राजीव बने तमिलनाडु के मंत्री, दादा की विरासत का असर
तमिलनाडु के रामनाथपुरम में एक परिवार की विरासत ने कई पीढ़ियों तक राजनीतिक किस्मत को बदल दिया है। वी.के. राजीव, जो दिवंगत वेलुचामी के पोते हैं, आज तमिलनाडु के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री हैं।
तमिलनाडु के रामनाथपुरम में एक परिवार की विरासत ने कई पीढ़ियों तक राजनीतिक किस्मत को बदल दिया है। वी.के. राजीव, जो दिवंगत वेलुचामी के पोते हैं, आज तमिलनाडु के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री हैं। राजीव मानते हैं कि यह पद उनके दादा की सालों की मेहनत और लोगों के बीच बनाई गई अच्छी छवि का नतीजा है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के उम्मीदवार के तौर पर राजीव की जीत ने राजनीति में पारिवारिक नाम की ताकत को साबित किया है।
सम्मान और सेवा की विरासत
वेलुचामी, जो रामनाथपुरम में एक सिविल कॉन्ट्रैक्टर और लॉज मालिक थे, सिर्फ एक बिजनेसमैन नहीं थे। उनकी समझदारी और शांत प्रभाव के कारण समुदाय में उनका बहुत सम्मान था। 1998 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उभरने की भविष्यवाणी की थी, जबकि उस वक्त राज्य में पार्टी की कोई खास मौजूदगी नहीं थी।
वेलुचामी का प्रभाव राजनीति से आगे तक था। उनकी उदारता और लोगों को पहचानने की क्षमता ने उन्हें व्यापक प्रशंसा दिलाई। जब 2011 में उनका निधन हुआ, तो उनके परिवार ने उनके शरीर को ढाई दिन तक रखा ताकि हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। राजीव याद करते हैं कि उनके दादा ने कई लोगों की चुपचाप मदद की, जिसका परिवार को भी पता नहीं चलता था।
डॉक्टर से मंत्री तक का सफर
वेलुचामी के आदर्शों ने उनके परिवार की दिशा तय की। उनके 18 पोते-पोतियों में से 10 डॉक्टर बने, जिनमें राजीव भी शामिल हैं। वेलुचामी का मेडिकल प्रोफेशन के प्रति सम्मान उनके परिवार को प्रेरित करता रहा। राजीव का डॉक्टर से राजनीति में आना भी इसी विरासत पर आधारित था, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि उनके दादा की छवि मतदाताओं तक पहुंचेगी।
समुदाय और छवि की भूमिका
राजीव की जीत ने चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों को गलत साबित कर दिया, जो द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) की जीत की भविष्यवाणी कर रहे थे। हालांकि रामनाथपुरम में स्थानीय स्तर पर TVK को खासकर युवा मतदाताओं का समर्थन मिलता दिखा। राजीव मानते हैं कि उनकी जीत उनके परिवार के नाम की सकारात्मक छवि का नतीजा है, जो वेलुचामी की स्थायी विरासत को दर्शाता है।
राजनीति से आगे की नेतृत्व क्षमता
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री के तौर पर राजीव ने कई महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई हैं, जैसे प्लास्टिक बैन लागू करना, कचरे को अलग-अलग करने को बढ़ावा देना और जलवायु जागरूकता फैलाना। उनका ऑफिस वेलुमणिकम लॉज में है, वही जगह जहां उनके दादा ने अपनी विरासत बनाई थी। यह दिखाता है कि पारिवारिक इतिहास कैसे राजनीतिक नेतृत्व और सार्वजनिक सेवा को दिशा दे सकता है।
महत्व क्यों है?
वेलुचामी और उनके पोते राजीव की कहानी यह साबित करती है कि पारिवारिक विरासत का राजनीतिक नेतृत्व पर गहरा असर पड़ता है। यह दिखाता है कि सम्मान, सेवा और समुदाय के साथ जुड़े रिश्ते कैसे चुनावी सफलता में बदल सकते हैं, चाहे विरोध कितना भी मजबूत क्यों न हो। तमिलनाडु के लिए यह याद दिलाने वाली बात है कि व्यक्तिगत इतिहास और सार्वजनिक भूमिकाएं कितनी गहराई से जुड़ी होती हैं।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजीव कौन हैं और उनका राजनीतिक पद क्या है?
राजीव तमिलनाडु के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री हैं।
राजीव की जीत का क्या कारण बताया गया है?
राजीव की जीत उनके दादा वेलुचामी की अच्छी छवि और परिवार के नाम की ताकत का नतीजा है।
वेलुचामी का समुदाय में क्या योगदान था?
वेलुचामी एक सम्मानित व्यक्ति थे, जिन्होंने समुदाय के लिए कई चुपचाप मदद की और उनकी उदारता के लिए उन्हें बहुत सराहा गया।
राजीव के परिवार में और कौन-कौन से पेशेवर हैं?
राजीव के 18 पोते-पोतियों में से 10 डॉक्टर बने हैं।
राजीव ने अपने मंत्रालय में कौन सी योजनाएं बनाई हैं?
राजीव ने प्लास्टिक बैन, कचरे को अलग-अलग करने और जलवायु जागरूकता फैलाने की योजनाएं बनाई हैं।
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