इंदौर पुलिस लाइन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शस्त्र पूजन किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के पावन पर्व पर इंदौर पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के पावन पर्व पर इंदौर पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां कालका की आराधना की और परंपरागत तलवार, भाला सहित अत्याधुनिक एके-47 और अन्य अस्त्र-शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शस्त्र पूजन भारतीय सनातन संस्कृति, शौर्य, शक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है।
इंदौर, 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र रक्षा की गौरवशाली परंपरा का निर्वहन किया। उन्होंने पुलिस वाहन और अश्वों का पूजन किया। इसके बाद शस्त्रागार का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कन्या पाद पूजन किया और महिला पुलिस दल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
विजयादशमी के इस समारोह में धार्मिक आस्था, शौर्य परंपरा और जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का समन्वय दिखाई दिया। अस्त्र-शस्त्रों के पूजन के साथ पुलिस बल से जुड़े संसाधनों और जिम्मेदारियों को भी कार्यक्रम में प्रमुखता से सामने रखा गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शस्त्र धारण करना केवल शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं है। इसका उद्देश्य समाज के कष्ट दूर करना, नागरिकों की रक्षा करना और व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री ने विजयादशमी पर्व के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश मिलता है। मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध से नारी शक्ति के सामर्थ्य का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की परंपरा से समृद्ध सनातन संस्कृति हमारे संस्कारों और जीवनशैली को विशिष्ट पहचान देती है।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शस्त्र को भी तिलक लगाकर श्रद्धा और पवित्रता के साथ पूजने का विधान है। यह परंपरा शस्त्र के प्रति सम्मान के साथ उसके जिम्मेदार उपयोग की प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का गौरवशाली इतिहास वीरों के त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण से निर्मित हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर भारत माता के मान-सम्मान की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर स्वर्णिम भविष्य की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने सामाजिक संस्कारों और सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने के लिए सभी त्योहारों में सक्रिय सहभागिता की परंपरा विकसित की है। प्रदेशभर में पुलिस बलों द्वारा शासकीय स्तर पर शस्त्र पूजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी त्योहारों और सांस्कृतिक परंपराओं में सहभागी है।
डॉ. यादव ने प्रशासन में अनुशासन के साथ प्रोत्साहन की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दण्ड से व्यवस्था कायम होती है, तो प्रोत्साहन और सम्मान से काम करने वालों का उत्साह बढ़ता है। मुख्यमंत्री के अनुसार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए अनुशासन जरूरी है, लेकिन अच्छा काम करने वालों का सम्मान और प्रोत्साहन भी उतना ही जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने इंदौर में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम में लोकार्पित एप का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नागरिकों और पुलिस के बीच संवाद को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाने में उपयोगी साबित होगा।
इस एप के माध्यम से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी से जुड़ी जानकारी, संबंधित थानों और अधिकारियों का विवरण, संपर्क सुविधाएं तथा आवश्यक पुलिस सेवाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एप की उपयोगिता को देखते हुए भविष्य में इसे प्रदेश स्तर पर लागू करने पर भी विचार किया जाएगा।
कार्यक्रम में पुलिस सेतु ऐप का शुभारंभ भी किया गया। इसके माध्यम से नागरिक अपने स्थान के आधार पर संबंधित पुलिस थाने और ड्यूटी अधिकारियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। नागरिक इस जानकारी के आधार पर संबंधित पुलिस थाने और अधिकारियों से सीधे संपर्क भी कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए 51 मोटरसाइकिल उपलब्ध कराने की पहल की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि इन संसाधनों की व्यवस्था कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि के माध्यम से की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएसआर निधि के जरिए की गई इस व्यवस्था से शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार डाले बिना नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने का सकारात्मक प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में होण्डा इंडिया फाउंडेशन द्वारा आइडियल ट्रैफिक सेफ सिटी परियोजना के तहत इंदौर पुलिस को उपलब्ध कराए गए 51 वाहनों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्लैग ऑफ किया।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होण्डा इंडिया फाउण्डेशन द्वारा सड़क सुरक्षा के संबंध में जनजागरूकता के लिए तैयार पोस्टर का विमोचन किया। कार्यक्रम में इंदौर पुलिस की ओर से नशामुक्ति के क्षेत्र में किए गए जनजागरण कार्यों पर तैयार लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस विभाग सहित सभी विभागों में मानव संसाधन और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में 18,500 पदों पर भर्ती का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी दो वर्षों में रिक्त पदों को भरने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में कुल 85 हजार पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आगामी वर्ष को युवा वर्ष के रूप में मनाने की बात कही। साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की विशेष परीक्षाएं अगले वर्ष जनवरी-फरवरी में आयोजित करने की योजना का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा अगले वर्ष जनवरी-फरवरी में विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने और नियुक्तियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सरकार ध्यान दे रही है।
