ग्वालियर में दशहरे पर हुआ शस्त्र पूजन, हादसे के बाद हर्ष फायरिंग नहीं
दशहरा पर्व पर ग्वालियर में जिला स्तरीय शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन डीआरपी लाइन में किया गया। यह कार्यक्रम विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में हुआ।
दशहरा पर्व पर ग्वालियर में जिला स्तरीय शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन डीआरपी लाइन में किया गया। यह कार्यक्रम विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम में संभाग आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर रुचिका चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई। अधिकारियों ने यज्ञ में आहुतियां देकर शस्त्र पूजन किया। धार्मिक विधि-विधान के साथ शस्त्रों की पूजा की गई और इस परंपरा को पूरा किया गया। दशहरे पर होने वाले इस शस्त्र पूजन के जरिए शक्ति, साहस और सुरक्षा के प्रतीक शस्त्रों के प्रति सम्मान प्रकट किया गया।
शस्त्र पूजन के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने तलवार से कुम्हड़े की प्रतीकात्मक बलि दी। इसके साथ उन्होंने शक्ति पूजा की परंपरा निभाई। कार्यक्रम में शस्त्र पूजन की परंपरागत प्रक्रिया पूरी की गई और अधिकारियों ने धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया।
हालांकि, ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण ट्रक हादसे के चलते इस बार कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग नहीं की गई। शीतला माता मंदिर हादसे में कई श्रद्धालुओं की जान जाने के बाद प्रशासन ने संवेदनशीलता बरतते हुए यह कदम उठाया।
प्रशासन के इस फैसले के बाद कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग के बजाय धार्मिक विधि-विधान पर ध्यान रखा गया। वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ में आहुतियों के बीच शस्त्र पूजन संपन्न हुआ। इस तरह दशहरा पर्व पर जिला स्तरीय शस्त्र पूजन कार्यक्रम परंपरा के अनुसार हुआ, लेकिन शीतला माता मंदिर हादसे को देखते हुए हर्ष फायरिंग से परहेज किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्वालियर में जिला स्तरीय शस्त्र पूजन कार्यक्रम कहां हुआ?
यह कार्यक्रम दशहरे पर डीआरपी लाइन में आयोजित किया गया।
ग्वालियर के शस्त्र पूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कौन थे?
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि थे।
शस्त्र पूजन कार्यक्रम में इस बार हर्ष फायरिंग क्यों नहीं हुई?
शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण ट्रक हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत के बाद प्रशासन ने हर्ष फायरिंग नहीं करने का फैसला लिया।
कार्यक्रम में शस्त्र पूजन कैसे किया गया?
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां देकर धार्मिक विधि-विधान से शस्त्र पूजन किया गया।
शस्त्र पूजन के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने क्या किया?
उन्होंने तलवार से कुम्हड़े की प्रतीकात्मक बलि देकर शक्ति पूजा की परंपरा निभाई।
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