यूपी को डेयरी सेक्टर में ₹695 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले
उत्तर प्रदेश को डेयरी प्लांट और प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट के लिए ₹695.18 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। विभाग अब इनकी जांच करेगा।
उत्तर प्रदेश को डेयरी सेक्टर में कुल ₹695.18 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। राज्य सरकार ने बताया कि ये प्रस्ताव इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चौथे संस्करण के दौरान हुई बातचीत के बाद मिले।
ये प्रस्ताव डेयरी प्लांट लगाने से जुड़े हैं। डेयरी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ निवेशकों और कारोबारियों की बातचीत के बाद ये प्रस्ताव सामने आए।
उत्तर प्रदेश की डेयरी कमिश्नर धनलक्ष्मी के. ने द हिन्दू को बताया कि विभाग ने प्रस्तावित प्रोजेक्ट, संभावित निवेश, तकनीकी जरूरतों और प्रोजेक्ट लागू करने के संभावित क्षेत्रों के बारे में जानकारी साझा की थी।
उन्होंने कहा कि ट्रेड शो में डेयरी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट निवेशकों, कारोबारियों, छात्रों और डेयरी किसानों के लिए एक बड़ा आकर्षण बन गया।
प्लांट और प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट के प्रस्ताव
विभाग ने डेयरी और इससे जुड़े सेक्टर में निवेश के मौकों के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही राज्य में उपलब्ध आधुनिक तकनीक, उत्पादन, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के मौकों की भी जानकारी साझा की गई।
धनलक्ष्मी के. के मुताबिक, इन प्रस्तावों में ऐस इंटरनेशनल लिमिटेड की ओर से ₹457 करोड़ का प्रस्ताव शामिल है।
अंजुम डेयरी ने मुरादाबाद और रामपुर में प्लांट लगाने के लिए ₹50 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। वहीं, गौरी फूड एंड बेवरेजेज ने ₹14.65 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है।
उन्होंने बताया कि के डेयरी फार्म ने झासी और लखनऊ में ₹12 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा 18 और प्रस्ताव भी मिले हैं।
विभाग ने निवेशकों को डेयरी सेक्टर के विकास के लिए उपलब्ध योजनाओं के बारे में भी बताया। प्रोजेक्ट लागू करने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई।
इस तरह बातचीत में प्रस्तावित निवेश के साथ-साथ राज्य के डेयरी सेक्टर में प्रोजेक्ट लगाने और उन्हें विकसित करने से जुड़ी जरूरतों पर भी चर्चा हुई।
विभाग करेगा प्रस्तावों की जांच
डेयरी कमिश्नर ने कहा कि नियमों के मुताबिक डेयरी विभाग इन प्रस्तावों की जांच करेगा।
विभाग का बताया गया उद्देश्य निजी निवेश के जरिए डेयरी उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना, आधुनिक डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना और डेयरी प्रोडक्ट्स में वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देना है।
ये निवेश प्रस्ताव एक बड़ी कोशिश से जुड़े हैं। इस कोशिश का मकसद आधुनिक तकनीक और इनोवेशन के जरिए डेयरी उत्पादन को प्रोसेसिंग, क्वालिटी कंट्रोल और मार्केटिंग से जोड़ना है।
धनलक्ष्मी के. ने कहा कि मकसद किसानों और कारोबारियों की आय बढ़ाने के साथ-साथ “उत्पादन से लेकर मार्केटिंग तक डेयरी का पूरा चक्र पूरा करना” है।
उन्होंने विभाग के इस उद्देश्य को उत्तर प्रदेश के डेयरी सेक्टर के जरिए एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने से भी जोड़ा।
ट्रेड शो में मिले ये प्रस्ताव डेयरी विभाग को ऐसे संभावित डेयरी प्रोजेक्ट की एक सूची देते हैं, जिनकी लागू नियमों के तहत जांच की जानी है। साथ ही, इन प्रस्तावों से उन क्षेत्रों का भी पता चलता है, जिन्हें विभाग ने निजी निवेश और आधुनिकीकरण के लिए चिन्हित किया है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तर प्रदेश को डेयरी सेक्टर में कितने निवेश प्रस्ताव मिले हैं?
उत्तर प्रदेश को डेयरी सेक्टर में कुल ₹695.18 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
ये निवेश प्रस्ताव किस मौके पर हुई बातचीत के बाद मिले?
ये प्रस्ताव इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चौथे संस्करण के दौरान हुई बातचीत के बाद मिले।
ऐस इंटरनेशनल लिमिटेड ने कितने निवेश का प्रस्ताव दिया है?
ऐस इंटरनेशनल लिमिटेड ने ₹457 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है।
अंजुम डेयरी किन जगहों पर प्लांट लगाएगी?
अंजुम डेयरी ने मुरादाबाद और रामपुर में प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है।
डेयरी विभाग इन प्रस्तावों के साथ क्या करेगा?
डेयरी विभाग नियमों के मुताबिक इन प्रस्तावों की जांच करेगा।
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