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National Official source ग्वालियर

ग्वालियर में 745 बलिदानी साधुओं के अस्त्रों का हुआ पूजन

ग्वालियर में विजयादशमी के अवसर पर करीब 700 साल पुरानी शस्त्र पूजन परंपरा का विधि-विधान से निर्वहन किया गया। इस दौरान 745 बलिदानी साधुओं के अस्त्रों का पूजन किया गया।

ग्वालियर में 745 बलिदानी साधुओं के अस्त्रों का हुआ पूजन
Image credit: News Darpan Team

ग्वालियर में विजयादशमी के अवसर पर करीब 700 साल पुरानी शस्त्र पूजन परंपरा का विधि-विधान से निर्वहन किया गया। इस दौरान 745 बलिदानी साधुओं के अस्त्रों का पूजन किया गया। उनके त्याग, वीरता और बलिदान को याद करते हुए यह आयोजन किया गया। शहर में दशहरे का पर्व परंपरागत श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया।

पुलिस विभाग की ओर से पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शामिल हुए। पुलिस लाइन में शस्त्रों के साथ शास्त्रों और वाहनों का भी विधिवत पूजन किया गया।

कार्यक्रम में परंपरा के मुताबिक अस्त्र-शस्त्रों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। इस दौरान देश की रक्षा और विजय की कामना की गई। विजयादशमी के मौके पर आयोजित इस पूजन कार्यक्रम में शस्त्रों और शास्त्रों की परंपरा को विशेष महत्व दिया गया।

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत की विजय यात्रा और गौरवशाली इतिहास में बलिदानी साधुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि 745 साधुओं के अस्त्रों का पूजन उनकी वीरता, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करने का प्रतीक है।

उन्होंने यह भी कहा कि शस्त्र पूजन की यह परंपरा हमारी ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ी हुई है। ग्वालियर में इस परंपरा का पालन विजयादशमी के अवसर पर किया गया।

इस आयोजन के जरिए प्राचीन परंपराओं के संरक्षण और बलिदानियों के योगदान को याद किया गया। 745 बलिदानी साधुओं के अस्त्रों का पूजन कर उनके त्याग और बलिदान को सम्मान दिया गया।

ग्वालियर में सदियों से चली आ रही इस परंपरा ने एक बार फिर दशहरे के पर्व को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व प्रदान किया। पुलिस लाइन में हुए कार्यक्रम में शस्त्र, शास्त्र और वाहनों के पूजन के साथ परंपरा का निर्वहन किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्वालियर में किस मौके पर शस्त्र पूजन किया गया?

ग्वालियर में विजयादशमी के मौके पर करीब 700 साल पुरानी शस्त्र पूजन परंपरा निभाई गई।

कितने बलिदानी साधुओं के अस्त्रों का पूजन हुआ?

745 बलिदानी साधुओं के अस्त्रों का पूजन किया गया।

शस्त्र पूजन कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?

पुलिस विभाग ने यह कार्यक्रम पुलिस लाइन में आयोजित किया।

कार्यक्रम में किन चीजों का पूजन किया गया?

शस्त्रों के साथ शास्त्रों और वाहनों का भी विधिवत पूजन किया गया।

कार्यक्रम में कौन शामिल हुए?

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शामिल हुए।

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