ज्योना गांव के लोगों ने पक्की सड़क की मांग पर किया जोरदार प्रदर्शन
रायबरेली के महराजगंज विकासखंड के जालिम सिंह मजरे स्थित ज्योना गांव के लोगों ने आज पक्की सड़क की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
रायबरेली के महराजगंज विकासखंड के जालिम सिंह मजरे स्थित ज्योना गांव के लोगों ने आज पक्की सड़क की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। नाराज ग्रामीणों ने "रोड नहीं तो वोट नहीं" के नारे लगाते हुए कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी उनके गांव को पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी है। गांव के लोगों का कहना है कि वे आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और प्रशासन की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
गांव के लोगों ने ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रधान विकास कार्यों में भारी लापरवाही बरत रहे हैं और कई बार शिकायत करने के बाद भी सड़क बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि खासतौर पर बारिश के मौसम में हालात बेहद खराब हो जाते हैं।
कच्चे रास्ते पर कीचड़ और पानी भर जाने से मरीजों, स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई मौकों पर बीमार लोगों को खाट पर लिटाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी होती है और मुसीबत और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से फौरन पक्की सड़क बनाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया तो वे आने वाले चुनाव में वोट का बहिष्कार करने को मजबूर हो जाएंगे। यह मामला अब स्थानीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ज्योना गांव के लोगों ने प्रदर्शन क्यों किया?
ज्योना गांव के लोगों ने पक्की सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। वे कहते हैं कि आजादी के इतने सालों बाद भी उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली हैं और प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
कच्ची सड़क से गांव वालों को क्या परेशानियां हैं?
बारिश के मौसम में कच्चे रास्ते पर कीचड़ और पानी भर जाता है। इससे मरीजों, स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को रोजाना भारी दिक्कतें होती हैं। कई बार बीमार लोगों को खाट पर लिटाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है जिससे इलाज में देरी होती है।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर क्या आरोप लगाए हैं?
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान विकास कार्यों में भारी लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने कई बार शिकायत की है लेकिन सड़क बनाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन को क्या चेतावनी दी है?
ग्रामीणों ने कहा है कि अगर जल्द ही पक्की सड़क नहीं बन गई तो वे आने वाले चुनाव में वोट का बहिष्कार करने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने 'रोड नहीं तो वोट नहीं' का नारा लगाया है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच में महिला की अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये वसूलने वाला …
- 2
भाजपा ने निष्कासित नेता की सपा एंट्री पर अखिलेश यादव को घेरा
- 3
गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले बहराइच में डीएम-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 4
बहराइच: भावुक सुसाइड नोट लिखकर की युवक ने की आत्महत्या
- 5
थाना रुपईडीहा क्षेत्र में शातिर अपराधियों से हुई रूपईडीहा पुलिस की मुठभेड़।
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।