उपराष्ट्रपति ने 'अगत्यियर' पुस्तक जारी कर एकता पर जोर दिया
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने 'अगत्यियर - द यूनिफायर' पुस्तक जारी कर भारत की प्राचीन एकता पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने 15 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में 'अगत्यियर - द यूनिफायर' पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि भारत की एकता एक प्राचीन सभ्यतागत सच्चाई है, जिसे ऋषियों जैसे अगत्यियर ने उत्तर और दक्षिण भारतीय संस्कृतियों को जोड़कर मजबूत किया।
उपराष्ट्रपति ने अगत्यियर के तमिल व्याकरण और तमिल संगम परंपरा में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि अगत्यियर को पूरे भारत में सम्मानित किया जाता है और तमिलनाडु और काशी में उनके नाम पर मंदिर हैं, जो देश की सांस्कृतिक एकता को दर्शाते हैं।
श्री राधाकृष्णन ने यह भी चिंता जताई कि तमिल के लिए काम करने वाले लोगों, जैसे उ. वे. स्वामीनाथ अय्यर, को पर्याप्त पहचान नहीं मिली है। उन्होंने अय्यर की तमिल साहित्यिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए प्रशंसा की और उनके योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
उपराष्ट्रपति ने इस धारणा को खारिज किया कि भारत की एकता औपनिवेशिक शासन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और सभ्यता ने हमेशा देश को जोड़े रखा है। उन्होंने युवाओं में भारत की समृद्ध विरासत के प्रति समझ बढ़ाने के लिए चर्चा की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक श्री ओ. शामा भट, डॉ. एम. एन. सुधा और अनुवादक प्रोफेसर कल्याणी सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं। उपराष्ट्रपति ने 'कलैमगल' पत्रिका की भी सराहना की, जिसने इस पुस्तक को प्रकाशित किया और तमिल संस्कृति को बढ़ावा देने में योगदान दिया।
मुख्य बातें
- उपराष्ट्रपति ने नई दिल्ली में 'अगत्यियर - द यूनिफायर' पुस्तक जारी की।
- अगत्यियर भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता के प्रतीक हैं।
- अगत्यियर ने तमिल व्याकरण और संगम परंपरा में योगदान दिया।
- तमिलनाडु और काशी में अगत्यियर के नाम पर मंदिर हैं।
- उ. वे. स्वामीनाथ अय्यर के तमिल योगदान को रेखांकित किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
'अगत्यियर - द यूनिफायर' पुस्तक का महत्व क्या है?
यह पुस्तक ऋषि अगत्यियर की भारत की संस्कृतियों को जोड़ने और तमिल व्याकरण में योगदान को दर्शाती है।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
इस कार्यक्रम में लेखक, अनुवादक और अन्य प्रमुख हस्तियां जैसे श्री सुनील अंबेकर और श्री कीलंबूर शंकर सुब्रमणियन शामिल हुए।
स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 15 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2273168
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उपराष्ट्रपति ने 'अगत्यियर - द यूनिफायर' पुस्तक का विमोचन कब और कहां किया?
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने 15 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में इस पुस्तक का विमोचन किया।
अगत्यियर कौन थे और उन्होंने क्या योगदान दिया?
अगत्यियर एक ऋषि थे जिन्होंने उत्तर और दक्षिण भारतीय संस्कृतियों को जोड़कर भारत की एकता को मजबूत किया। उन्होंने तमिल व्याकरण और तमिल संगम परंपरा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अगत्यियर की पूजा आज भारत में कहां-कहां होती है?
अगत्यियर को पूरे भारत में सम्मानित किया जाता है और उनके नाम पर तमिलनाडु और काशी में मंदिर हैं।
उपराष्ट्रपति ने भारत की एकता के बारे में क्या कहा?
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की एकता एक प्राचीन सभ्यतागत सच्चाई है और यह औपनिवेशिक शासन का परिणाम नहीं है। भारत की संस्कृति और सभ्यता ने हमेशा देश को जोड़े रखा है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल थे?
इस कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक श्री ओ. शामा भट, डॉ. एम. एन. सुधा और अनुवादक प्रोफेसर कल्याणी सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं।
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