औरैया के गांव में मगरमच्छ के बच्चे को ग्रामीणों ने नदी में छोड़ा
औरैया जिले के ततारपुर कला गांव में एक मगरमच्छ के बच्चे को ग्रामीणों ने समझदारी से पकड़कर नदी में छोड़ दिया।
औरैया जिले के ततारपुर कला गांव में एक मगरमच्छ के बच्चे को ग्रामीणों ने समझदारी से पकड़कर नदी में छोड़ दिया। यह बच्चा घर के पास बने एक पानी भरे गड्ढे से निकलकर खेतों में पहुंच गया था, जिसके बाद गांव वालों ने तुरंत एक्शन लिया और उसे सुरक्षित तरीके से बोरे में बंद करके नजदीकी नदी में छोड़ दिया।
करीब तीन हफ्ते पहले ततारपुर कला गांव के लोगों को पता चला था कि एक घर के पास बने पानी भरे गड्ढे में मगरमच्छ के कुछ बच्चे मौजूद हैं। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ के बच्चों को रेस्क्यू करने की कोशिश शुरू की।
वन विभाग की टीम ने उस वक्त एक मगरमच्छ के बच्चे को पकड़ने में कामयाबी हासिल की थी, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली थी। लेकिन एक और बच्चा गड्ढे से निकलकर खेतों की तरफ चला गया था। इस बार गांव के लोगों ने खुद ही सूझबूझ से काम लेते हुए मगरमच्छ के बच्चे को पकड़ लिया और उसे सुरक्षित नदी में छोड़ दिया।
यह घटना इस बात की मिसाल है कि किस तरह ग्रामीण इलाकों में लोग जंगली जानवरों के साथ संवेदनशीलता से पेश आते हैं। औरैया में यह पहली बार नहीं है जब मगरमच्छ के बच्चे आबादी वाले इलाकों में दिखे हों, लेकिन हर बार ग्रामीणों और वन विभाग की मिली-जुली कोशिशों से इन्हें बिना नुकसान पहुंचाए उनके प्राकृतिक ठिकानों पर भेजा जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
औरैया के ततारपुर कला गांव में क्या घटना हुई?
औरैया के ततारपुर कला गांव में मगरमच्छ के बच्चे को ग्रामीणों ने पकड़कर नदी में छोड़ा। यह बच्चा एक घर के पास बने पानी भरे गड्ढे से निकलकर खेतों में आ गया था।
मगरमच्छ का बच्चा पहली बार कब दिखा था?
करीब तीन हफ्ते पहले ग्रामीणों को पता चला कि एक पानी भरे गड्ढे में मगरमच्छ के कुछ बच्चे थे। इसके बाद वन विभाग को सूचित किया गया।
वन विभाग की टीम ने क्या किया?
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और एक मगरमच्छ के बच्चे को रेस्क्यू करने में कामयाब रही। लेकिन दूसरा बच्चा गड्ढे से निकलकर खेतों की तरफ चला गया था।
ग्रामीणों ने दूसरे बच्चे के साथ क्या किया?
गांव के लोगों ने खुद ही सूझबूझ से मगरमच्छ के दूसरे बच्चे को पकड़ा और उसे बोरे में बंद करके सुरक्षित तरीके से नजदीकी नदी में छोड़ दिया।
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