एक अक्टूबर 2026 से पाइपलाइन से खराब गांवों की सड़कें सुधारेगा जल निगम
अधिशासी अभियन्ता, जल निगम मोहम्मद इमरान ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) 01 अक्टूबर 2026 से बड़ा रोड रेस्टोरेशन अभियान शुरू कर
अधिशासी अभियन्ता, जल निगम मोहम्मद इमरान ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के लिए उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) 01 अक्टूबर 2026 से बड़ा रोड रेस्टोरेशन अभियान शुरू कर रहा है। यह अभियान जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए बिछाई गई पाइपलाइन के बाद खराब हुई सड़कों को दुरुस्त करने पर केंद्रित होगा।
मोहम्मद इमरान के मुताबिक, अगर किसी गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क अभी तक ठीक नहीं हुई है, तो ग्रामीण जल सारथी ऐप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए सड़क की मौजूदा स्थिति की फोटो और वीडियो भेजनी होगी। शिकायत मिलते ही उसका तत्काल संज्ञान लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के जरिए सड़क के दुरुस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए सड़कों को चिह्नित कर लिया गया है। प्राप्त शिकायतों की निगरानी उत्तर प्रदेश जलनिगम ( ग्रामीण) मुख्यालय स्तर से की जा रही है। यानी गांवों से आने वाली सड़क संबंधी शिकायतों पर प्रदेश मुख्यालय की भी नजर रहेगी।
उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की ओर से जनपद के 361 गांवों में पेयजलापूर्ति की जा रही है। शेष गांवों में पेयजलापूर्ति शुरू करने की चरणबद्ध प्रक्रिया चल रही है। घर-घर तक पानी पहुंचाने के लिए जनपद में बिछाई गई पाइपलाइन और पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों का पूरा विवरण संकलित किया गया है।
जनपद में 330 नग योजना पेयजलापूर्ति के लिए कुल 4023 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है। इस पाइपलाइन को बिछाने के लिए कुल 1337 किलोमीटर सड़क को तोड़ने या खोदने की जरूरत पड़ी। इनमें से 1266 किलोमीटर सड़क का मरम्मत और दुरुस्तीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है। अब शेष 71 किलोमीटर सड़क को दुरुस्त करने के लिए वृहद स्तर पर अभियान शुरू किया जा रहा है।
जल निगम (ग्रामीण) ने ग्रामीणों से कहा है कि वे सड़क की समस्या बताने के लिए अपने मोबाइल में जल सारथी ऐप इंस्टॉल करें। इस ऐप पर रोड रेस्टोरेशन अभियान को देखते हुए विशेष सुविधा दी गई है। ऐप का लिंक https://play.google.com/store/apps/details?id=com.jal.sarthi है।
ऐप खोलने के बाद ‘सड़क पुनर्स्थापना/मरम्मत अभियान’ के विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति को अपना नाम, गांव का नाम और पूरा पता भरना होगा। इसके साथ सड़क की स्थिति से जुड़ी फोटो और वीडियो अपलोड करनी होगी। इसके बाद प्राप्त शिकायत को संबंधित अधिकारियों तक भेजा जाएगा और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गांवों में पेयजल योजनाओं से संबंधित शिकायतों के लिए टोल-फ्री नंबर, जल समाधान ऐप सहित अलग-अलग माध्यम पहले से उपलब्ध हैं। इन माध्यमों से सड़क संबंधी शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है। लेकिन रोड रेस्टोरेशन अभियान को देखते हुए जल सारथी ऐप पर अलग से खास सुविधा दी गई है, ताकि ग्रामीण सीधे फोटो और वीडियो के साथ शिकायत भेज सकें।
मोहम्मद इमरान ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान प्रदेश में अलग-अलग प्रकार की सड़कों को खोदने की जरूरत पड़ी। पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा होने के बाद अधिकांश सड़कों का पुनर्स्थापना कार्य कराया जा चुका है। अब जो सड़कें बाकी हैं, उनके पुनर्स्थापना कार्य के लिए 01 अक्टूबर से प्रदेशभर में एक साथ वृहद रोड रेस्टोरेशन अभियान शुरू किया जा रहा है।
अभियान के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों के पुनर्स्थापना और दुरुस्तीकरण का काम युद्धस्तर पर कराया जाएगा। जल निगम (ग्रामीण) का कहना है कि ग्रामीणों से मिलने वाली फोटो और वीडियो वाली शिकायतों को सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि जिन जगहों पर पाइपलाइन के बाद सड़कें अब तक दुरुस्त नहीं हुई हैं, वहां मरम्मत की कार्रवाई कराई जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जल निगम का रोड रेस्टोरेशन अभियान कब शुरू होगा?
उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) यह अभियान 1 अक्टूबर 2026 से शुरू करेगा। इसमें पाइपलाइन बिछाने के बाद खराब हुई गांवों की सड़कों की मरम्मत की जाएगी।
किस तरह की सड़कों की मरम्मत की जाएगी?
जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए जिन ग्रामीण सड़कों को खोदा गया था और जो अब तक ठीक नहीं हुई हैं, उन्हें दुरुस्त किया जाएगा।
गांव के लोग सड़क खराब होने की शिकायत कैसे कर सकते हैं?
ग्रामीण अपने मोबाइल में जल सारथी ऐप इंस्टॉल कर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। ऐप में ‘सड़क पुनर्स्थापना/मरम्मत अभियान’ विकल्प पर क्लिक कर नाम, गांव, पता, फोटो और वीडियो अपलोड करनी होगी।
शिकायत करने के बाद क्या होगा?
शिकायत संबंधित अधिकारियों तक भेजी जाएगी। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) मुख्यालय स्तर से भी इसकी निगरानी होगी और सड़क मरम्मत की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनपद में कितनी सड़क की मरम्मत बाकी है?
जनपद में पाइपलाइन के लिए कुल 1337 किलोमीटर सड़क खोदी गई थी। इनमें से 1266 किलोमीटर की मरम्मत हो चुकी है और करीब 71 किलोमीटर सड़क अभी दुरुस्त की जानी बाकी है।
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