अमेरिका समर्थित कजाकिस्तान की टंग्स्टन परियोजनाएं चीन की पकड़ ढीली करने में जुटीं
अमेरिका समर्थित कजाकिस्तान की खन परियोजनाएं टंग्स्टन की नई सप्लाई चेन बना रही हैं, जिससे चीन के दबदबे को चुनौती मिल सकती है।
चीन दशकों से टंग्स्टन के कारोबार पर हावी है। क्या मध्य एशिया में अमेरिका का पैसा उसकी पकड़ ढीली कर सकता है?
अमेरिका के समर्थन वाली कजाकिस्तान की खन परियोजनाएं टंग्स्टन के लिए एक नई सप्लाई चेन बनाने की कोशिश कर रही हैं। इससे यह मध्य एशियाई देश, इस धातु पर चीन की पकड़ कम करने की कोशिशों के केंद्र में आ गया है। ये परियोजनाएं ऐसे उद्योग में मुकाबला कर रही हैं, जहां चीन के निवेश की पहले से काम कर रही मौजूदगी है। विश्लेषकों का कहना है कि चीन की बढ़त को पीछे छोड़ना मुश्किल होगा।
कजाकिस्तान सप्लाई चेन बनाने की कोशिश का केंद्र बनता जा रहा है
चीन दशकों से टंग्स्टन पर हावी है और इस दबदबे को ढीला करने की कोशिश अब कजाकिस्तान की ओर बढ़ रही है। अमेरिका के समर्थन वाली इन परियोजनाओं का मकसद ऐसे उद्योग में उतरना नहीं है, जहां कोई बड़ी कंपनी या ताकत पहले से मौजूद न हो। उनका मकसद पहले से बने चीनी असर के मुकाबले खड़ा होना है। इसी वजह से कजाकिस्तान इस धातु के लिए नई सप्लाई चेन खड़ी करने की अमेरिकी कोशिशों में केंद्रीय भूमिका में है।
सप्लाई की कमी से बना दबाव सिर्फ खन और निवेश तक सीमित नहीं है। इसका असर दूसरे क्षेत्रों में भी दिख रहा है। दुनिया भर में टंग्स्टन की कमी से ड्रिल बिट बनाने की लागत बढ़ रही है। ऐसे में अमेरिका की तेल-क्षेत्र उपकरण बनाने वाली कंपनियां अपने सबसे अहम औजारों में से एक को नए तरीके से डिजाइन कर रही हैं। अल्टेरा ड्रिलिंग टेक्नोलॉजीज के मुताबिक, पिछले एक साल में ड्रिल बिट बनाने की लागत 50 प्रतिशत तक बढ़ गई थी।
अल्टेरा अब स्टील बॉडी वाले मॉडल की ओर अपना उत्पादन बढ़ा रही है। यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जबकि आम तौर पर ज्यादा टंग्स्टन वाले बिट्स सख्त और घिसने वाली चट्टानों को काटते वक्त ज्यादा समय तक चलते हैं। यही फर्क वैकल्पिक सप्लाई तलाशने के पीछे मौजूद औद्योगिक दबाव को दिखाता है। हालांकि, कजाकिस्तान की इस कोशिश का नतीजा अभी भी साफ नहीं है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
टंग्स्टन के कारोबार पर किस देश का दबदबा है?
चीन दशकों से टंग्स्टन के कारोबार पर हावी है।
कजाकिस्तान की टंग्स्टन परियोजनाओं का मकसद क्या है?
इन परियोजनाओं का मकसद टंग्स्टन के लिए नई सप्लाई चेन बनाना और चीन की पकड़ कम करना है।
टंग्स्टन की कमी का ड्रिल बिट उद्योग पर क्या असर पड़ा है?
टंग्स्टन की कमी से ड्रिल बिट बनाने की लागत बढ़ गई है। अल्टेरा ड्रिलिंग टेक्नोलॉजीज के मुताबिक, पिछले एक साल में लागत 50 प्रतिशत तक बढ़ी।
अल्टेरा ड्रिलिंग टेक्नोलॉजीज क्या बदलाव कर रही है?
अल्टेरा स्टील बॉडी वाले ड्रिल बिट मॉडल का उत्पादन बढ़ा रही है।
कजाकिस्तान की कोशिश का नतीजा अभी कैसा है?
कजाकिस्तान की इस कोशिश का नतीजा अभी साफ नहीं है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।