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अमेरिका-चीन के सैन्य रिश्ते को पेंटागन ने बताया 'मजबूत'

पेंटागन अधिकारी ने अमेरिका-चीन सैन्य रिश्तों को बताया ‘मजबूत’ अमेरिका-चीन सैन्य संबंधों में प्रगति पर पेंटागन अधिकारी का बयान एक अहम कूटनीतिक कदम के तहत, अमेरिकी डिप्टी असिस्टेंट डिफेंस सेक्रेटरी

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अमेरिका-चीन सैन्य संबंधों में प्रगति पर पेंटागन अधिकारी का बयान

एक अहम कूटनीतिक कदम के तहत, अमेरिकी डिप्टी असिस्टेंट डिफेंस सेक्रेटरी अल्वारो स्मिथ ने अमेरिका और चीन के बीच मजबूत होते सैन्य रिश्तों की तारीफ की। यह बयान उन्होंने चीनी एम्बेसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया।

स्मिथ ने कहा, “सेक्रेटरी (पीट) हेगसेथ के नेतृत्व में हम एक बार टूट चुके सैन्य-से-सैन्य चैनल को फिर से सुधारने में जुटे हैं और इसमें साफ और स्थिर प्रगति हो रही है।” उन्होंने दोनों देशों की सेनाओं के बीच भरोसा और बातचीत को फिर से बहाल करने की हालिया कोशिशों पर जोर दिया।

शांतिपूर्ण जुड़ाव की ओर

स्मिथ ने यह भी साफ किया कि वॉशिंगटन का मकसद बीजिंग के साथ किसी तरह का टकराव नहीं है। इसके बजाय, वह शांति और आपसी सम्मान पर आधारित रिश्ते की वकालत कर रहे हैं। उन्होंने सैन्य जुड़ाव के लिए एक नई रणनीति का जिक्र किया, जिसमें “स्पष्ट, सम्मानजनक और खुली बातचीत” पर फोकस है, ताकि तनाव को कम किया जा सके।

उन्होंने कहा, “यही तरीका है जिससे दो ताकतवर सेनाओं को जुड़ना चाहिए, और पिछले डेढ़ साल में हमने इसे हकीकत बना दिया है।” स्मिथ ने खुली बातचीत को प्राथमिकता देने की बात कही ताकि दोनों देशों की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाया जा सके और तनाव कम किया जा सके।

इसका महत्व

स्मिथ का यह बयान ऐसे समय आया है जब भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। यह दुनिया के सबसे अहम द्विपक्षीय रिश्तों में स्थिरता लाने की कोशिश को दर्शाता है। ताइवान से लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा तक के मुद्दों के बीच अमेरिका और चीन इस जटिल रिश्ते को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सैन्य-से-मिलिट्री जुड़ाव गलतफहमियों को रोकने और सहयोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

यह कार्यक्रम अमेरिका-चीन रिश्तों में एक दुर्लभ सकारात्मक पल लेकर आया, जहां दोनों पक्ष शांति और सम्मान बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध नजर आए।

स्रोत: South China Morning Post

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