अमेरिकी कांग्रेस हर साल चीन का दौरा करेगी, संबंध सुधारने की कोशिश
अमेरिकी कांग्रेस का दल हर साल करेगा चीन का दौरा, ट्रेड मिशन के बाद लिया फैसला अमेरिका की एक कांग्रेस सलाहकार संस्था ने ऐलान किया है कि वह हर साल चीन का दौरा करेगी।
अमेरिका की एक कांग्रेस सलाहकार संस्था ने ऐलान किया है कि वह हर साल चीन का दौरा करेगी। हाल ही में बीजिंग, शंघाई और हांगझोउ में एक फैक्ट-फाइंडिंग मिशन के बाद यह फैसला लिया गया है। यह 2019 के बाद का पहला ऐसा दौरा था। इस पहल का मकसद अमेरिका-चीन रिश्तों को बेहतर समझना और बदलते हालात के साथ तालमेल बैठाना है।
डिप्लोमैट्स, अधिकारियों और बिज़नेस प्रतिनिधियों से मुलाकात
यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन (USCC) के प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरे के दौरान अमेरिकी राजनयिकों, चीनी सरकारी अधिकारियों, थिंक टैंक्स और दोनों देशों के बिज़नेस प्रतिनिधियों से मुलाकात की। हालांकि, कमीशन ने यह नहीं बताया कि किन चीनी अधिकारियों से मुलाकात हुई या इन खास शहरों को ही क्यों चुना गया।
कमीशन के वाइस चेयर माइक कुइकेन ने नियमित बातचीत की अहमियत पर जोर देते हुए कहा, "हम हर साल लौटने और बातचीत के दायरे को और बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि हमारा विश्लेषण इस रिश्ते की रफ्तार के साथ कदमताल कर सके।"
टेक्नोलॉजी कंपनियों तक पहुंच नहीं मिली
हालांकि, इस दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल उन चीनी टेक्नोलॉजी कंपनियों से मिलने में असमर्थ रहा, जिनसे वह बातचीत करना चाहता था। USCC ने इस बाधा के पीछे की वजहों पर कोई जानकारी नहीं दी।
इस दौरे की अहमियत
साल 2000 में स्थापित USCC, अमेरिका के सांसदों को चीन से जुड़े ट्रेड और नेशनल सिक्योरिटी मुद्दों पर सलाह देता है। इसके सालाना रिपोर्ट्स पॉलिसी फैसलों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में यह दौरे दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम हैं। मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच इन दौरों की बहाली एक सतर्क कोशिश को दर्शाती है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमेरिकी कांग्रेस हर साल चीन जाने का फैसला क्यों लिया?
यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन (USCC) ने यह फैसला बीजिंग, शंघाई और हांगझोउ में एक फैक्ट-फाइंडिंग मिशन के बाद लिया। इसका मकसद अमेरिका-चीन रिश्तों को बेहतर समझना और बदलते हालात के साथ तालमेल बैठाना है।
यह 2019 के बाद पहला दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह 2019 के बाद का पहला ऐसा दौरा था। मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच इन दौरों की बहाली दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की एक अहम कोशिश को दर्शाती है।
इस दौरे में किन लोगों से मुलाकात की गई?
USCC के प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी राजनयिकों, चीनी सरकारी अधिकारियों, थिंक टैंक्स और दोनों देशों के बिज़नेस प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
दौरे के दौरान क्या परेशानी आई?
प्रतिनिधिमंडल उन चीनी टेक्नोलॉजी कंपनियों से मिलने में असमर्थ रहा, जिनसे वह बातचीत करना चाहता था। USCC ने इस बाधा के पीछे की वजहों पर कोई जानकारी नहीं दी।
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