डॉ. मोहन यादव ने पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और आधुनिक संसाधनों पर जोर दिया। उन्होंने नई जांच पद्धतियों, फॉरेंसिक सुविधाओं और संशोधित आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी ध्यान दिए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्यक्षमता केवल बल की संख्या से नहीं, बल्कि प्रशिक्षण, संसाधनों, जांच के तरीकों और कानूनों के प्रभावी इस्तेमाल से भी मजबूत होती है। इसी दिशा में प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन, नई जांच पद्धतियां, फॉरेंसिक सुविधाएं और संशोधित आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पुलिस बलों में पुलिस बैंड विकसित करने की दिशा में की जा रही पहल की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी और 15 अगस्त शासन और प्रशासन के लिए गौरव तथा उत्साह के अवसर होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पर्वों परेड की गरिमा बढ़ाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले और पुलिस बल में पुलिस बैंड की व्यवस्था विकसित करने की दिशा में पहल की जा रही है। इसके लिए 750 पदों पर भर्ती किए जाने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने कहा कि पुलिस बैंड की व्यवस्था राष्ट्रीय पर्वों पर होने वाली परेड की गरिमा बढ़ाएगी। प्रदेश के प्रत्येक जिले में पुलिस बल का अपना बैंड हो, इस दिशा में पहल की जा रही है। इसके लिए 750 पदों पर भर्ती किए जाने की योजना का उल्लेख मुख्यमंत्री ने किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिसकर्मियों के समर्पण को भी नमन किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर चौबीसों घंटे नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उनका समर्पण, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा विशेष सम्मान की पात्र है।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के परिवार भी उनके दायित्वों के निर्वहन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसलिए पुलिसकर्मियों के परिवारों के कल्याण के लिए भी सरकार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर में महिला पुलिसकर्मियों की सहभागिता के नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षमता और दक्षता किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं। बेटियां भी हर दायित्व को पूरी कुशलता और सामर्थ्य के साथ निभा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ समान अवसरों की भावना को भी मजबूत करते हैं। महिला पुलिस दल की ओर से दिए गए गार्ड ऑफ ऑनर को मुख्यमंत्री ने महिला शक्ति और पुलिस बल में महिलाओं की भूमिका से जुड़े नवाचार के रूप में सराहा।
विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल लेकर आए। उन्होंने इंदौर प्रशासन और पुलिस विभाग को बेहतर व्यवस्थाओं और नवाचारों के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा और मार्गदर्शन में वर्ष 2024 से शस्त्र पूजन की गौरवशाली परंपरा से आमजन और जनप्रतिनिधियों को जोड़ा गया है।
श्री सिंह ने कहा कि यह परंपरा देश की शौर्य, वीरता, बलिदान और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में 1721 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति प्रदान की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे प्रदेश में पुलिस विभाग में 27500 से अधिक पदोन्नतियां हुई हैं।
श्री सिंह ने इंदौर पुलिस की ओर से किए गए विभिन्न नवाचारों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि इन नवाचारों के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता केंद्र में अब तक 1150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
इनमें 85 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है। मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से संबंधित पक्षों के बीच 7 करोड़ 82 लाख रुपये की राशि से जुड़े विवादों का आपसी सहमति से समाधान हुआ है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सेफ क्लिक चैटबॉट के माध्यम से 17 हजार से अधिक नागरिक साइबर अपराधों के प्रति जागरूक हुए हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों को लेकर नागरिकों को जानकारी देने और जागरूक करने के लिए इस माध्यम का इस्तेमाल किया गया है।
श्री सिंह ने बताया कि 19 ड्रोन से सुसज्जित डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट का इस्तेमाल बड़े आयोजनों, भीड़ प्रबंधन और कानून-व्यवस्था की निगरानी में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। ड्रोन यूनिट के जरिए इन क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है।
उन्होंने नवरात्रि के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों की भी जानकारी दी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि नवरात्रि में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 15 शक्ति मोबाइल तैनात की गईं।
इन शक्ति मोबाइल ने देर रात से सुबह 4 बजे तक सक्रिय रहकर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षित घर वापसी में सहायता की। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़ी थी।
पुलिस कमिश्नर श्री सिंह ने इंदौर की अनंत चतुर्दशी चल समारोह परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंदौर की गौरवशाली अनंत चतुर्दशी चल समारोह परंपरा को और व्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए पहली बार अखाड़ा गौरव सम्मान पुरस्कार शुरू किए गए हैं।
श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में इंदौर पुलिस तकनीक, नवाचार और जनकल्याण के माध्यम से नागरिकों को बेहतर पुलिसिंग और सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इंदौर पुलिस की ओर से किए जा रहे इन कार्यों और नवाचारों की जानकारी कार्यक्रम में साझा की।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, संभागायुक्त श्री भास्कर लाक्षाकार, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, आईजी श्री अनुराग और कलेक्टर श्री शिवम वर्मा उपस्थित रहे।
नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री मधु वर्मा, श्री महेंद्र हार्डिया, सुश्री उषा ठाकुर, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, श्री गौरव रणदीवे और श्री सावन सोनकर भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
इनके अलावा अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी समारोह में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान सशस्त्र पुलिस बल के बैंड ने धार्मिक गीतों और भजनों की मधुर प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों से समारोह स्थल भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शस्त्र पूजन कहां किया?
उन्होंने विजयादशमी पर इंदौर पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन किया।
शस्त्र पूजन में किन हथियारों की पूजा की गई?
परंपरागत तलवार और भाले के साथ एके-47 सहित अन्य अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की गई।
मुख्यमंत्री ने शस्त्र पूजन को किसका प्रतीक बताया?
उन्होंने इसे भारतीय सनातन संस्कृति, शौर्य, शक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने और क्या पूजन किया?
उन्होंने पुलिस वाहन, अश्वों और कन्या के पैरों का पूजन किया।
महिला पुलिस दल ने मुख्यमंत्री का स्वागत कैसे किया?
महिला पुलिस दल ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
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