी प्रधानमंत्री झू रोंगजी का निधन, अर्थव्यवस्था में बदलाव के प्रतीक
झू रोंगजी की विरासत: चीन की अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव का दौर बुधवार को पूर्व चीनी प्रधानमंत्री झू रोंगजी का निधन हो गया।
बुधवार को पूर्व चीनी प्रधानमंत्री झू रोंगजी का निधन हो गया। उन्हें उस दौर में चीन की अर्थव्यवस्था को बदलने के लिए याद किया जा रहा है, जब देश में बड़े सुधार हो रहे थे। उनके कार्यकाल में कई साहसिक फैसले लिए गए, जैसे सरकारी कंपनियों (स्टेट ओन्ड एंटरप्राइजेज) का पुनर्गठन, चीनी बाजारों को ग्लोबल कंपनियों के लिए खोलना और वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) में शामिल होने की तैयारी करना।
सुधार और ग्लोबल इंटीग्रेशन के चैंपियन
झू रोंगजी की लीडरशिप का अंदाज उनकी साफगोई और फैसले लेने की क्षमता से पहचाना जाता था। देश और विदेश, दोनों जगहों पर उन्हें इसके लिए सम्मान मिला। चीन की अर्थव्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए उन्होंने विदेशी विशेषज्ञता और एंटरप्रेन्योरशिप को अपनाने में झिझक नहीं दिखाई। चीन ग्रुप कंपनीज एसोसिएशन के ऑनरेरी प्रेसिडेंट झांग चोंगचिंग ने झू को "बुद्धिमान, दूरदर्शी, बेबाक और निर्णायक" बताया। उन्होंने 1980 के दशक से ही झू के साथ आर्थिक सुधारों पर काम किया था।
झू की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी सरकारी कंपनियों का सुधार। ये कंपनियां लंबे समय तक चीन की सेंट्रली प्लान्ड इकॉनमी की रीढ़ रही थीं। झांग, जो 1980 और 1990 के दशक में एंटरप्राइज रिफॉर्म में अहम भूमिका निभा रहे थे, ने बताया कि झू ने इन कंपनियों को फिर से खड़ा करने के लिए विदेशी मैनेजमेंट प्रैक्टिस अपनाने में दिलचस्पी दिखाई। इस कदम ने सरकारी कंपनियों को ग्लोबल मार्केट में ज्यादा प्रतिस्पर्धी और प्रभावी बनाया।
डिप्लोमैटिक और आर्थिक मील का पत्थर
अप्रैल 1999 में झू रोंगजी ने वॉशिंगटन का दौरा किया और उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से मुलाकात की। यह दौरा सिर्फ एक कूटनीतिक कदम नहीं था, बल्कि चीन की ग्लोबल इकॉनमी में शामिल होने की प्रतिबद्धता का प्रतीक था। झू के इस दौर के सुधारों पर आज भी अमेरिकी नीति निर्माताओं के बीच चर्चा होती है, खासकर जब दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव बढ़ा हुआ है।
झू की विरासत क्यों अहम है
प्रधानमंत्री के तौर पर झू रोंगजी का कार्यकाल चीन के लिए बदलाव का दौर साबित हुआ। उन्होंने चीन को एक ग्लोबल इकोनॉमिक पावरहाउस बनने की नींव दी। उनकी रणनीतिक सोच और बदलाव को अपनाने की क्षमता ने न सिर्फ चीन की अर्थव्यवस्था को बदला, बल्कि दुनिया में उसकी भूमिका को भी नया आकार दिया। आज जब चीन जटिल आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, झू की विरासत यह याद दिलाती है कि निर्णायक नेतृत्व और दूरदर्शी सुधार कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
झू रोंगजी का निधन कब हुआ?
बुधवार को झू रोंगजी का निधन हुआ।
झू रोंगजी को किस लिए याद किया जाता है?
उन्हें चीन की अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव के लिए याद किया जाता है।
झू रोंगजी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में क्या शामिल है?
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में सरकारी कंपनियों का सुधार शामिल है।
झू रोंगजी ने कब वॉशिंगटन का दौरा किया?
उन्होंने अप्रैल 1999 में वॉशिंगटन का दौरा किया।
झू रोंगजी की विरासत क्यों महत्वपूर्ण है?
उनकी विरासत निर्णायक नेतृत्व और दूरदर्शी सुधारों की याद दिलाती है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।